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जलाभिषेक आज : बम-बम से गूंजी गंगानगरी, शिवभक्तों ने उठाई कांवड़
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ब्रजघाट गंगानगरी से गंगा जल लेकर जाते कांवड़िए।
- फोटो : GARH
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जलाभिषेक आज : बम-बम से गूंजी गंगानगरी, शिवभक्तों ने उठाई कांवड़
गढ़मुक्तेश्वर। गंगानगरी ब्रजघाट पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को गंगा में स्नान कर जल लिया और बम भोले भम के जयकारे लगाते हुए शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना हो गए। कोरोना की वजह से कांवड़ यात्रा पर रोक की वजह से परंपरागत कांवड़ यात्रा जैसी भीड़ नहीं दिखी। विभिन्न स्थानों पर पुलिस भी तैनात की गई है।
शुक्रवार को (आज) शिवरात्रि का पर्व है। शिवरात्रि पर व्रत रखकर शिवलिंग पर जलाभिषेक अत्यंत शुभ माना जाता है। हर साल लाखों लोग ब्रजघाट से गंगाजल लेकर निकलते रहे हैं। कोरोना की वजह से 2020 की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा पर रोक है। इसके बावजूद भी हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान कर अपने गंतव्य को जल लेकर रवाना हो रहे हैं। जो हर-हर महादेव के जयकारे भी लगा रहे हैं।
जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त शाम 6.28 बजे से रात्रि 1.50 तक
पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि सावन मास की चतुर्दशी/शिवरात्रि छह अगस्त को है। चतुर्दशी का शुभारंभ शाम को छह बजकर 28 मिनट से होगा और चतुर्दशी की तिथि का समापन 7 अगस्त को शाम 7 बजकर 11 मिनट पर होगा। छह अगस्त शाम 6.28 से रात्रि 1.50 तक का समय जलाभिषेक के लिए अत्यंत शुभ ह्रै। सात अगस्त को सुबह 1 बजकर 50 मिनट के बाद मृत्यु लोक में भद्रा का आगमन हो जाएगा। जिसमें जल चढ़ाना अशुभ माना जाता है।
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एक बार में 5 श्रद्धालु चढ़ाएंगे जल
एसडीएम अरविंद द्विवेदी ने बताया कि ब्रजघाट, पूठ, बहादुरगढ़, कल्याणपुर, नानपुर, सिंभावली और दत्तियाना के प्राचीन शिव मंदिरों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं उनके साथ स्थानीय पुुलिस बल भी तैनात रहेगा। इसके अलावा मंदिरों में भीड़ नहीं होने दी जाएगी, एकबार में केवल 5 भक्त ही शिवालय में जलाभिषेक कर सकेंगे। जिससे सामाजिक दूरी का पालन होता रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगानगरी ब्रजघाट पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को गंगा में स्नान कर जल लिया और बम भोले भम के जयकारे लगाते हुए शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना हो गए। कोरोना की वजह से कांवड़ यात्रा पर रोक की वजह से परंपरागत कांवड़ यात्रा जैसी भीड़ नहीं दिखी। विभिन्न स्थानों पर पुलिस भी तैनात की गई है।
शुक्रवार को (आज) शिवरात्रि का पर्व है। शिवरात्रि पर व्रत रखकर शिवलिंग पर जलाभिषेक अत्यंत शुभ माना जाता है। हर साल लाखों लोग ब्रजघाट से गंगाजल लेकर निकलते रहे हैं। कोरोना की वजह से 2020 की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा पर रोक है। इसके बावजूद भी हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान कर अपने गंतव्य को जल लेकर रवाना हो रहे हैं। जो हर-हर महादेव के जयकारे भी लगा रहे हैं।
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जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त शाम 6.28 बजे से रात्रि 1.50 तक
पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि सावन मास की चतुर्दशी/शिवरात्रि छह अगस्त को है। चतुर्दशी का शुभारंभ शाम को छह बजकर 28 मिनट से होगा और चतुर्दशी की तिथि का समापन 7 अगस्त को शाम 7 बजकर 11 मिनट पर होगा। छह अगस्त शाम 6.28 से रात्रि 1.50 तक का समय जलाभिषेक के लिए अत्यंत शुभ ह्रै। सात अगस्त को सुबह 1 बजकर 50 मिनट के बाद मृत्यु लोक में भद्रा का आगमन हो जाएगा। जिसमें जल चढ़ाना अशुभ माना जाता है।
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एक बार में 5 श्रद्धालु चढ़ाएंगे जल
एसडीएम अरविंद द्विवेदी ने बताया कि ब्रजघाट, पूठ, बहादुरगढ़, कल्याणपुर, नानपुर, सिंभावली और दत्तियाना के प्राचीन शिव मंदिरों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं उनके साथ स्थानीय पुुलिस बल भी तैनात रहेगा। इसके अलावा मंदिरों में भीड़ नहीं होने दी जाएगी, एकबार में केवल 5 भक्त ही शिवालय में जलाभिषेक कर सकेंगे। जिससे सामाजिक दूरी का पालन होता रहे।