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हड़ताल से नवरात्रों में बढ़ सकती है रजिस्ट्री कार्यालय की टेंशन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 12:15 AM IST
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हड़ताल से नवरात्रों में बढ़ सकती है रजिस्ट्री कार्यालय की टेंशन
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हापुड़। चितौली रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्ट किये जाने के विरोध में बैनामा लेखकों की हड़ताल जारी है। नवरात्रों में हड़ताल से रजिस्ट्री कार्यालय की टेंशन बढ़ सकती है। इससे रजिस्ट्री कार्यालय के राजस्व को भी चपत लग रही है।
दस्तावेज लेखक समिति के बैनर तले बैनामा लेखक 13 सितंबर से हड़ताल पर हैं। बैनामा लेखक रजिस्ट्री कार्यालय के चितौली जाने का पूरी तरह से विरोध कर रहे हैं। वह चितौली में अन्य किसी विभाग का कार्यालय शिफ्ट कराने को लेकर एडीएम से भी मुलाकात कर चुके हैं। फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसको लेकर बैनामा लेखक 25 सितंबर से तहसील परिसर में सांकेतिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। प्रतिदिन समिति से जुड़े 15 लोग मांगों को लेेकर सांकेतिक भूख हड़ताल कर रहे हैं।
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चितौली मार्ग पर लूटपाट की वारदात का भय
बैनामा लेखक चितौली मार्ग को सुरक्षा के दृष्टिकोण से ठीक नहीं मान रहे हैं। दस्तावेज लेखक समिति के राजीव शर्मा ने बताया अभी रजिस्ट्री कार्यालय शहर के बीचों बीच सूर्यानगर में चल रहा है। देहात के गांव चितौली में कार्यालय शिफ्ट होने से लोगों को आठ किलोमीटर देहात में जाना होगा। चितौली मार्ग पर पूर्व में भी लूट जैसी वारदात हो चुकी हैं। वहीं प्रशासन बैनामा लेखकों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त कर चुका हैं। चतौली मार्ग पर सुरक्षा व्यस्था बेहतर करान े के लिये प्रशासन की एसपी से भी चर्चा हो चुकी है। जिससे बैनामा लेखक व आमजन को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
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प्रशासन के प्रति बढ़ने लगी नाराजगी
बैनामा लेखकों की हड़ताल को तहसील परिसर में जारी हुए करीब 18 दिन हो चुके हैं, लेकिन उनसे मिलने कोई भी प्रशासन का अफसर नहीं पहुंचा है। इससे बैनामा लेखकों में नाराजगी बढ़ने लगी है, जबकि बैनामा लेखक एडीएम व एसडीएम से भी मामले को अवगत करा चुके हैं।
हड़ताल की चिंगारी बदल सकती है ज्वाला में
गत दिनों सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे एक बैनामा लेखक ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। हालांकि शाम को बैनामा लेखकों ने मामले को रफा दफा कर दिया। 18 दिन बीतने के बाद भी हड़ताल का समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में हड़ताल की चिंगारी किसी ज्वाला का भी रूप धारण कर सकती है।
वहीं दूसरी ओर बैनामा लेखकों की हड़ताल से रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। सहायक आयुक्त स्टांप शिव कुमार ने बताया कि विगत 18 दिन से बैनामा लेखकों की हड़ताल चल रही है। उनकी हड़ताल को तहसीलों से भी समर्थन दिया जा रहा है। हड़ताल से जिलेभर में करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व को चपत लगने का अनुमान है।

हालांकि पितृपक्ष में रजिस्ट्री कार्य कम होते हैं। इससे कार्यालय को अधिक नुकसान होने की उम्मीद कम है, लेकिन नवरात्र में हड़ताल होने से राजस्व नुकसान अधिक हो सकता है। नवरात्र में लोग मकान, दुकान आदि जैसे कार्य अधिक कराना शुभ मानते हैं। इससे रजिस्ट्री कार्यालय से संबंधित कार्य कराने वाले लोगों को भी परेशानी होगी। हड़ताल जारी रहने तक उनकी परेशानी बढ़ी रहेगी।
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