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कोरोना से मरे लोगों की अस्थियां नहीं लेने आए परिजन
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कोरोना से मरे लोगों की अस्थियां नहीं लेने आए परिजन
गढ़मुक्तेश्वर। कोरोना संक्रमण ने इस तरह कहर बरपाया हुआ है कि मरने वालों का अपनों ने भी साथ छोड़ दिया है। दिल्ली के शमशानघाटों से एकत्र कर 20 लावारिस अस्थि कलशों का सामाजिक संगठन ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गंगा में विसर्जन किया।
दिल्ली से बृहस्पतिवार को एक सामाजिक संगठन से जुड़े कार्यकर्ता अपने साथ 20 लावरिस मृतकों के अस्थि कलश लेकर गंगानगरी ब्रजघाट पहुंचे। जिन्होंने सभी अस्थि कलशों का गंगा तट पर पंडित मुकेश शर्मा द्वारा कराए गए विधिवत मंत्रोच्चारण और कर्मकांड के बाद गंगा में सम्मानपूर्वक विसर्जन किया। संगठन के संस्थापक महेश ने बताया कि उनका संगठन अगस्त 2014 से इस तरह के सेवा कार्यों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते कई दिवंगतों के अंतिम संस्कार समेत अन्य धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराने से उनके परिजन पीछे हट रहे हैं। जिसके चलते शमशानघाटों पर उनकी अस्थियां लावारिस की तरह रह जाती हैं। संगठन के कार्यकर्ता दिल्ली के विभिन्न शमशानघाटों पर जाकर ऐसे अस्थि कलशों को एकत्र कर रहे हैं। घाट पर पूजा अर्चना कराकर अस्थि विसर्जन करने के बाद 13 ब्राह्मणों को भोजन कराया गया, वहीं दक्षिणा व वस्त्र समेत अन्य सामान का दान भी दिया गया, ताकि मृतक आत्माओं को शांति मिल सके। इस दौरान उनके साथ संगीता समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिन्होंने गंगा पूजन करते हुए कोरोना समेत अन्य महामारियों से निजात दिलाने की कामना भी की। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। कोरोना संक्रमण ने इस तरह कहर बरपाया हुआ है कि मरने वालों का अपनों ने भी साथ छोड़ दिया है। दिल्ली के शमशानघाटों से एकत्र कर 20 लावारिस अस्थि कलशों का सामाजिक संगठन ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गंगा में विसर्जन किया।
दिल्ली से बृहस्पतिवार को एक सामाजिक संगठन से जुड़े कार्यकर्ता अपने साथ 20 लावरिस मृतकों के अस्थि कलश लेकर गंगानगरी ब्रजघाट पहुंचे। जिन्होंने सभी अस्थि कलशों का गंगा तट पर पंडित मुकेश शर्मा द्वारा कराए गए विधिवत मंत्रोच्चारण और कर्मकांड के बाद गंगा में सम्मानपूर्वक विसर्जन किया। संगठन के संस्थापक महेश ने बताया कि उनका संगठन अगस्त 2014 से इस तरह के सेवा कार्यों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते कई दिवंगतों के अंतिम संस्कार समेत अन्य धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराने से उनके परिजन पीछे हट रहे हैं। जिसके चलते शमशानघाटों पर उनकी अस्थियां लावारिस की तरह रह जाती हैं। संगठन के कार्यकर्ता दिल्ली के विभिन्न शमशानघाटों पर जाकर ऐसे अस्थि कलशों को एकत्र कर रहे हैं। घाट पर पूजा अर्चना कराकर अस्थि विसर्जन करने के बाद 13 ब्राह्मणों को भोजन कराया गया, वहीं दक्षिणा व वस्त्र समेत अन्य सामान का दान भी दिया गया, ताकि मृतक आत्माओं को शांति मिल सके। इस दौरान उनके साथ संगीता समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिन्होंने गंगा पूजन करते हुए कोरोना समेत अन्य महामारियों से निजात दिलाने की कामना भी की। संवाद
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