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दिवाली मनाने के लिए घर लौटे मेला तैयारी में जुटे मजदूर
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फोदिवाली मनाने गए मजदूर, मेले की तैयारियां रूकीं
गढ़मुक्तेश्वर। मेला आयोजन की तैयारियों में जुटे अधिकांश मजदूर अपने परिवारों के साथ दिवाली मनाने के लिए घरों को लौट गए हैं। इस वजह से मेले से जुड़ीं तैयारियां प्रभावित हो गई हैं।
पौराणिक खादर मेले में संपर्क मार्गों पर कच्चे रास्तों समेत सेक्टर रोड, स्नानघाट का निर्माण कर रहे अधिकांश मजदूर दिवाली मनाने के लिए अपने घरों को लौट गए हैं, जिससे मेले में चल रहीं तैयारी तीन दिनों तक काफी ढीली रहेंगी। मेला आयोजन से जुड़े मुख्य स्नानघाट, सदर बाजार, पुलिस लाइन समेत अन्य तैयारियां मजदूरों के लौटने से रुक सी गई हैं। वहीं भैया दूज के बाद कुछ व्यापारियों समेत भक्तों का आगमन मेला स्थल पर चालू हो जाता है। मेला क्षेत्र में अभी वॉच टावर, अधिकारियों के अस्थायी कार्यालय, जिला पंचायत का अस्थायी कार्यालय समेत बहुत से काम शुरू भी नहीं हो सके हैं। ऐसे में आने वाले व्यापारियों और श्रद्धालुओं को बिना किसी सुरक्षा की ठहरना मजबूरी होगी। तहसीलदार सुरेंद्र कुमार का कहना है कि मजदूरों के वापस लौटने के साथ ही मेला आयोजन से जुड़ी तैयारियां तेजी से शुरू करा दी जाएंगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। मेला आयोजन की तैयारियों में जुटे अधिकांश मजदूर अपने परिवारों के साथ दिवाली मनाने के लिए घरों को लौट गए हैं। इस वजह से मेले से जुड़ीं तैयारियां प्रभावित हो गई हैं।
पौराणिक खादर मेले में संपर्क मार्गों पर कच्चे रास्तों समेत सेक्टर रोड, स्नानघाट का निर्माण कर रहे अधिकांश मजदूर दिवाली मनाने के लिए अपने घरों को लौट गए हैं, जिससे मेले में चल रहीं तैयारी तीन दिनों तक काफी ढीली रहेंगी। मेला आयोजन से जुड़े मुख्य स्नानघाट, सदर बाजार, पुलिस लाइन समेत अन्य तैयारियां मजदूरों के लौटने से रुक सी गई हैं। वहीं भैया दूज के बाद कुछ व्यापारियों समेत भक्तों का आगमन मेला स्थल पर चालू हो जाता है। मेला क्षेत्र में अभी वॉच टावर, अधिकारियों के अस्थायी कार्यालय, जिला पंचायत का अस्थायी कार्यालय समेत बहुत से काम शुरू भी नहीं हो सके हैं। ऐसे में आने वाले व्यापारियों और श्रद्धालुओं को बिना किसी सुरक्षा की ठहरना मजबूरी होगी। तहसीलदार सुरेंद्र कुमार का कहना है कि मजदूरों के वापस लौटने के साथ ही मेला आयोजन से जुड़ी तैयारियां तेजी से शुरू करा दी जाएंगी।
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