फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम दूसरे दिन भी जारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 11:58 PM IST
विज्ञापन
hapur news
दो सेंटीमीटर और बढ़ा जलस्तर, पानी भरने से हजारों बीघा फसल बर्बाद
विज्ञापन

गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी और हो गई। इस दौरान खेतों में पानी भरने से खड़ी हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने अब बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है। इधर आबादी तक पानी पहुंचने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार को जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान जलस्तर 198.58 मीटर(समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया। शुक्रवार की देर शाम तक दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई, जिससे जलस्तर 198.60 मीटर तक पहुंच चुका है। बार-बार गंगा के उतार चढ़ावे से खादर क्षेत्र के ग्रामीण परेशानी में फंसे हुए हैं। गंगा का पानी भरने से खेतों में खड़ी हजारों बीघा फसल बर्बाद हो रही है। वहीं आबादी तक भी पानी पहुंचने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी आशंका बनी हुई है। किसानों ने जल्द सर्वे कराकर क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की मांग भी प्रशासन से की है।
विज्ञापन

जनपद में सबसे पिछड़ा क्षेत्र कहलाए जाने वाला गढ़ गंगा खादर का इलाका कृषि प्रधान क्षेत्र है, जिसमें रहने वाले 85 फीसदी परिवारों की जीविका खेती और उससे जुड़े काम-धंधों पर आधारित है। लेकिन कुदरत के कहर से खेतीबाड़ी के सहारे जिंदगी बिताने वाले किसानों की हालत बेहद बदतर होती जा रही है। क्योंकि भीषण गर्मी के शुरुआती दौर में सूखा जैसे हालात में फसलों को बचाने के लिए किसानों को डीजल पर गाढ़ी कमाई का पैसा फूंकना पड़ा था। लेकिन बाद में झमाझम मानसूनी बरसात और बैराज से अतिरिक्त जल छोड़े जाने से गंगा कई बार उफान पर आ गई। दो दिन पहले तक गंगा का उफान थमने लगा था, लेकिन बृहस्पतिवार से एक बार फिर जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलस्तर में उतार-चढ़ाव से ग्रामीण परेशान
- गंगा के उतार चढ़ाव ने किसानों समेत ग्रामीणों को पशोपेश में डाला हुआ है, जो बाढ़ जैसी हालात से घिरे हुए हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा बाढ़ घोषित न होने के चलते सुरक्षित स्थानों पर पलायन भी नहीं कर पा रहे हैं। वहीं पशुओं के चारे समेत उन्हें बांधने की किल्लत से भी दो-चार होना पड़ रहा है।
बिजनौर बैराज से फिर छोड़ा गया पानी, हड़कंप
- केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को भी बिजनौर बैराज से 74 हजार 773 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो शनिवार की सुबह तक खादर क्षेत्र में पहुंचेगा। इससे ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
जलस्तर बढ़ने से बर्बाद हो रही फसलें
- गंगा जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते कभी गांवों और खेतों में भरा पानी कम हो जाता है, तो कभी फिर पानी बढ़ जाता है। जिससे खादर क्षेत्र के किसान बुरी तरह परेशान है। चरना प्रधान, गणेश प्रधान, रामबीर, महकार, दिनेश समेत दर्जनों किसानों का कहना है कि इस बार मुसीबत पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है। किसानों समेत ग्रामीणों ने जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग प्रशासन से की है।

कोट
तहसीलदार सुरेंद्र सिंह का कहना है कि अभी भी गंगा बाढ़ के निशान से काफी नीचे बह रही है। गांवों में स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें पहुंचकर जांच और दवाईयां दे रही है। उन्होंने बताया कि खादर क्षेत्र में हुए फसलों के नुकसान का सर्वे कराने के लिए लेखपालों की टीमों का गठन कर लिया गया है। जलस्तर कम होते ही सर्वे कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed