फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

गंगा में उफान बढने पर यैलो अलर्ट का निशान करीब आया

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2019 12:54 AM IST
विज्ञापन
hapur news
गंगा में उफान से खादर के मुख्य मार्ग हुए जलमग्न
विज्ञापन

गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों की बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने से गंगा में उफान बढ़ने पर अलर्ट का निशान तेजी से करीब आ रहा है। गंगा के रौद्र रूप से खादर में बेचैनी बढ़ने पर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से फसलों में बर्बादी हो रही।
गंगा में आए उफान ने गढ़ खादर क्षेत्र के 15 से भी अधिक गांवों के हजारों बीघा निचले जंगल समेत आवागमन से जुड़े संपर्क रास्तों को अपनी चपेट में ले लिया है। चार दिनों से जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा, जिसके चलते गंगा में उफान बढ़ने से खादर क्षेत्र में खलबली मचने के साथ ही तहसील प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार की देर शाम तक ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 198.60 मीटर के निशान तक पहुंच चुका है, जो तेजी के साथ 198.73 मीटर वाले यैलो अलर्ट के निशान की तरफ कदम बढ़ा रहा है। इसके कारण क्षेत्र के गांव गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, रामपुर न्यामतपुर, काकाठेर मंढैया, कुदैनी वाली मंढैया, रामसिंह मंढैया समेत 15 से भी अधिक गांवों के हजारों एकड़ निचले जंगल समेत उसमें खड़ीं फसलें बर्बाद हो गई है। जंगल से लेकर संपर्क रास्तों पर करीब चार फुट पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
विज्ञापन

छुट्टी होने पर पानी के बीच से होकर लौटे बच्चे
खादर क्षेत्र के गांव रामपुर न्यामतपुर, काकाठेर और कुदैनी समेत कई गांवों के सैकड़ों बच्चों को स्कूल की छुट्टी होने पर मंगलवार को संपर्क रास्तों पर भरे करीब तीन फुट पानी में होकर घर वापिस लौटना पड़ा। इसके अलावा किसानों को जंगल में पहुंचने और फिर चारा लेकर लौटने के दौरान जान हथेली पर रखकर पानी से होकर आना जाना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांवों के बाहरी छोर पर लगे हैंडपंप भी पानी में घिरे
गंगा का उफान बढ़ने से खादर क्षेत्र के कई गांवों में बाहरी छोर पर लगे सरकारी हैंडपंप पानी की जद में आ गए हैं, जिनसे गंदा पानी निकलने पर आसपास में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को पीने के पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
बिजनौर बैराज से छोड़ा गया एक लाख 43 हजार क्यूसेक पानी
गढ़मुक्तेश्वर। सिंचाई विभाग कंट्रोल रूम के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार की देर शाम को बिजनौर बैराज से 1.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके बुधवार की दोपहर तक आने से ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होनी तय है।
तहसील प्रशासन हुआ सतर्क
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लेखपाल समेत राजस्व टीम को बाढ़ संभावित गांवों का दौरा करने के आदेश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों में रहने वाले लोगों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के लिए कहा गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को आवागमन के लिए नाव भी मुहैया कराई जाएगी।
यहां है बाढ़ राहत चौकियां
1-आलमपुर-भगवंतपुर--एदलपुर, प्रसादीपुर, हकीमपुर गांवड़ी, कुतुबपुर, जमालपुर, खानपुर, माकनपुर, सैदपुर, मुकीमपुर, झड़ीना।
2-अब्दुल्लापुर--इनायतपुर, कोथला खादर, अब्दुल्लापुर।
3-नक्का कुआं गढ़--रामपुर, न्यामतपुर, मुहम्मदपुर, शाकरपुर।
4-मीरा रेती गढ़--लठीरा, गढ़ खादर, गड़ावली, नयाबांस, बख्तावरपुर,।
5-ब्रजघाट--आलमगीरपुर, चित्तौड़ा मोहिउद्दीनपुर, मुहम्मदपुर खादर, सालाबाद, बागड़पुर, पलवाड़ा, आलमनगर खादर, नवादा खुर्द खादर।
जल में समाईं फसलें, पशुओं को चारे का संकट
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ खादर क्षेत्र के हजारों बीघा निचले जंगल में गंगा का पानी भर गया है, जिससे मौसमी फल सब्जी की पालेज समेत हरी सब्जी से लेकर चारे की खेती बर्बाद हो रही है। जिससे किसानों को आर्थिक हानि होने के साथ ही पशुओं के लिए हरे चारे और घास का संकट भी झेलना पड़ रहा है। क्योंकि निचले रास्तों में पानी भरने से उन्हें दूसरे स्थानों पर जाकर चारा लाना भी चुनौती बन गया है।
बाढ़ की आशंका से ग्रामीण भयभीत
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा नदी के रौद्र रूप ने समूचे खादर क्षेत्र में दहशत फैलाई हुई है, लेकिन सर्वाधिक खतरा गंगा के रेतीले टापू में बसे गांव गंगानगर पर मंडरा रहा है। क्योंकि मंगलवार की देर शाम को उफनती गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे गांव में रहने वाले सौ से भी अधिक परिवार सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने की तैयारी में हैं।

199.33 मीटर जलस्तर होने पर आएगी बाढ़
गढ़मुक्तेश्वर। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि गंगा का जलस्तर समुद्र तल से 198.73 के निशान पर पहुंचते ही यैलो अलर्ट और 198.90 मीटर के निशान को पार करते ही खादर क्षेत्र के गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया जाता है। जलस्तर के 199.03 मीटर के निशान के पास पहुंचने पर चेतावनी जारी कर खादर क्षेत्र में रहने वालों को अपने गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने की हिदायत दी जाती है, जबकि जलस्तर 199.33 मीटर के निशान को पार करते ही बाढ़ की स्थिति मान ली जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed