{"_id":"5e4593c18ebc3ee61b2d474b","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd1941036190","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुगर मिलों को 14 दिन में भुगतान के आदेश हवाई, जून महीने तक किसानों के खाते में पहुंच सकेगा पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुगर मिलों को 14 दिन में भुगतान के आदेश हवाई, जून महीने तक किसानों के खाते में पहुंच सकेगा पैसा
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शुगर मिलों ने जून माह तक भुगतान का किया दावा
हापुड़। शासन भले ही किसानों को 14 दिन में गन्ना भुगतान दिलाने का दावा कर रही है। लेकिन शुगर मिलों ने इस भ्रम को दूर कर किसानों से जून महीने तक भुगतान करने की अपील की है। बढ़ा कोटा प्रभावी हुआ तो मार्च 2020 तक भुगतान किया जा सकता है। गांवों में चस्पा इस नोटिस ने हजारों किसानों में अफरा तफरी मचा दी है। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने भी नोटिस का संज्ञान लिया है और कार्रवाई की बात कही है।
जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। हापुड़ की दोनों शुगर मिलों ने किसानों को पेराई सत्र 2019-20 का भी पूरा भुगतान नहीं किया है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार इस सत्र का दोनों मिलों पर अभी भी करीब 200 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। वर्तमान सत्र का बकाया भी करीब 340 करोड़ रुपये हो गया है। ऐसे में जिले के किसानों का 500 करोड़ से अधिक पैसा दोनों मिल दबाए बैठे हैं।
आए दिन किसान संगठन जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर, आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। शासन ने किसानों को 14 दिन में भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन चीनी मिलों ने इस आदेश को ठेंगा दिखा दिया है। इन दिनों मिल द्वारा गांवों में अपील पत्र बांटे जा रहे हैं। इसमें किसानों से स्पष्ट अपील की गई है कि बढ़ा कोटा यदि प्रभावी हुआ तो मार्च 2020 तक पेमेंट कर दिया जाएगा। लेकिन कोटा नहीं बढ़ा तो जून महीने तक भुगतान होगा। इस अपील के मिलने से किसानों में अफरा तफरी मच गई है।
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इस अपील पत्र से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शुगर मिलों को जिला प्रशासन या शासन का कतई भय नहीं है। यही कारण है कि इस तरह के नोटिस चस्पा कर सरकार की छवि को भी धुमिल किया जा रहा है।
फरवरी महीने में बढ़ा चीनी मिल का कोटा
गन्ना विभाग के अनुसार सिंभावली शुगर मिल का चीनी बिक्री कोटा बढ़ाकर एक लाख क्विंटल कर दिया गया है, जो बीते महीने करीब 60 हजार क्विंटल था। ऐसे में जल्द भुगतान की उम्मीद जग रही हैं।
क्या कहते हैं किसान
भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि शुगर मिल द्वारा इस तरह के अपील के नोटिस बांटे जा रहे हैं। मिल अधिकारी शासन, प्रशासन का भय नहीं मान रहे हैं। ऐसे में किसानों का शोषण हो रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि मिल के अधिकारी भुगतान दिलाने के बजाय किसानों का शोषण कर रहे हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर, मिल पर कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी। भुगतान में विलंब नहीं होने दिया जाएगा।
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हापुड़। शासन भले ही किसानों को 14 दिन में गन्ना भुगतान दिलाने का दावा कर रही है। लेकिन शुगर मिलों ने इस भ्रम को दूर कर किसानों से जून महीने तक भुगतान करने की अपील की है। बढ़ा कोटा प्रभावी हुआ तो मार्च 2020 तक भुगतान किया जा सकता है। गांवों में चस्पा इस नोटिस ने हजारों किसानों में अफरा तफरी मचा दी है। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने भी नोटिस का संज्ञान लिया है और कार्रवाई की बात कही है।
जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। हापुड़ की दोनों शुगर मिलों ने किसानों को पेराई सत्र 2019-20 का भी पूरा भुगतान नहीं किया है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार इस सत्र का दोनों मिलों पर अभी भी करीब 200 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। वर्तमान सत्र का बकाया भी करीब 340 करोड़ रुपये हो गया है। ऐसे में जिले के किसानों का 500 करोड़ से अधिक पैसा दोनों मिल दबाए बैठे हैं।
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आए दिन किसान संगठन जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर, आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। शासन ने किसानों को 14 दिन में भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन चीनी मिलों ने इस आदेश को ठेंगा दिखा दिया है। इन दिनों मिल द्वारा गांवों में अपील पत्र बांटे जा रहे हैं। इसमें किसानों से स्पष्ट अपील की गई है कि बढ़ा कोटा यदि प्रभावी हुआ तो मार्च 2020 तक पेमेंट कर दिया जाएगा। लेकिन कोटा नहीं बढ़ा तो जून महीने तक भुगतान होगा। इस अपील के मिलने से किसानों में अफरा तफरी मच गई है।
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इस अपील पत्र से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शुगर मिलों को जिला प्रशासन या शासन का कतई भय नहीं है। यही कारण है कि इस तरह के नोटिस चस्पा कर सरकार की छवि को भी धुमिल किया जा रहा है।
फरवरी महीने में बढ़ा चीनी मिल का कोटा
गन्ना विभाग के अनुसार सिंभावली शुगर मिल का चीनी बिक्री कोटा बढ़ाकर एक लाख क्विंटल कर दिया गया है, जो बीते महीने करीब 60 हजार क्विंटल था। ऐसे में जल्द भुगतान की उम्मीद जग रही हैं।
क्या कहते हैं किसान
भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि शुगर मिल द्वारा इस तरह के अपील के नोटिस बांटे जा रहे हैं। मिल अधिकारी शासन, प्रशासन का भय नहीं मान रहे हैं। ऐसे में किसानों का शोषण हो रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि मिल के अधिकारी भुगतान दिलाने के बजाय किसानों का शोषण कर रहे हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर, मिल पर कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी। भुगतान में विलंब नहीं होने दिया जाएगा।