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गंगा मेले में रही चर्चा, कैसे चलेगा खर्चा
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 09 Nov 2016 10:30 PM IST
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गंगा मेले में रही चर्चा, कैसे चलेगा खर्चा
- फोटो : Demo Pic
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500 और हजार के नोट बंद होने के बाद गंगा मेले हर तरफ बस एक ही चर्चा है कि अब खर्चा कैसे चलेगा। पांच सौ और हजार के नोट होने के बाद भी लोगों की जेबें खाली हो गई हैं। श्रद्धालुओं और कारोबारियों का कहना है कि छोटे नोट पहले ही खर्च हो चुके हैं।
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अब घर जाने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा है। बुधवार सुबह गंगा मेले में आए लोगों को जैसे ही पांच सौ और हजार के नोटों के बंद होने की खबर पता चली उनके होश उड़ गए। मेला स्थल पर दिनभर यही चर्चा होती रही कि अब खर्चा कैसे चलेगा।
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परिवार के साथ मेले में आए श्रद्धालु हजार और पांच सौ के नोट लेकर घर से निकले थे। इनका चलन बंद होने से अब यह नोट कागज के टुकड़े बनकर रह गए हैं। मेले में कोई भी दुकानदार हजार और पांच सौ का नोट लेने को तैयार नहीं है।
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लोगों की जेब में जो छोटे नोट थे, वे पहले ही खर्च हो चुके हैं। मेले में आए अमित कुमार, विरेंद्र गुर्जर, संजीव यादव का कहना है कि केंद्र सरकार के फरमान से मेले की रंगत उड़ गई है। अब घर जाकर छोटे नोट लाने के सिवाय कोई दूसरा रास्ता शेष नहीं है।