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टोडरपुर में प्राइमरी स्कूल के कक्ष का प्लास्टर गिरा, हादसा टला
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सिंभावली के गांव टोडरपुर में प्राइमरी स्कूल का गिरा प्लास्टर।
- फोटो : GARH
टोडरपुर में प्राइमरी स्कूल के कक्ष का प्लास्टर गिरा, हादसा टला
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली क्षेत्र के गांव टोडरपुर के प्राइमरी स्कूल के एक कमरे की छत का प्लास्टर शुक्रवार को अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त कमरे में कोई नहीं था। वरना बड़ा हादसा हो जाता। प्लास्टर गिरने से कुछ मिनट पहले ही अध्यापक कमरे में बैठ कर वार्ता कर रहे थे, जो किसी कार्य के सिलसिले में कमरे से निकलकर कार्यालय में चले गए। वरना वे हादसे का शिकार हो सकते थे। प्रधानाचार्य के मुताबिक, काफी समय से प्लास्टर के गिरने की संभावना बनी हुई थी, जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी।
गांव टोडरपुर में स्थित कंपोजिट प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य अशरफ अली ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे वह स्कूल में अध्यापकों के साथ इसी कमरे में बैठ कर आगामी कार्यक्रमों के संबंध में चर्चा कर रहे थे। लेकिन कुछ काम के सिलसिले में साथी अध्यापकों के साथ वह कार्यालय में चले गए। इसी दौरान काफी पुराना जर्जर प्लास्टर गिर गया और मलबा कमरे में फैल गया। बताया जाता है कि थोड़ी देर पहले प्लास्टर गिरता तो अध्यापक इसकी चपेट में आ जाते।
स्कूल खुला होता तो बच्चे भी आ सकते थे जद में
कोरोना संक्रमण और सर्दी के चलते डीएम के निर्देश पर जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए अवकाश है। जिस कारण बच्चे स्कूलों में नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण कमरा खाली था। यदि अवकाश न होता, तो मलबे की चपेट में आकर दर्जनों बच्चे घायल हो सकते थे।
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प्लास्टर गिरने की पहले ही जताई गई थी संभावना
प्रधानाचार्य अशरफ अली का कहना है कि काफी समय से प्लास्टर के गिरने की संभावना बनी हुई थी, इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। प्लास्टर गिरने के दौरान सभी शिक्षक सोनिया अरोडा, आशा, सुनील, कौशर परवेज, सत्यम, अभिनव, प्रिंस मौजूद थे।
जल्द कराया जाएगा मरम्मत
बीईओ अलका अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल कमरे को बंद करा दिया गया है। जल्द ही मरम्मत कार्य कराया जाएगा। मरम्मत न हो पाने तक कमरे में कोई कार्य नहीं होगा।
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गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली क्षेत्र के गांव टोडरपुर के प्राइमरी स्कूल के एक कमरे की छत का प्लास्टर शुक्रवार को अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त कमरे में कोई नहीं था। वरना बड़ा हादसा हो जाता। प्लास्टर गिरने से कुछ मिनट पहले ही अध्यापक कमरे में बैठ कर वार्ता कर रहे थे, जो किसी कार्य के सिलसिले में कमरे से निकलकर कार्यालय में चले गए। वरना वे हादसे का शिकार हो सकते थे। प्रधानाचार्य के मुताबिक, काफी समय से प्लास्टर के गिरने की संभावना बनी हुई थी, जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी।
गांव टोडरपुर में स्थित कंपोजिट प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य अशरफ अली ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे वह स्कूल में अध्यापकों के साथ इसी कमरे में बैठ कर आगामी कार्यक्रमों के संबंध में चर्चा कर रहे थे। लेकिन कुछ काम के सिलसिले में साथी अध्यापकों के साथ वह कार्यालय में चले गए। इसी दौरान काफी पुराना जर्जर प्लास्टर गिर गया और मलबा कमरे में फैल गया। बताया जाता है कि थोड़ी देर पहले प्लास्टर गिरता तो अध्यापक इसकी चपेट में आ जाते।
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स्कूल खुला होता तो बच्चे भी आ सकते थे जद में
कोरोना संक्रमण और सर्दी के चलते डीएम के निर्देश पर जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए अवकाश है। जिस कारण बच्चे स्कूलों में नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण कमरा खाली था। यदि अवकाश न होता, तो मलबे की चपेट में आकर दर्जनों बच्चे घायल हो सकते थे।
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प्लास्टर गिरने की पहले ही जताई गई थी संभावना
प्रधानाचार्य अशरफ अली का कहना है कि काफी समय से प्लास्टर के गिरने की संभावना बनी हुई थी, इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। प्लास्टर गिरने के दौरान सभी शिक्षक सोनिया अरोडा, आशा, सुनील, कौशर परवेज, सत्यम, अभिनव, प्रिंस मौजूद थे।
जल्द कराया जाएगा मरम्मत
बीईओ अलका अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल कमरे को बंद करा दिया गया है। जल्द ही मरम्मत कार्य कराया जाएगा। मरम्मत न हो पाने तक कमरे में कोई कार्य नहीं होगा।