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गांवों में घुसा गंगा का पानी, किसानों में बेचैनी
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गढ़ खादर क्षेत्र में सड़कों पर पहुंचा पानी।
- फोटो : GARH
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गांवों में घुसा गंगा का पानी, किसानों में बेचैनी
गढ़मुक्तेश्वर। पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र के खादर के गांवों में ग्रामीणों व प्रशासन बाढ़ की आशंका है। लेकिन रविवार को जलस्तर स्थिर बने रहने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कई गांवों और खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीण परेशान हैं। सबसे अधिक पशुओं के लिए चारे की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
करीब एक सप्ताह से बारिश का सिलसिला न थमने के चलते गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में भी निरंतर बढ़ोतरी का क्रम जारी था। शनिवार की रात ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.67मीटर के निशान तक पहुंच गया था। जल स्तर में बढ़ोतरी होने के कारण खादर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों के रास्तों व संपर्क मार्गों तक पानी पहुंच गया। वहीं खेतों खड़ी फसल व रास्ते भी जलमग्न हैं। लेकिन रविवार को गंगा का जलस्तर स्थिर बना रहा। रविवार की शाम तक भी ब्रजघाट में जलस्तर 198.65 मीटर रहा। एसडीएम अरिवंद कुमार द्विवेदी का कहना है कि फिलहाल गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
फसल को रहा नुकसान
खेतों में गंगा का पानी भरने से धान समेत चारे व अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं। पानी भरने से फसलों की जड़े कमजोर होकर सूखने की संभावना बनी हुई है।-सोनू चौहान
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-चारे के लिए करनी पड़ रही मशक्कत
गांवों के जंगल में खेतों में गंगा का पानी भरा हुआ है। जिसके चलते पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। -गजेंद्र सिंह, ग्रामीण
-गांवों में बीमारी फैलने की आशंका
गंगा का पानी रास्तों व गांव के आसपास रुका हुआ है, गर्मी के कारण रुके हुए पानी में बदबू फैलने लगी है। वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। जिससे गांवों में संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना बढ़ रही है। वहीं दूषित पानी में खड़ा चारा खाने से पशुओं में बीमारी की भी आशंका बनी हुई है। -निरंजन सिंह, ग्रामीण
-आवागमन में झेलनी पड़ रही परेशानी
गांवों के रास्तों पर गंगा का पानी भरा हुआ है। जिसके चलते गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अभी भी बाढ़ की संभावना खत्म नहीं हुई है। -नवाब सिंह, ग्रामीण
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गढ़मुक्तेश्वर। पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र के खादर के गांवों में ग्रामीणों व प्रशासन बाढ़ की आशंका है। लेकिन रविवार को जलस्तर स्थिर बने रहने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कई गांवों और खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीण परेशान हैं। सबसे अधिक पशुओं के लिए चारे की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
करीब एक सप्ताह से बारिश का सिलसिला न थमने के चलते गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में भी निरंतर बढ़ोतरी का क्रम जारी था। शनिवार की रात ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.67मीटर के निशान तक पहुंच गया था। जल स्तर में बढ़ोतरी होने के कारण खादर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों के रास्तों व संपर्क मार्गों तक पानी पहुंच गया। वहीं खेतों खड़ी फसल व रास्ते भी जलमग्न हैं। लेकिन रविवार को गंगा का जलस्तर स्थिर बना रहा। रविवार की शाम तक भी ब्रजघाट में जलस्तर 198.65 मीटर रहा। एसडीएम अरिवंद कुमार द्विवेदी का कहना है कि फिलहाल गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
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फसल को रहा नुकसान
खेतों में गंगा का पानी भरने से धान समेत चारे व अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं। पानी भरने से फसलों की जड़े कमजोर होकर सूखने की संभावना बनी हुई है।-सोनू चौहान
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-चारे के लिए करनी पड़ रही मशक्कत
गांवों के जंगल में खेतों में गंगा का पानी भरा हुआ है। जिसके चलते पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। -गजेंद्र सिंह, ग्रामीण
-गांवों में बीमारी फैलने की आशंका
गंगा का पानी रास्तों व गांव के आसपास रुका हुआ है, गर्मी के कारण रुके हुए पानी में बदबू फैलने लगी है। वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। जिससे गांवों में संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना बढ़ रही है। वहीं दूषित पानी में खड़ा चारा खाने से पशुओं में बीमारी की भी आशंका बनी हुई है। -निरंजन सिंह, ग्रामीण
-आवागमन में झेलनी पड़ रही परेशानी
गांवों के रास्तों पर गंगा का पानी भरा हुआ है। जिसके चलते गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अभी भी बाढ़ की संभावना खत्म नहीं हुई है। -नवाब सिंह, ग्रामीण