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गंगा उफनाई, खादर में बसे लोग सहमे

ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Fri, 01 Jul 2016 09:52 PM IST
झमाझम बारिश से बढ़ा जलस्तर
झमाझम बारिश से बढ़ा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ों के साथ पश्चिमी यूपी के इलाकों में झमाझम बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे खादर के गांवों में बसे लोग बाढ़ की आशंका से सहम उठे हैं। वहीं, उत्तराखंड में बादल फटने की सूचना से भी यहां के बाशिंदों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।
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गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ राहत चौकियों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। अफसरों का दावा है कि बाढ़ से निपटने के लिए हर व्यवस्था दुरुस्त है।

तहसीलदार भगत सिंह का कहना है कि एहतियात के तौर पर बाढ़ राहत चौकियों को पूर तरह सतर्क रहने की कड़ी हिदायत जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अगर कोई जरूरत पड़ती है तो फिर आलमपुर, भगवंतपुर, अब्दुल्लापुर, नक्का कुआं, मीरा रेती और ब्रजघाट की राहत चौकियों चालू करा दिया जाएगा।

उत्तराखंड के पहाड़ों के साथ ही पश्चिमी यूपी से जुड़े मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश होने से गंगा का पानी उफान पर है। इसी के साथ खादर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवार में बेचैनी बढ़ गई है।

इन परिवारों को डर सता रहा है कि पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला चलता रहा और गंगा में बाढ़ आई तो वे एक बार फिर से बेघर-बार हो जाएंगे। इलाकाई लोगों की माने तो गंगा में बाढ़ आने पर सबसे पहले खादर के लोग ही प्रभावित होते हैं।

वहीं, बादल फटने से शनिवार को तड़के कई लाख क्यूसेक पानी का बहाव आना तय है।  लोगों का मानना है कि झमाझम बारिश से टिहरी डैम और बिजनौर बैराज में पानी की अधिकता होने पर वहां से भी पानी छोड़ने का सिलसिला चालू हो जाएगा।

इसके बाद स्थिति और बिगड़ेगी। खादर क्षेत्र के नौबत सिंह, मेवाराम, प्रेमराज, रामलाल, निहाल सिंह का कहना है कि खादर के निचले जंगल में जलभराव का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

केंद्रीय जल निगम के अवर अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि पहाड़ों के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश होने से दस घंटों के भीतर जलस्तर में 36 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे शुक्रवार की शाम को ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 197.74 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है।

बाढ़ कंट्रोल रूम मेरठ के सूत्रों का कहना है कि पहाड़ों पर बादल फटने से हरिद्वार और बिजनौर बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी रिलीज किया गया है, जिसके शनिवार की सुबह तक पहुंचने से ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

लेखपालों समेत राजस्व टीम को बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया। तहसीलदार भगत सिंह का कहना है कि एहतियाती तौर पर लेखपालों समेत राजस्व टीम को भी सतर्क कर दिया गया है,

जिन्हें खादर से जुड़े गांवों समेत गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी की निगरानी कर इसकी सारी रिपोर्ट तहसील मुख्यालय को भेजने का जिम्मा भी सौंपा गया है।
 

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