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गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में एक पेड़ के बदले लगेंगे दस पेड़
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गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में एक पेड़ के बदले लगेंगे दस पेड़
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों के बदले दस गुना पेड़ लगाए जाएंगे। बुधवार को यूपीडा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और तहसील प्रशासन की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सीडीओ प्ररेणा सिंह की अध्यक्षता में बुधवार में गढ़ क्षेत्र के गांव सिखैड़ा मुरादाबाद में यूपीडा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में आने वाली समस्याओं को दूर किया जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। लोकसुनवाई चौपाल के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों व किसानों के बीच वार्ता हुई। निर्माण के दौरान हवा, मिट्टी, पानी, शोर आदि का प्रदूषण होना तय है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले इन विभिन्न बिंदुओं पर कारगर कदम उठाकर जनमानस व पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके। सीडीओ ने बताया कि निर्माण के दौरान पेड़ कटान, मिट्टी खोदाई व अन्य प्रदूषण, प्लांट आदि से प्रदूषण के अलावा एक्सप्रेसवे बनने के समय क्रॉस ड्रेनेज, यातायात शोर की रोकथाम आदि के लिए काम किए जाएंगे। जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सीडीओ ने कहा कि तहसील क्षेत्र में हजारों पेड़ काटे जाने तय हैं, जिसके लिए यूपीडी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 1 के बदले 10 पेड़ रोपेगा, ताकि पर्यावरण के लिए परेशानी न हो। इस मौके पर तहसीलदार विवेक भदौरिया समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों के बदले दस गुना पेड़ लगाए जाएंगे। बुधवार को यूपीडा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और तहसील प्रशासन की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सीडीओ प्ररेणा सिंह की अध्यक्षता में बुधवार में गढ़ क्षेत्र के गांव सिखैड़ा मुरादाबाद में यूपीडा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में आने वाली समस्याओं को दूर किया जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। लोकसुनवाई चौपाल के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों व किसानों के बीच वार्ता हुई। निर्माण के दौरान हवा, मिट्टी, पानी, शोर आदि का प्रदूषण होना तय है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले इन विभिन्न बिंदुओं पर कारगर कदम उठाकर जनमानस व पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके। सीडीओ ने बताया कि निर्माण के दौरान पेड़ कटान, मिट्टी खोदाई व अन्य प्रदूषण, प्लांट आदि से प्रदूषण के अलावा एक्सप्रेसवे बनने के समय क्रॉस ड्रेनेज, यातायात शोर की रोकथाम आदि के लिए काम किए जाएंगे। जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सीडीओ ने कहा कि तहसील क्षेत्र में हजारों पेड़ काटे जाने तय हैं, जिसके लिए यूपीडी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 1 के बदले 10 पेड़ रोपेगा, ताकि पर्यावरण के लिए परेशानी न हो। इस मौके पर तहसीलदार विवेक भदौरिया समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। संवाद
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