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करोड़ो का विकास कराने वाली पालिका में ही जलभराव
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शहर के विकास का दम भरने वाली पालिका में ही जलभराव
हापुड़। नगर पालिका भले ही शहर में करोड़ो रुपये की धनराशि से शहर में विकास की अविरल धारा बहाने का दंभ भर रही हो, लेकिन पालिका परिसर से ही विकास का पहिया नहीं चल पा रहा है। इसकी पोल मंगलवार को हल्की बूंदाबांदी ने ही खोलकर रख दी। हल्की बारिश से पालिका परिसर में भी जलभराव होने से पालिका कर्मचारियों को परेशानी हुई। जगह-जगह गंदगी ने स्वच्छता की भी पोल खोल दी।
नगर पालिका परिषद हापुड़ में 41 वार्ड हैं। पालिका शहरवासियों से जल व घर कर वसूल कर रही है। इसके एवज में सड़क, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश पथ, सुंदरीकरण आदि जैसी सुविधाएं मुहैया करा रही है। लेकिन धरातल पर विकास का पहिया घूमता नहीं दिख रहा है।
पालिका परिसर में ही विकास की गंगा सूखी दिखाई दे रही है। मंगलवार को हुई बारिश से पालिका के विकास कार्यों की परत दर परत पोल खोल दी। पालिका परिसर में ही मुख्य सफाई निरीक्षक कार्यालय के निकट जलभराव की समस्या रही। ऐसे में पालिका कर्मचारियों को सफाई निरीक्षक कार्यालय से लोक निर्माण विभाग कार्यालय की ओर आवागमन में परेशानी हुई। स्वयं पालिका कर्मचारियों केा ईंट डालकर व साइड से होकर बचकर निकलना पड़ा।
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वहीं मुख्य सफाई निरीक्षक कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने जलभराव को लेकर भी नाराजगी जताई। पालिका के विकास कार्यों कराने की पद्धति पर प्रश्न चिन्ह लगाए।
सड़कों से लेकर मोहल्लों में गंदगी
मंगलवार को हुई बारिश से बुलंदशहर रोड, मेरठ रोड, दोयमी रोड, तहसील चौपले, अपना घर कॉलोनी के गेट सहित कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या देखने को मिली। कीचड़ व जलभराव की वजह से लोगों को परेशानियों सामना करना पड़ा। कई लोग कीचड़ होने की वजह से गिर भी गए।
बरसात में रहती है समस्या
भले ही बरसात किसानों के लिए राहत देती हो, लेकिन सावन की बारिश नगर पालिका परिषद हापुड़ के लिए परेशानी ही लाती है। फिर शहर के नाले हो, सड़क हो या फिर नगर पालिका परिसर ही क्यों ना हो? बरसात के दिनों में पालिका परिसर में जलभराव हो जाता है। ऐसे में पालिका से होकर पुरानी कलक्ट्रेट व कोठीगेट जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
विगत दो बोर्ड बैठक में प्रस्तावों की भरमार
विगत दो पालिका बोर्ड बैठक में सैकड़ों प्रस्ताव पास हो चुके हैं। 22 सितंबर 2019 को हुई बोर्ड बैठक में 186 प्रस्ताव करीब 19 करोड़ की धनराशि खर्च व 27 जनवरी 2020 को हुई बोर्ड बैठक में 161 प्रस्ताव करीब 18 करेाड़ धनराशि के प्रस्तावों पर मोहर लगाई गई है। फिर भी पालिका परिसर को जलभराव की समस्या से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
सड़कों की सफाई नहीं होने से फैलती है कीचड़
हालांकि नगर पालिका परिषद हापुड़ ने लाखो रुपये की लागत से सड़क की सफाई करने के लिए स्विपिंग मशीन खरीद रखी है। बाकायदा मशीन का रखरखाव व चलाने का खर्चा भी वहन होता है, लेकिन मशीन के कम चलाने और सड़क किनारे जमी मिट्टी की सफाई नहीं होने से बरसात होने पर कीचड़ जैसी समस्या उभर आती है। अगर स्विपिंग मशीन नियमित चलवाया जाए तो धूल व कीचड़ की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
नगर पालिकाध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत ने बताया कि पालिका परिसर का लेवल सड़क से काफी नीचा है। जल्द ही पालिका सभागार की मरम्मतीकरण व तीनों गेटों का निर्माण कार्य होने के बाद लेवल को ऊंचा उठाया जाएगा। आने वाले समय में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
