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तहसील में भ्रष्टाचार के विरोध में भाकियू का धरना
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तहसील में भ्रष्टाचार के विरोध में भाकियू का धरना
हापुड़। तहसील में भ्रष्टाचार के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर, अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। पराली जलाने पर किसानों पर कार्रवाई किए जाने का विरोध किया। वहीं, भुगतान न होने तक किसानों की आरसी जारी न किए जाने की मांग उठाई।
भाकियू के मंडल सचिव ज्ञानेश्वर त्यागी व जिलाध्यक्ष बबली सिंह ने कहा कि तहसील में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। दाखिल खारिज, जाति, मूल निवास, आय प्रमाण पत्र संबंधी कोई भी कार्य बिना पैसे लिए नहीं किया जाता है। दयानगर में शमशान की व्यवस्था नहीं है, ग्रामीणों को शवों का अंतिम संस्कार अपने खेतों पर ही करना पड़ता है। गांव में सरकारी जमीन होने के बावजूद तहसील के अधिकारी उस पर श्मशान बनाने की सहमति नहीं दे रहे हैं।
औद्योगिक इकाईयां जमकर प्रदूषण फैला रही हैं, लेकिन उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती। पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन समस्याओं के विरोध में कार्यकर्ताओं ने तहसील में जोरदार प्रदर्शन कर, अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
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इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार ने कार्यकर्ताओं की मांग पर खड़खड़ी, हरसिंहपुर, सादिकपुर के किसानों के दाखिल खारिज, विरासत के नाम चढ़वाएं। साथ ही अन्य मांगों के निस्तारण का आश्वासन मिला।
धरना प्रदर्शन करने वालों में हबीब चौधरी, शोभाराम, दिनेश त्यागी, संदीप चौधरी, शब्बू चौधरी, उदयवीर सिंह, श्याम सुंदर त्यागी, भगतराम सिंह, सचिन त्यागी, कुलदीप सिंह, मोहित त्यागी, मुन्ना सिंह, चौधरी अमरपाल सिंह, इकराम खां, ताज मोहम्मद, फूल सिंह चौधरी, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। तहसील में भ्रष्टाचार के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर, अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। पराली जलाने पर किसानों पर कार्रवाई किए जाने का विरोध किया। वहीं, भुगतान न होने तक किसानों की आरसी जारी न किए जाने की मांग उठाई।
भाकियू के मंडल सचिव ज्ञानेश्वर त्यागी व जिलाध्यक्ष बबली सिंह ने कहा कि तहसील में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। दाखिल खारिज, जाति, मूल निवास, आय प्रमाण पत्र संबंधी कोई भी कार्य बिना पैसे लिए नहीं किया जाता है। दयानगर में शमशान की व्यवस्था नहीं है, ग्रामीणों को शवों का अंतिम संस्कार अपने खेतों पर ही करना पड़ता है। गांव में सरकारी जमीन होने के बावजूद तहसील के अधिकारी उस पर श्मशान बनाने की सहमति नहीं दे रहे हैं।
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औद्योगिक इकाईयां जमकर प्रदूषण फैला रही हैं, लेकिन उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती। पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन समस्याओं के विरोध में कार्यकर्ताओं ने तहसील में जोरदार प्रदर्शन कर, अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
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इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार ने कार्यकर्ताओं की मांग पर खड़खड़ी, हरसिंहपुर, सादिकपुर के किसानों के दाखिल खारिज, विरासत के नाम चढ़वाएं। साथ ही अन्य मांगों के निस्तारण का आश्वासन मिला।
धरना प्रदर्शन करने वालों में हबीब चौधरी, शोभाराम, दिनेश त्यागी, संदीप चौधरी, शब्बू चौधरी, उदयवीर सिंह, श्याम सुंदर त्यागी, भगतराम सिंह, सचिन त्यागी, कुलदीप सिंह, मोहित त्यागी, मुन्ना सिंह, चौधरी अमरपाल सिंह, इकराम खां, ताज मोहम्मद, फूल सिंह चौधरी, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।