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बिजनौर बैराज से छोड़ा गया 25 हजार क्यूसेक पानी
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बिजनौर बैराज से छोड़ा गया 25 हजार क्यूसेक पानी
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड के पहाड़ों के साथ ही पश्चिमी यूपी और दिल्ली एनसीआर में हो रही झमाझम मानसूनी बारिश से जलस्तर बढ़ने पर गंगा नदी का उफान जारी चल रहा है। बारिश के अलावा भी पानी की मात्रा बढने पर बांधों से पानी छोड़ने का क्रम थम नहीं पा रहा है।
दूसरे दिन भी शनिवार को बिजनौर बैराज से 25 हजार क्यूसिक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसके रविवार की दोपहर तक गढ़ क्षेत्र में आने से ब्रजघाट गंगा का जलस्तर और भी बढ़ना तय माना जा रहा है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गंगा नदी में उफान जारी रहने पर कई दिनों से राहत की सांस लेते आ रहे खादर क्षेत्र के गांवों से जुड़े हजारों परिवारों में गंगा का उफान बढने से बेचैनी बढ़ती जा रही है। क्योंकि अगर बारिश और जलस्तर में बढ़ोतरी होने का सिलसिला अगले दो चार दिन तक इसी तरह चलता रहा तो फिर हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से गन्ना, धान, हरा चारा और मौसमी सब्जियों की खेती को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचेगा। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि पहाड़ों के साथ मैदानों में बारिश होने से जलस्तर में शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार की दोपहर तक करीब दस सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे देर शाम को ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्र तल से 197.30 मीटर के निशान पर पहुंचने के बाद भी बढ़ोतरी का क्रम जारी चल रहा है। इसके अलावा बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी रविवार की दोपहर तक गढ़ क्षेत्र में आएगा, जिससे जलस्तर में और बढ़ोतरी होनी तय है।
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गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड के पहाड़ों के साथ ही पश्चिमी यूपी और दिल्ली एनसीआर में हो रही झमाझम मानसूनी बारिश से जलस्तर बढ़ने पर गंगा नदी का उफान जारी चल रहा है। बारिश के अलावा भी पानी की मात्रा बढने पर बांधों से पानी छोड़ने का क्रम थम नहीं पा रहा है।
दूसरे दिन भी शनिवार को बिजनौर बैराज से 25 हजार क्यूसिक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसके रविवार की दोपहर तक गढ़ क्षेत्र में आने से ब्रजघाट गंगा का जलस्तर और भी बढ़ना तय माना जा रहा है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गंगा नदी में उफान जारी रहने पर कई दिनों से राहत की सांस लेते आ रहे खादर क्षेत्र के गांवों से जुड़े हजारों परिवारों में गंगा का उफान बढने से बेचैनी बढ़ती जा रही है। क्योंकि अगर बारिश और जलस्तर में बढ़ोतरी होने का सिलसिला अगले दो चार दिन तक इसी तरह चलता रहा तो फिर हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से गन्ना, धान, हरा चारा और मौसमी सब्जियों की खेती को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचेगा। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि पहाड़ों के साथ मैदानों में बारिश होने से जलस्तर में शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार की दोपहर तक करीब दस सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे देर शाम को ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्र तल से 197.30 मीटर के निशान पर पहुंचने के बाद भी बढ़ोतरी का क्रम जारी चल रहा है। इसके अलावा बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी रविवार की दोपहर तक गढ़ क्षेत्र में आएगा, जिससे जलस्तर में और बढ़ोतरी होनी तय है।
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