{"_id":"5d28d11f8ebc3e6ce97e9e4f","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd1801160184","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्ड पर चढ़ाया 15 किलो, दिया सिर्फ 10 किलो राशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्ड पर चढ़ाया 15 किलो, दिया सिर्फ 10 किलो राशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्ड पर चढ़ाया 15 किलो, दिया सिर्फ 10 किलो राशन
हापुड़। सरकार गरीब लोगों को सस्ता राशन मुहैया कराने पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। लेकिन कोटादार राशन कार्डों में हेराफेरी कर, गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। बनखंडा में जागरूक ग्रामीणों की सजगता से ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया। यहां के लोगों के राशन कार्ड पर कोटादार 15 किलोग्राम राशन चढ़ा रहे थे, जबकि उन्हें मिल रहा था सिर्फ 10 किलो राशन। इसका ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया।
सरकार की ओर से गांव व शहरों में राशन का वितरण कराया जाता है। गांवों में पात्रों को दो रुपये/किलोग्राम की दर से गेहूं व तीन रुपये/किलोग्राम की दर से चावल मुहैया कराए जाते हैं। सरकार की इस योजना का कुछ लोग जमकर फायदा उठा रहे हैं। शुक्रवार को गांव बनखंडा में कोटादार ग्रामीणों के राशन कार्डों पर 15 किलोग्राम राशन चढ़ा रहे थे, जबकि उन्हें दिया जा रहा था सिर्फ 10 किलोग्राम। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कोटेदारों से इसका विरोध किया तो कोटेदारों द्वारा दुकान के किराए में दस हजार रुपये खर्च होने को कहकर राशन कम देने की बात कही। इस संबंध में डीएसओ राजेश कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है। ग्रामीणों से मामले की जानकारी कर, उचित कार्रवाई करेंगे। गरीबों के राशन पर डाका नहीं डालने दिया जाएगा।
विज्ञापन
हापुड़। सरकार गरीब लोगों को सस्ता राशन मुहैया कराने पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। लेकिन कोटादार राशन कार्डों में हेराफेरी कर, गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। बनखंडा में जागरूक ग्रामीणों की सजगता से ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया। यहां के लोगों के राशन कार्ड पर कोटादार 15 किलोग्राम राशन चढ़ा रहे थे, जबकि उन्हें मिल रहा था सिर्फ 10 किलो राशन। इसका ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया।
सरकार की ओर से गांव व शहरों में राशन का वितरण कराया जाता है। गांवों में पात्रों को दो रुपये/किलोग्राम की दर से गेहूं व तीन रुपये/किलोग्राम की दर से चावल मुहैया कराए जाते हैं। सरकार की इस योजना का कुछ लोग जमकर फायदा उठा रहे हैं। शुक्रवार को गांव बनखंडा में कोटादार ग्रामीणों के राशन कार्डों पर 15 किलोग्राम राशन चढ़ा रहे थे, जबकि उन्हें दिया जा रहा था सिर्फ 10 किलोग्राम। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कोटेदारों से इसका विरोध किया तो कोटेदारों द्वारा दुकान के किराए में दस हजार रुपये खर्च होने को कहकर राशन कम देने की बात कही। इस संबंध में डीएसओ राजेश कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है। ग्रामीणों से मामले की जानकारी कर, उचित कार्रवाई करेंगे। गरीबों के राशन पर डाका नहीं डालने दिया जाएगा।
विज्ञापन