{"_id":"68962c5c4a4c3d07430eea19","slug":"ganga-water-go-high-hapur-news-c-135-1-hpr1001-128522-2025-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: पानी-पानी हुए खेत, गांवों पर बाढ़ का साया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: पानी-पानी हुए खेत, गांवों पर बाढ़ का साया
Fri, 08 Aug 2025 10:27 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 08 Aug 2025 10:27 PM IST
विज्ञापन
ब्रजघाट (हापुड़)। गंगा का बढ़ते जलस्तर ने गांवों और खेतों के हालात बिगाड़ दिए हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं, इससे किसानं की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई इलाकों में खेत अब तालाब का रूप ले चुके हैं। वहीं, बाढ़ का पानी अब गांवों की तरफ बढ़ने लगा है। टापू पर बसे गंगानगर के अंदर पानी घुसने के साथ अधिकतर गांवाें के संपर्क मार्ग पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। कुछ गांवों के निचले हिस्सों से ग्रामीणों ने नाव के माध्यम से अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है।
12 साल बाद मेला मार्ग तक पहुंचा गंगा का पानी--
पिछले पांच दिन से गंगा का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। उत्तराखंड में बादल फटने के बाद तो स्थिति ओर भयंकर हो गई। गंगा ने खतरे के निशान को बृहस्पतिवार को ही पार कर दिया। वहीं, शुक्रवार को बाढ़ के निशान को पार कर गंगा ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आलम ने बताया कि बिजनौर और हरिद्वार से निरंतर गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार को छोड़े गए ढाई लाख क्यूसेक पानी के बाद शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 199.46 मीटर पहुंच गया है। इसमें करीब 24 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जबकि शुक्रवार को भी गंगा में बिजनौर बैराज से एक लाख अस्सी हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके बाद गंगा के जलस्तर में ओर बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, करीब 12 साल बाद गंगा का जलस्तर मेला मार्ग पर पहुंच गया है। यहां से प्रतिदिन करीब आठ से 10 गांवों के लोगों को आने जाने में कठिनाई हो रही है।
ये गांव हैं सबसे अधिक प्रभावित--
खादर क्षेत्र के गांव नयागांव, भगवंतपुर, घेर, मिश्रीपुर, काकठेर की मढैंया, लठीरा, शेरा कृष्णा वाली मढैंया, चक लठीरा, नयाबांस, छोटी गढ़ावली, बड़ी गढ़ावली के जंगल से होकर पानी आबादी के निकट पहुंच गया। गांव के बाहरी घर जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर भी करीब दो से चार फीट तक पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के ट्रैक्टर ट्रॉली बन रहे सहारा
गंगा का जलस्तर कई स्थानों पर इतना अधिक है कि बाइकों से जाना खतरे से कम नहीं है। ऐसे में गांव से आने जाने वाले ग्रामीण वहां से गुजरने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा ले रहे है। वहीं, सीओ वरुण मिश्रा, तहसीलदार राहुल कुमार ने खादर क्षेत्र के गांवों में जाकर ग्रामीणों से उनका हाल जाना है। साथ ही उनको आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। सरकार से मिलने वाली सभी सुविधा दी जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बांटी दवाएं
गंगा के बीच टापू पर बसें गांव गंगा नगर में जलस्तर की स्थिति बेहद ही खराब है। यहां रहने वाले 120 परिवार के लोगों को सुविधा देने के लिए अधिकारियों के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई है। उन्होंने ग्रामीणों को आवश्यकता अनुसार दवाई का वितरण किया है।
कोट -
गंगा का जलस्तर बढ़ना चिंता का विषय है। जिन घरों में जलभराव हुआ है उन्हें राहत किट दी जाएगी। जहां आने-जाने में कठिनाई हो रही है, वहां नाव की सुविधा कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी गांवों में भेज दिया गया है। - श्रीराम सिंह एसडीएम गढ़।
विज्ञापन
12 साल बाद मेला मार्ग तक पहुंचा गंगा का पानी
पिछले पांच दिन से गंगा का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। उत्तराखंड में बादल फटने के बाद तो स्थिति ओर भयंकर हो गई। गंगा ने खतरे के निशान को बृहस्पतिवार को ही पार कर दिया। वहीं, शुक्रवार को बाढ़ के निशान को पार कर गंगा ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आलम ने बताया कि बिजनौर और हरिद्वार से निरंतर गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार को छोड़े गए ढाई लाख क्यूसेक पानी के बाद शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 199.46 मीटर पहुंच गया है। इसमें करीब 24 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जबकि शुक्रवार को भी गंगा में बिजनौर बैराज से एक लाख अस्सी हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके बाद गंगा के जलस्तर में ओर बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, करीब 12 साल बाद गंगा का जलस्तर मेला मार्ग पर पहुंच गया है। यहां से प्रतिदिन करीब आठ से 10 गांवों के लोगों को आने जाने में कठिनाई हो रही है।
विज्ञापन
ये गांव हैं सबसे अधिक प्रभावित
खादर क्षेत्र के गांव नयागांव, भगवंतपुर, घेर, मिश्रीपुर, काकठेर की मढैंया, लठीरा, शेरा कृष्णा वाली मढैंया, चक लठीरा, नयाबांस, छोटी गढ़ावली, बड़ी गढ़ावली के जंगल से होकर पानी आबादी के निकट पहुंच गया। गांव के बाहरी घर जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर भी करीब दो से चार फीट तक पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के ट्रैक्टर ट्रॉली बन रहे सहारा
गंगा का जलस्तर कई स्थानों पर इतना अधिक है कि बाइकों से जाना खतरे से कम नहीं है। ऐसे में गांव से आने जाने वाले ग्रामीण वहां से गुजरने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा ले रहे है। वहीं, सीओ वरुण मिश्रा, तहसीलदार राहुल कुमार ने खादर क्षेत्र के गांवों में जाकर ग्रामीणों से उनका हाल जाना है। साथ ही उनको आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। सरकार से मिलने वाली सभी सुविधा दी जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बांटी दवाएं
गंगा के बीच टापू पर बसें गांव गंगा नगर में जलस्तर की स्थिति बेहद ही खराब है। यहां रहने वाले 120 परिवार के लोगों को सुविधा देने के लिए अधिकारियों के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई है। उन्होंने ग्रामीणों को आवश्यकता अनुसार दवाई का वितरण किया है।
कोट -
गंगा का जलस्तर बढ़ना चिंता का विषय है। जिन घरों में जलभराव हुआ है उन्हें राहत किट दी जाएगी। जहां आने-जाने में कठिनाई हो रही है, वहां नाव की सुविधा कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी गांवों में भेज दिया गया है। - श्रीराम सिंह एसडीएम गढ़।