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35 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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गढ़ खादर में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले में स्नान के लिए गंगा घाट पर उमड़ा लाखों श्रद्धालुओ?
- फोटो : GARH
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35 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
गढ़मुक्तेश्वर। ऐतिहासिक और पौराणिक कार्तिक पूर्णिमा मेले का मुख्य स्नान पर्व शांति पूर्ण संपन्न हो गया। प्रशासन के अनुसार खादर और ब्रजघाट मेले में 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। जिन्होंने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और पूजा अर्चना कर दान-पुण्य किया। वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ के सामने पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं नगण्य साबित हुईं।
मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा मेले का मुख्य स्नान पर्व श्रद्धापूर्वक से मनाया गया। पश्चिमी उप्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब समेत विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। मेला स्थल पर 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, वहीं ब्रजघाट के शहरी मेले में भी विभिन्न स्थानों से पहुंचे 10 लाख से अधिक लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई।
श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के सामने पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई सभी व्यवस्थाएं नगण्य साबित हुईं। श्रद्धालुओं के आगमन और लौटने के बीच व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चलती रहीं। गंगा खादर और ब्रजघाट मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक स्नान कर दान पुण्य किया। इसके अलावा गंगा तट पर मौजूद तीर्थ पुरोहितों से भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। कार्तिक पूर्णिमा स्नान का सिलसिला रात 12 बजे से शुरु हुआ, रात में करीब एक घंटे तक श्रद्धालुओं ने स्नान किया, इसके बाद मंगलवार की सुबह 4 बजे से स्नान आरंभ हो गया। मंगलवार की सुबह चंद्र ग्रहण के सूतक लगने के बाद भी श्रद्धालुओं का स्नान जारी रहा।
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डीएम मेधा रूपम का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा पर खादर क्षेत्र और शहरी मेले में करीब 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। लेकिन छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है।
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गढ़मुक्तेश्वर। ऐतिहासिक और पौराणिक कार्तिक पूर्णिमा मेले का मुख्य स्नान पर्व शांति पूर्ण संपन्न हो गया। प्रशासन के अनुसार खादर और ब्रजघाट मेले में 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। जिन्होंने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और पूजा अर्चना कर दान-पुण्य किया। वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ के सामने पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं नगण्य साबित हुईं।
मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा मेले का मुख्य स्नान पर्व श्रद्धापूर्वक से मनाया गया। पश्चिमी उप्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब समेत विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। मेला स्थल पर 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, वहीं ब्रजघाट के शहरी मेले में भी विभिन्न स्थानों से पहुंचे 10 लाख से अधिक लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई।
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श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के सामने पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई सभी व्यवस्थाएं नगण्य साबित हुईं। श्रद्धालुओं के आगमन और लौटने के बीच व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चलती रहीं। गंगा खादर और ब्रजघाट मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक स्नान कर दान पुण्य किया। इसके अलावा गंगा तट पर मौजूद तीर्थ पुरोहितों से भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। कार्तिक पूर्णिमा स्नान का सिलसिला रात 12 बजे से शुरु हुआ, रात में करीब एक घंटे तक श्रद्धालुओं ने स्नान किया, इसके बाद मंगलवार की सुबह 4 बजे से स्नान आरंभ हो गया। मंगलवार की सुबह चंद्र ग्रहण के सूतक लगने के बाद भी श्रद्धालुओं का स्नान जारी रहा।
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डीएम मेधा रूपम का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा पर खादर क्षेत्र और शहरी मेले में करीब 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। लेकिन छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है।

गढ़ खादर मेले में रात्रि का नजारा। रंग बिरेंगी लाइट लगने से जगमगा रहा कार्तिक पूर्णिमा मेला। प्र?- फोटो : GARH