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Hapur News: गंगा जलस्तर में 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर की गिरावट
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जलस्तर में गिरावट के बावजूद खादर के आबादी के निकट भरा गंगा का पानी। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान नौ सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। जलस्तर घटने से फिलहाल कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन गंगा अभी भी चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही है। इसके चलते खादर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण लगातार गंगा के जलस्तर और बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे पानी पर नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शुक्रवार शाम तक गंगा का जलस्तर 198.66 मीटर दर्ज (समुंद्र तल से) किया गया। इससे पहले जलस्तर अधिक था, जिसके मुकाबले 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर की गिरावट आई है। जलस्तर में कमी के बावजूद खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को अभी राहत नहीं मिल पाई है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर सबसे अधिक परेशानी कुदैनी की मढ़ैया, काकाठेर, गड़ावली और नयाबांस क्षेत्र के लोगों को उठानी पड़ती है। इन गांवों के आसपास कई स्थानों पर गंगा का पानी पहुंचने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण सुभाष सिंह का कहना है कि बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद खादर क्षेत्र में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे रास्तों और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बढ़ जाती है।
जलस्तर घटने के बावजूद ग्रामीणों की निगाह बिजनौर बैराज से होने वाले पानी के डिस्चार्ज पर टिकी हुई है। प्रशासन की ओर से भी गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जलस्तर चेतावनी के निशान से नीचे नहीं आता, तब तक उन्हें बाढ़ की आशंका बनी रहेगी। एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि टीम गांव में सतर्कता बरत रही है। फिलहाल गांवों में पानी नहीं पहुंचा है। बिजनौर बैराज से पानी कम छोड़ा जा रहा है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शुक्रवार शाम तक गंगा का जलस्तर 198.66 मीटर दर्ज (समुंद्र तल से) किया गया। इससे पहले जलस्तर अधिक था, जिसके मुकाबले 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर की गिरावट आई है। जलस्तर में कमी के बावजूद खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को अभी राहत नहीं मिल पाई है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर सबसे अधिक परेशानी कुदैनी की मढ़ैया, काकाठेर, गड़ावली और नयाबांस क्षेत्र के लोगों को उठानी पड़ती है। इन गांवों के आसपास कई स्थानों पर गंगा का पानी पहुंचने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण सुभाष सिंह का कहना है कि बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद खादर क्षेत्र में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे रास्तों और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बढ़ जाती है।
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जलस्तर घटने के बावजूद ग्रामीणों की निगाह बिजनौर बैराज से होने वाले पानी के डिस्चार्ज पर टिकी हुई है। प्रशासन की ओर से भी गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जलस्तर चेतावनी के निशान से नीचे नहीं आता, तब तक उन्हें बाढ़ की आशंका बनी रहेगी। एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि टीम गांव में सतर्कता बरत रही है। फिलहाल गांवों में पानी नहीं पहुंचा है। बिजनौर बैराज से पानी कम छोड़ा जा रहा है।
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