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गंगा में नावों के लाइसेंस पर धड़ल्ले से चल रहीं है मोटर बोट
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गंगा में नावों के लाइसेंस पर दौड़ रहीं है मोटर बोट
गढ़मुक्तेश्वर। गंगानगरी ब्रजघाट में नावों के लाइसेंस पर धड़ल्ले से मोटरबोट दौड़ रहीं हैं, जिससे गंगा में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही जलीय जीवों को भी खतरा बढ़ रहा है। लेकिन स्थानीय प्रशासन और पालिका कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गंगा में बढ़ रहे प्रदूषण की रोकथाम को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार विशेष अभियान चलाए हुए हैं। वहीं नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एनजीटी भी पूरी तरह सख्त है। एनजीटी द्वारा गंगा में डीजल ईंजन से चलने वाली मोटर के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन की अनदेखी के चलते गंगनगरी ब्रजघाट में धड़ल्ले से मोटर बोटों का संचालन हो रहा है।
बता दें कि पालिका परिषद द्वारा ब्रजघाट गंगा में नौका संचालन के लिए 139 लोगों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, लेकिन इन लाइसेंसों की आड़ में डीजल इंजन से चलने वाली मोटरबोटों का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार मोटरबोटों का संचालन बंद कराने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
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डीजल से चल रही मोटरबोट एक ओर जहां गंगा में प्रदूषण को बढ़ा रही हैं, वहीं जलीय जीवों के लिए भी बेहद खतरनाक हैं। बिजनौर से नरौरा तक 250 किलोमीटर का क्षेत्र डॉल्फिन की सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर माना जाता है। क्योंकि गंगोत्री से गंगासागर तक इस क्षेत्र में डॉल्फिन की संख्या सबसे अधिक है।
लेकिन गंगा में धड़ल्ले से दौड़ रही मोटरबोट की पंखुड़ियों में फंस कर कई जलीय जीव घायल हो जाते हैं, वहीं कई की मौत भी हो जाती है। डीजल से निकलने वाला धुंआ भी जलीय जीवों के लिए हानिकारक है। एनजीटी की रोक व स्थानीय लोगों की शिकायत के बाबजूद स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की। लेकिन कार्रवाई कागजों में ही सिमट कर रह जाती है। मोटर बोट के संचालन से एनजीटी के आदेशों की खुल्ले मेें धज्जियां उड़ रही है। वर्तमान में ब्रजघाट गंगा में करीब 200 मोटरबोटों का संचालन बिना लाइसेंस किया जा रहा है।
एसडीएम/पालिका ईओ विजयवर्धन तोमर का कहना है कि पालिका द्वारा मोटर बोट संचालन के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर मोटरबोट जब्त की जाएंगी।
वहीं पालिकाध्यक्ष सोना सिंह का कहना है कि पालिका द्वारा केवल 139 नावों के लाइसेंस बनाए गए हैं। मोटरबोट संचालन के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगानगरी ब्रजघाट में नावों के लाइसेंस पर धड़ल्ले से मोटरबोट दौड़ रहीं हैं, जिससे गंगा में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही जलीय जीवों को भी खतरा बढ़ रहा है। लेकिन स्थानीय प्रशासन और पालिका कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गंगा में बढ़ रहे प्रदूषण की रोकथाम को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार विशेष अभियान चलाए हुए हैं। वहीं नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एनजीटी भी पूरी तरह सख्त है। एनजीटी द्वारा गंगा में डीजल ईंजन से चलने वाली मोटर के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन की अनदेखी के चलते गंगनगरी ब्रजघाट में धड़ल्ले से मोटर बोटों का संचालन हो रहा है।
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बता दें कि पालिका परिषद द्वारा ब्रजघाट गंगा में नौका संचालन के लिए 139 लोगों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, लेकिन इन लाइसेंसों की आड़ में डीजल इंजन से चलने वाली मोटरबोटों का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार मोटरबोटों का संचालन बंद कराने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
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डीजल से चल रही मोटरबोट एक ओर जहां गंगा में प्रदूषण को बढ़ा रही हैं, वहीं जलीय जीवों के लिए भी बेहद खतरनाक हैं। बिजनौर से नरौरा तक 250 किलोमीटर का क्षेत्र डॉल्फिन की सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर माना जाता है। क्योंकि गंगोत्री से गंगासागर तक इस क्षेत्र में डॉल्फिन की संख्या सबसे अधिक है।
लेकिन गंगा में धड़ल्ले से दौड़ रही मोटरबोट की पंखुड़ियों में फंस कर कई जलीय जीव घायल हो जाते हैं, वहीं कई की मौत भी हो जाती है। डीजल से निकलने वाला धुंआ भी जलीय जीवों के लिए हानिकारक है। एनजीटी की रोक व स्थानीय लोगों की शिकायत के बाबजूद स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की। लेकिन कार्रवाई कागजों में ही सिमट कर रह जाती है। मोटर बोट के संचालन से एनजीटी के आदेशों की खुल्ले मेें धज्जियां उड़ रही है। वर्तमान में ब्रजघाट गंगा में करीब 200 मोटरबोटों का संचालन बिना लाइसेंस किया जा रहा है।
एसडीएम/पालिका ईओ विजयवर्धन तोमर का कहना है कि पालिका द्वारा मोटर बोट संचालन के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर मोटरबोट जब्त की जाएंगी।
वहीं पालिकाध्यक्ष सोना सिंह का कहना है कि पालिका द्वारा केवल 139 नावों के लाइसेंस बनाए गए हैं। मोटरबोट संचालन के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।