फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

आलू पर मंदे की मार,किसान मायूस

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2019 01:06 AM IST
विज्ञापन
hapur news
आलू के दाम लुढ़के, किसान परेशान
विज्ञापन

हापुड़। एक बार फिर आलू पर मंदे की मार से किसान मायूस हैं। हालात यह हैं कि 50 किलो आलू से भरा कट्टा सिर्फ 350 रुपये का बिक रहा है। जबकि फुटकर विक्रेता 20 रुपये किलो आलू बेचकर उपभोक्ताओं का शोषण कर रहे हैं।
इस साल आलू की फसल बंपर थी। सीजन में 400 रुपये कट्टा तक आलू बिका लेकिन अधिकांश किसानों ने आलू शीतगृहों में रख दिया था। कुल मिलाकर हापुड़ जिले के शीतगृहों में करीब 20 लाख कट्टा आलू रखा गया था। इसमें करीब 18 लाख कट्टा आलू मोटा था जबकि करीब 2 लाख कट्टा आलू बीज का था।
विज्ञापन

आलू के कारोबारी अनिल गुप्ता का कहना है कि अब तक सिर्फ 15 प्रतिशत आलू की शीतगृहों से निकासी हो सकी है। ऐसे में आलू का भाव काफी गिरने से किसान चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि इस माह में आलू के रेट बढ़ने की संभावना कम है। हालांकि आगे के महीनों में आलू पर उछाला आ सकता है। इसका कारण हसन (कर्नाटक) में आलू की नयी फसल को बाढ़ से भारी नुकसान होना है। इसी के साथ अगर पंजाब में आलू की बुवाई मेें विलंब हुआ तो इसका लाभ यहां के किसानों को मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेरठ रोड सर्वोदय कालोनी निवासी नरेंद्र त्यागी आलू उत्पादक किसान हैं। उनका कहना है कि आलू की खेती ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। इस बार आलू महंगा बिकने की उम्मीद थी लेकिन 350 रुपये प्रति बोरा से अधिक का रेट किसानों को नहीं मिल रहा। चिप्सोना आलू जरूर 100 रुपये बोरा महंगा है। हालांकि फुटकर विक्रेता 20 रुपये किलो आलू बेचकर काफी मुनाफा कमा रहे हैं। इससे साफ है कि फुटकर विक्रेता 350 का कट्टा खरीद कर 1000 रुपये में बेचते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed