{"_id":"6567773797b9aa537c05616b","slug":"five-year-annual-report-sent-evaluation-will-start-in-two-and-a-half-months-hapur-news-c-135-1-hpr1001-5284-2023-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: पांच साल की वार्षिक रिपोर्ट भेजी, ढाई महीने में शुरू होगा मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: पांच साल की वार्षिक रिपोर्ट भेजी, ढाई महीने में शुरू होगा मूल्यांकन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज में नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल) की तैयारियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। पांच साल की वार्षिक रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। 70 फीसदी एसएसआर का काम भी पूरा हो गया है। ढाई महीने में नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होने का अनुमान है। बुधवार को नैक कमेटी की बैठक में सात मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई।
सीसीएसयू को ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने के बाद से वीसी की प्राथमिकता विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को भी इस श्रेणी में शामिल कराना है। वैसे तो हापुड़ में एसएसवी पीजी कॉलेज को छोड़कर अन्य कोई कॉलेज नैक में दिलचस्पी नहीं दिखाते लेकिन, इस बार सीसीएसयू ने पीजी के नये कोर्स की मान्यता नैक के आधार पर ही देने का आदेश जारी किया है। इसी क्रम में एसएसवी पीजी कॉलेज नैक के महत्वपूर्ण सात मानकों पर खतरा उतरने के लिए आतुर है। बुधवार को कॉलेज में नैक की तैयारी में जुटी कमेटी ने प्राचार्य के साथ बैठक की, इसमें तैयारियों का खाका तैयार किया गया। जिन बिंदुओं पर कार्य हो चुका है, उन पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
एसएसवी पीजी कॉलेज में वर्ष 2011-16 के बीच नैक की तैयारियां शुरू हुई थी। इसमें कॉलेज को बी ग्रेड मिला था, जिले के अन्य कॉलेजों की दृष्टि से देखें तो यह कीर्तिमान था। हालांकि इसमें अब सुधार की जी तोड़ मेहनत हो रही है। एसएसवी कॉलेज के प्राचार्य प्रो.नवीन चंद्र सिंह ने बताया कि शासन की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 331 सरकारी कॉलेजों में से सिर्फ 42 में नैक का मूल्यांकन हुआ है। इसमें 11 कॉलेज को सी और 20 कॉलेजों को बी ग्रेड मिला है।
विज्ञापन
पांच साल तक लगातार कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट भेजने पर पहला चरण पूरा माना जाता है। इसके बाद पूरे कॉलेज के क्रियाकलापों की एसएसआर तैयार करनी होती है। इसे नैक में प्रस्तुत करने पर 45 दिन का समय मिलता है। इन 45 दिन में पांच साल का डाटा तैयार किया जाता है। 70 फीसदी मूल्यांकन ऑनलाइन होता है। इसमें टीम यदि संतुष्ट हो जाती है तो शेष 30 फीसदी मूल्यांकन कॉलेज में आकर होता है। बैठक में कॉर्डिनेटर डॉ.स्वागता बासु, सदस्य प्रो.संगीता अग्रवाल, प्रो.आरके शर्मा, प्रो.एसपी सिंह, डॉ.नीनू अग्रवाल, डॉ.सीमा अग्रवाल, डॉ.अनुज गर्ग, डॉ.आरपी सिंह।
-
विज्ञापन
हापुड़। दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज में नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल) की तैयारियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। पांच साल की वार्षिक रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। 70 फीसदी एसएसआर का काम भी पूरा हो गया है। ढाई महीने में नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होने का अनुमान है। बुधवार को नैक कमेटी की बैठक में सात मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई।
सीसीएसयू को ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने के बाद से वीसी की प्राथमिकता विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को भी इस श्रेणी में शामिल कराना है। वैसे तो हापुड़ में एसएसवी पीजी कॉलेज को छोड़कर अन्य कोई कॉलेज नैक में दिलचस्पी नहीं दिखाते लेकिन, इस बार सीसीएसयू ने पीजी के नये कोर्स की मान्यता नैक के आधार पर ही देने का आदेश जारी किया है। इसी क्रम में एसएसवी पीजी कॉलेज नैक के महत्वपूर्ण सात मानकों पर खतरा उतरने के लिए आतुर है। बुधवार को कॉलेज में नैक की तैयारी में जुटी कमेटी ने प्राचार्य के साथ बैठक की, इसमें तैयारियों का खाका तैयार किया गया। जिन बिंदुओं पर कार्य हो चुका है, उन पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
विज्ञापन
एसएसवी पीजी कॉलेज में वर्ष 2011-16 के बीच नैक की तैयारियां शुरू हुई थी। इसमें कॉलेज को बी ग्रेड मिला था, जिले के अन्य कॉलेजों की दृष्टि से देखें तो यह कीर्तिमान था। हालांकि इसमें अब सुधार की जी तोड़ मेहनत हो रही है। एसएसवी कॉलेज के प्राचार्य प्रो.नवीन चंद्र सिंह ने बताया कि शासन की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 331 सरकारी कॉलेजों में से सिर्फ 42 में नैक का मूल्यांकन हुआ है। इसमें 11 कॉलेज को सी और 20 कॉलेजों को बी ग्रेड मिला है।
विज्ञापन
पांच साल तक लगातार कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट भेजने पर पहला चरण पूरा माना जाता है। इसके बाद पूरे कॉलेज के क्रियाकलापों की एसएसआर तैयार करनी होती है। इसे नैक में प्रस्तुत करने पर 45 दिन का समय मिलता है। इन 45 दिन में पांच साल का डाटा तैयार किया जाता है। 70 फीसदी मूल्यांकन ऑनलाइन होता है। इसमें टीम यदि संतुष्ट हो जाती है तो शेष 30 फीसदी मूल्यांकन कॉलेज में आकर होता है। बैठक में कॉर्डिनेटर डॉ.स्वागता बासु, सदस्य प्रो.संगीता अग्रवाल, प्रो.आरके शर्मा, प्रो.एसपी सिंह, डॉ.नीनू अग्रवाल, डॉ.सीमा अग्रवाल, डॉ.अनुज गर्ग, डॉ.आरपी सिंह।
-