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हापुड़। नगर पालिका भले ही शहर में करोड़ो रुपये की धनराशि से शहर में विकास की अविरल धारा बहाने का दंभ भर रही हो, लेकिन पालिका परिसर से ही विकास का पहिया नहीं चल पा रहा है। इसकी पोल मंगलवार को हल्की बूंदाबांदी ने ही खोलकर रख दी। हल्की बारिश से पालिका परिसर में भी जलभराव होने से पालिका कर्मचारियों को परेशानी हुई। जगह-जगह गंदगी ने स्वच्छता की भी पोल खोल दी।
नगर पालिका परिषद हापुड़ में 41 वार्ड हैं। पालिका शहरवासियों से जल व घर कर वसूल कर रही है। इसके एवज में सड़क, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश पथ, सुंदरीकरण आदि जैसी सुविधाएं मुहैया करा रही है। लेकिन धरातल पर विकास का पहिया घूमता नहीं दिख रहा है।
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पालिका परिसर में ही विकास की गंगा सूखी दिखाई दे रही है। मंगलवार को हुई बारिश से पालिका के विकास कार्यों की परत दर परत पोल खोल दी। पालिका परिसर में ही मुख्य सफाई निरीक्षक कार्यालय के निकट जलभराव की समस्या रही। ऐसे में पालिका कर्मचारियों को सफाई निरीक्षक कार्यालय से लोक निर्माण विभाग कार्यालय की ओर आवागमन में परेशानी हुई। स्वयं पालिका कर्मचारियों केा ईंट डालकर व साइड से होकर बचकर निकलना पड़ा।
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वहीं मुख्य सफाई निरीक्षक कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने जलभराव को लेकर भी नाराजगी जताई। पालिका के विकास कार्यों कराने की पद्धति पर प्रश्न चिन्ह लगाए।
सड़कों से लेकर मोहल्लों में गंदगी
मंगलवार को हुई बारिश से बुलंदशहर रोड, मेरठ रोड, दोयमी रोड, तहसील चौपले, अपना घर कॉलोनी के गेट सहित कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या देखने को मिली। कीचड़ व जलभराव की वजह से लोगों को परेशानियों सामना करना पड़ा। कई लोग कीचड़ होने की वजह से गिर भी गए।
बरसात में रहती है समस्या
भले ही बरसात किसानों के लिए राहत देती हो, लेकिन सावन की बारिश नगर पालिका परिषद हापुड़ के लिए परेशानी ही लाती है। फिर शहर के नाले हो, सड़क हो या फिर नगर पालिका परिसर ही क्यों ना हो? बरसात के दिनों में पालिका परिसर में जलभराव हो जाता है। ऐसे में पालिका से होकर पुरानी कलक्ट्रेट व कोठीगेट जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
विगत दो बोर्ड बैठक में प्रस्तावों की भरमार
विगत दो पालिका बोर्ड बैठक में सैकड़ों प्रस्ताव पास हो चुके हैं। 22 सितंबर 2019 को हुई बोर्ड बैठक में 186 प्रस्ताव करीब 19 करोड़ की धनराशि खर्च व 27 जनवरी 2020 को हुई बोर्ड बैठक में 161 प्रस्ताव करीब 18 करेाड़ धनराशि के प्रस्तावों पर मोहर लगाई गई है। फिर भी पालिका परिसर को जलभराव की समस्या से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
सड़कों की सफाई नहीं होने से फैलती है कीचड़
हालांकि नगर पालिका परिषद हापुड़ ने लाखो रुपये की लागत से सड़क की सफाई करने के लिए स्विपिंग मशीन खरीद रखी है। बाकायदा मशीन का रखरखाव व चलाने का खर्चा भी वहन होता है, लेकिन मशीन के कम चलाने और सड़क किनारे जमी मिट्टी की सफाई नहीं होने से बरसात होने पर कीचड़ जैसी समस्या उभर आती है। अगर स्विपिंग मशीन नियमित चलवाया जाए तो धूल व कीचड़ की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
नगर पालिकाध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत ने बताया कि पालिका परिसर का लेवल सड़क से काफी नीचा है। जल्द ही पालिका सभागार की मरम्मतीकरण व तीनों गेटों का निर्माण कार्य होने के बाद लेवल को ऊंचा उठाया जाएगा। आने वाले समय में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।