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गंगा का उफान बढने से खादर में बेचैनी का माहौल
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गंगा में अलर्ट के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, हड़कंप
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा का उफान लगातार बढ़ने से खादर के गांवों में बेचैनी का माहौल है। बारिश और बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी आने से जलस्तर में और बढ़ोतरी होनी तय मानी जा रही है। 12 घंटे में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने से जलस्तर अलर्ट के निशान से भी दो सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। गंगा में बढ़ रहे उफान को देखते हुए तहसील प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाकर राहत चौकियां को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भले पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है, लेकिन लेकिन पहाड़ों में झमाझम बारिश होने के साथ ही बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहने से गढ़ खादर क्षेत्र के गांवों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। जलस्तर की बढ़ोतरी से गंगा में उफान बढ़ने पर खादर क्षेत्र के गांवों से जुड़े संपर्क रास्तों समेत निचले जंगल में जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत के साथ ही पशुओं के चारे की किल्लत भी झेलनी भी पड़ रही है। जलस्तर में बढ़ोतरी से गंगा में उफान बढ़ने पर खादर क्षेत्र के गांव गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, रामपुर न्यामतपुर, इनातपुर, शाकरपुर, मंढैया किशन सिंह, भगवंतपुर समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को कोरोना संक्रमण के बीच बाढ़ आने पर अपने भारी भरकम सामान समेत हजारों पशुओं के साथ गांवों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने का डर सता रहा है।
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण आयोग के सूत्रों का कहना है कि बुधवार को गढ़ क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 198.10 मीटर(समुद्र तल से) था। जो बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी पहुंचने पर 25 सेंटीमीटर बढ़कर बृहस्पतिवार को बढ़कर 198.35 मीटर के निशान पर पहुंच गया है। जोकि अलर्ट के निशान 198.33 मीटर से भी दो सेंटीमीटर ऊपर है। अभी भी जल स्तर में बढ़ोतरी होना जारी है।
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कोट
एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर हल्का लेखपालों समेत राजस्व कर्मियों से कड़ी निगरानी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 198.73 मीटर पर हाई अलर्ट और खतरे का निशान 199.33 मीटर पर है। फिलहाल बाढ़ की कोई भी संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी एहतियाती तौर पर राहत चौकियों को पूरी तरह सतर्क रहने का कड़ा निर्देश दिया हुआ है।
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा का उफान लगातार बढ़ने से खादर के गांवों में बेचैनी का माहौल है। बारिश और बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी आने से जलस्तर में और बढ़ोतरी होनी तय मानी जा रही है। 12 घंटे में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने से जलस्तर अलर्ट के निशान से भी दो सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। गंगा में बढ़ रहे उफान को देखते हुए तहसील प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाकर राहत चौकियां को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भले पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है, लेकिन लेकिन पहाड़ों में झमाझम बारिश होने के साथ ही बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहने से गढ़ खादर क्षेत्र के गांवों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। जलस्तर की बढ़ोतरी से गंगा में उफान बढ़ने पर खादर क्षेत्र के गांवों से जुड़े संपर्क रास्तों समेत निचले जंगल में जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत के साथ ही पशुओं के चारे की किल्लत भी झेलनी भी पड़ रही है। जलस्तर में बढ़ोतरी से गंगा में उफान बढ़ने पर खादर क्षेत्र के गांव गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, रामपुर न्यामतपुर, इनातपुर, शाकरपुर, मंढैया किशन सिंह, भगवंतपुर समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को कोरोना संक्रमण के बीच बाढ़ आने पर अपने भारी भरकम सामान समेत हजारों पशुओं के साथ गांवों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने का डर सता रहा है।
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केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण आयोग के सूत्रों का कहना है कि बुधवार को गढ़ क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 198.10 मीटर(समुद्र तल से) था। जो बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी पहुंचने पर 25 सेंटीमीटर बढ़कर बृहस्पतिवार को बढ़कर 198.35 मीटर के निशान पर पहुंच गया है। जोकि अलर्ट के निशान 198.33 मीटर से भी दो सेंटीमीटर ऊपर है। अभी भी जल स्तर में बढ़ोतरी होना जारी है।
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एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर हल्का लेखपालों समेत राजस्व कर्मियों से कड़ी निगरानी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 198.73 मीटर पर हाई अलर्ट और खतरे का निशान 199.33 मीटर पर है। फिलहाल बाढ़ की कोई भी संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी एहतियाती तौर पर राहत चौकियों को पूरी तरह सतर्क रहने का कड़ा निर्देश दिया हुआ है।