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Hapur News: रेलवे लाइन सर्वे के विरोध में एकजुट हुए किसान
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गांव वैठ में किसान मजदूर यूनियन की बैठक में आरपीआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिन्हा का स्वागत
सिंभावली। गढ़ तहसील क्षेत्र में नई रेलवे लाइन के लिए भूति अधिग्रहण के सर्वे के विरोध में गांव वैठ में किसान-मजदूर संगठन की बैठक हुई, जिसमें आरपीआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिन्हा ने भी प्रतिभाग किया। किसानों ने उनका स्वागत किया।
इस दौरान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष छोटे खां ने कहा कि गाजियाबाद-मुरादाबाद की ओर नई रेलवे लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर शासन के निर्देश पर तहसील स्तर से सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नई रेलवे लाइन में सिखेड़ा, रतूपुरा, वैठ, फुलड़ी, अठसैनी, सरूरपुर, गढ़ बांगर समेत अन्य कई गांवों की जमीन अधिग्रहण होगी। छोटे खां ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे और नए राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य परियोजनाओं में पहले ही क्षेत्र के किसानों की जमीन बड़े स्तर पर शासन ने ले ली है। नया सर्वे आबादी और खेती की जमीन का चल रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों से उनकी उपजाऊ भूमि इस तरह ली जाती रही, तो खेती कार्य बुरी तरह प्रभावित होगा। वहीं, किसान की आजीविका भी खत्म हो जाएगी। संजय सिन्हा ने कहा कि रेलवे लाइन का विस्तार जरूरी है। लेकिन, क्षेत्र के किसानों की समस्या को लेकर वह उनकी बात पीएम व रेल मंत्रालय तक पहुंचाएंगे। इस दौरान फकरे आलम, विनोद कुमार सागर, अतहर खां, अजहर योगेश शर्मा, हबीबुर्रहमान, मोनिश आजाद समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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इस दौरान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष छोटे खां ने कहा कि गाजियाबाद-मुरादाबाद की ओर नई रेलवे लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर शासन के निर्देश पर तहसील स्तर से सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नई रेलवे लाइन में सिखेड़ा, रतूपुरा, वैठ, फुलड़ी, अठसैनी, सरूरपुर, गढ़ बांगर समेत अन्य कई गांवों की जमीन अधिग्रहण होगी। छोटे खां ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे और नए राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य परियोजनाओं में पहले ही क्षेत्र के किसानों की जमीन बड़े स्तर पर शासन ने ले ली है। नया सर्वे आबादी और खेती की जमीन का चल रहा है।
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उन्होंने कहा कि किसानों से उनकी उपजाऊ भूमि इस तरह ली जाती रही, तो खेती कार्य बुरी तरह प्रभावित होगा। वहीं, किसान की आजीविका भी खत्म हो जाएगी। संजय सिन्हा ने कहा कि रेलवे लाइन का विस्तार जरूरी है। लेकिन, क्षेत्र के किसानों की समस्या को लेकर वह उनकी बात पीएम व रेल मंत्रालय तक पहुंचाएंगे। इस दौरान फकरे आलम, विनोद कुमार सागर, अतहर खां, अजहर योगेश शर्मा, हबीबुर्रहमान, मोनिश आजाद समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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