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सीएचसी के बाहर इलाज के लिए तड़पती रही टीबी पीड़िता
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सीएचसी के बाहर इलाज के लिए तड़पती रही टीबी पीड़िता
हापुड़। गढ़ रोड स्थित सीएचसी पर बुधवार को एक टीबी पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों को साथ इलाज के लिए तड़पती रही। लेकिन चिकित्सकों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। ठंडे पत्थर की सीट पर लेटकर महिला घंटो तक कराहती रही। हालांकि बाद में महिला को दस्तोई रोड स्थित अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया। परेशान महिला उपचार की खानापूर्ति के बाद अपने घर लौट गई।
भारत सरकार की मंशा देश को टीबी मुक्त करना है। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर घर घर टीबी के मरीजों को खोजा जा रहा है। लेकिन अस्पतालों में टीबी के मरीजों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
बुधवार को गढ़ रोड स्थित सीएचसी पर भीमनगर निवासी लक्ष्मी अपने दो मासूम बच्चों के साथ पहुंची। उसकी हालत काफी खराब थी। प्राथमिक जांच में महिला में टीबी की पुष्टि की गई। लेकिन चिकित्सकों ने उसे देखना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में वह अस्पताल परिसर में बनी पत्थर की बैंच पर लेटकर खांसती और कराहती रही।
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उसके पास बैठे दो मासूम बच्चे चिकित्सकों से मन्नते करते रहे। लेकिन चिकित्सकों को महिला पर कतई दया नहीं आयी। आश्चर्य की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टीबी के मरीज को मुंह ढककर रखने की हिदायत देते हैं।
क्योंकि यह रोग तेजी से अन्य लोगों में फैल जाता है। अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में मरीज आए हुए थे। इनके बीच उक्त महिला के रहने से वहां टीबी का संक्रमण फैलने का भी भय बन रहा था। इतना ही नहीं उसके बच्चे भी पास ही में बैठे थे। लेकिन बीमारी का पता होने के बावजूद भी चिकित्सकों ने कोई सावधानी बरते जाने की पहल नहीं की।
घंटों तड़पने के बाद महिला को दस्तोई रोड स्थित टीबी अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया। बता दें कि सीएचसी से टीबी अस्पताल की दूरी करीब चार किलोमीटर है। ऐसे में वह महिला इतनी दूर चलने में असमर्थ थी। उपचार की खानापूर्ति होने के बाद वह अपने घर लौट गई।
फोटो संख्या--19
एक्सरे रूम से चिकित्सक नदारद, मरीज करते रहे इंतजार
हापुड़ सीएचसी के एक्सरे रूम का भगवान ही मालिक है। यहां एक्सरे करने वाला चिकित्सक अपने कार्यालय से नदारद रहते हैं। ऐसे में मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। बुधवार को भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया।
चिकित्सक के उपस्थित न होने के कारण एक्सरे कराने पहुंचे मरीज इधर उधर भटकते रहे। लेकिन राहत नहीं मिल सकी। मरीजों ने बताया कि उक्त चिकित्सक अक्सर अभद्रता करता रहता है। गांव ढहाना निवासी बुजुर्ग सद्दीक भी एक्सरे कराने के लिए फर्श पर लेटकर चिकित्सक के आने का इंतजार करता रहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उसकी कार्यप्रणाली को लेकर मूकदर्शक बने हैं।
-अधिकारी कहिन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि मरीजों के उपचार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच करा कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
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हापुड़। गढ़ रोड स्थित सीएचसी पर बुधवार को एक टीबी पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों को साथ इलाज के लिए तड़पती रही। लेकिन चिकित्सकों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। ठंडे पत्थर की सीट पर लेटकर महिला घंटो तक कराहती रही। हालांकि बाद में महिला को दस्तोई रोड स्थित अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया। परेशान महिला उपचार की खानापूर्ति के बाद अपने घर लौट गई।
भारत सरकार की मंशा देश को टीबी मुक्त करना है। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर घर घर टीबी के मरीजों को खोजा जा रहा है। लेकिन अस्पतालों में टीबी के मरीजों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
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बुधवार को गढ़ रोड स्थित सीएचसी पर भीमनगर निवासी लक्ष्मी अपने दो मासूम बच्चों के साथ पहुंची। उसकी हालत काफी खराब थी। प्राथमिक जांच में महिला में टीबी की पुष्टि की गई। लेकिन चिकित्सकों ने उसे देखना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में वह अस्पताल परिसर में बनी पत्थर की बैंच पर लेटकर खांसती और कराहती रही।
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उसके पास बैठे दो मासूम बच्चे चिकित्सकों से मन्नते करते रहे। लेकिन चिकित्सकों को महिला पर कतई दया नहीं आयी। आश्चर्य की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टीबी के मरीज को मुंह ढककर रखने की हिदायत देते हैं।
क्योंकि यह रोग तेजी से अन्य लोगों में फैल जाता है। अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में मरीज आए हुए थे। इनके बीच उक्त महिला के रहने से वहां टीबी का संक्रमण फैलने का भी भय बन रहा था। इतना ही नहीं उसके बच्चे भी पास ही में बैठे थे। लेकिन बीमारी का पता होने के बावजूद भी चिकित्सकों ने कोई सावधानी बरते जाने की पहल नहीं की।
घंटों तड़पने के बाद महिला को दस्तोई रोड स्थित टीबी अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया। बता दें कि सीएचसी से टीबी अस्पताल की दूरी करीब चार किलोमीटर है। ऐसे में वह महिला इतनी दूर चलने में असमर्थ थी। उपचार की खानापूर्ति होने के बाद वह अपने घर लौट गई।
फोटो संख्या--19
एक्सरे रूम से चिकित्सक नदारद, मरीज करते रहे इंतजार
हापुड़ सीएचसी के एक्सरे रूम का भगवान ही मालिक है। यहां एक्सरे करने वाला चिकित्सक अपने कार्यालय से नदारद रहते हैं। ऐसे में मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। बुधवार को भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया।
चिकित्सक के उपस्थित न होने के कारण एक्सरे कराने पहुंचे मरीज इधर उधर भटकते रहे। लेकिन राहत नहीं मिल सकी। मरीजों ने बताया कि उक्त चिकित्सक अक्सर अभद्रता करता रहता है। गांव ढहाना निवासी बुजुर्ग सद्दीक भी एक्सरे कराने के लिए फर्श पर लेटकर चिकित्सक के आने का इंतजार करता रहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उसकी कार्यप्रणाली को लेकर मूकदर्शक बने हैं।
-अधिकारी कहिन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि मरीजों के उपचार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच करा कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।