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साठ हजार किसानों का 273 करोड़ दो मिलों पर बकाया

Sat, 04 Jun 2016 09:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Sat, 04 Jun 2016 09:10 PM IST
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Farmers 273 crore outstanding on two mills.
क‌िसान - फोटो : अमर उजाला

जिले की दोनों चीनी मिलों पर 60 हजार किसानों का 273 करोड़ रुपया बकाया है। मिल मालिक किसानों का भुगतान करने के लिए तैयार नहीं हैं। किसान अपनी उपज का भुगतान लेने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। धरना, प्रदर्शन आंदोलन के बाद भी मिल भुगतान करने को तैयार नहीं हैं।

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गन्ना किसानों ने वर्ष 2015-16 में सिंभावली शुगर मिल को 294 करोड़ रुपये का गन्ना दिया था, लेकिन भुगतान मात्र 96 करोड़ रुपये का ही किया है। ब्रजनाथपुर शुगर मिल को 97 करोड़ रुपये का गन्ना बेचा गया था,
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जबकि भुगतान मात्र 22 करोड़ रुपये का ही किया है। कई सालों से किसानों को गन्ने का भुगतान समय से नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि गन्ना भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
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अपनी फसल का भुगतान लेने के लिए किसानों ने धरना प्रदर्शन, आंदोलन किए, लेकिन मिल मालिक भुगतान करने को तैयार नहीं हैं। गन्ना विभाग और प्रशासनिक अफसरों के साथ मिल प्रबंधकों ने कई बार बैठक की हैं।

हर बार मिल प्रबंधक जल्द भुगतान करने का आश्वासन देते हैं। भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा गन्ना किसान उठा रहे हैं।

गन्ना भुगतान न होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार भी इस ओर गंभीर नहीं किया। जिस कारण मिल भी मनमानी कर रही है। नरेन्द्र सहवाग,श्यामपुर

गन्ना किसान कई सालों से बर्बाद हो रहा है। अपनी उपज का मूल्य भी नहीं मिल रहा है। यहीं स्थिति रही तो किसान बर्बाद हो जाएगा। मगन प्रकाश त्यागी, दादरी

गन्ना किसानों की न तो सरकार को चिंता है और न ही मिल मालिकों को, यहीं कारण है कि किसान पैसे पैसे के लिए परेशान हैं लेकिन कोई ध्यान देने के लिए तैयार नहीं है। आदेश चौधरी  ततारपुर

किसानों की उपेक्षा से गन्ना उत्पादन पर बुरा असर पड़ रह है। अगर किसान को गन्ना और धान की समय पर सही भुगतान नहीं होगा तो किसान का आर्थिक रूप से कमर टूट जायेगी। इसलिए सरकार इस ओर ध्यान दें। मलूक सिंह

गन्ना मिल के बंद होने के तीन माह के अंदर भुगतान नहीं किए जाने पर मिल के खिलाफ आरसी जारी की जाती है। अगर जल्द मिलों ने भुगतान नहीं किया तो जून के अंतिम सप्ताह में वसूली के लिए आरसी कटवाई जाएगी। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि जल्द किसानों को उनका भुगतान दिलाया जाए। नम्रता कश्यप, डीसीओ


सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल ने वर्ष 2014-15 के गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है, लेकिन ब्याज के करीब तीस करोड़ रुपये का अब तक भुगतान नहीं किया गया है।

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