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गंगा में डुबकी लगाने वाले शिवभक्तों की सुरक्षा राम भरोसे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jul 2019 12:21 AM IST
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गंगा नगरी में शिवभक्तों की सुरक्षा राम भरोसे
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा नगरी में शिव भक्तों की सुरक्षा राम भरोसे है। गंगा में उफान होने के बावजूद जहां पीएसी वापस लौट गई है। वहीं एनडीआरएफ की टीम अभी तक पहुंची नहीं है। इधर कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा नगरी में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
भगवान शिव के सबसे प्रिय सावन मास में हरिद्वार, गौमुख, ब्रजघाट समेत विभिन्न तीर्थ स्थलों से कांवड़ भरकर लाने वाले भक्त भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। ब्रजघाट के सिवाय अन्य तीर्थ स्थलों पर शिवरात्रि का जलाभिषेक होते ही कांवड़ यात्रा संपन्न हो जाती है, लेकिन ब्रजघाट गंगानगरी की कांवड़ यात्रा सावन के आखिरी सोमवार तक जारी रहती है। क्योंकि गंगा पार से जुड़े जनपद अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बिजनौर. पीलीभीत, आंवला में सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित है। जिसके चलते लाखों शिवभक्त ब्रजघाट गंगा से कांवड़ भरकर ले जाते हैं।
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पहाड़ों पर झमाझम बारिश होने से कांवड़ यात्रा शुरू होने के दौरान गंगा में उफान बढने के साथ ही पानी का बहाव भी काफी तेज हो गया है, जिससे कांवड़ भरने और डुबकी लगाने के दौरान तैराकी के गुरों से अनभिज्ञ शिवभक्तों के लिए अनहोनी का खतरा बना रहेगा। लेकिन तैराकी प्रशिक्षण में भाग लेने आई पीएसी की कंपनी कांवड़ यात्रा से ऐन पहले अपने मूल तैनाती वाले स्थान को वापिस लौट चुकी है, जबकि आए साल कांवडिय़ों समेत बाढ़ प्रभावित गांवों में फंसने वालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का जिम्मा संभालने वाली एनडीआरएफ टीम भी अभी तक ब्रजघाट गंगानगरी में नहीं पहुंच पाई है, जिससे ब्रजघाट गंगानगरी से कांवड़ उठाने आने वाले शिवभक्तों की सुरक्षा राम भरोसे चल रही है।
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चेयरमैन सोना सिंह ने बताया कि पालिका स्तर से कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शिवभक्तों से जुड़े सभी बंदोबस्त पूरी तरह चाक चौबंद कराए हुए हैं। जिनमें गंगा किनारे बैरिकेडिंग और पथ-प्रकाश, मुख्य रास्तों पर सफाई, जेनरेटर से पेयजल सप्लाई, डूबने वालों को बचाने के लिए चार नाव, प्रशिक्षित गोताखोर और मोटर बोट की व्यवस्था की गई है।

कोट
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी और सीओ अशोक शुक्ल का कहना है कि कांवड़ यात्रा से जुड़े किसी भी इंतजाम में कोई खामी नहीं होने दी जाएगी। कांवड़ भरने और डुबकी लगाने के दौरान होने वाली डूबने की घटनाओं की रोकथाम को व्यापक बंदोबस्त कराए हुए हैं।
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