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Hapur News: टेंडरों में गड़बड़ी की शिकायत पर ईओ हापुड़ का तबादला
Sat, 03 Feb 2024 10:28 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 03 Feb 2024 10:28 PM IST
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हापुड़। नगर पालिका के टेंडरों में मिल रही शिकायतों पर शासन की ओर से संज्ञान लिया गया है। जिसके बाद ईओ सौरभ नाथ का स्थानांतरण शनिवार को अयोध्या नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त के पद किया गया है। फिलहाल मामले की जांच एडीएम हापुड़ कर रहे हैं, लेकिन उससे पहले ही यह कार्रवाई की गई है।
आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों और नलकूप संचालन के टेंडर को लेकर पिछले कुछ दिनों से नगर पालिका के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लग रहे थे। इस मामले की शिकायत डीएम प्रेरणा शर्मा से की गई थी। डीएम ने मामले की जांच एडीएम संदीप सिंह को सौंपी थी। आरोप था कि टेंडर में नियम और शर्तों की अनदेखी करते हुए टेंडर छोड़े गए हैं। मामले में शिकायत के बाद दोनों टेंडरों की जांच एडीएम संदीप कुमार कर रहे हैं। जलकल के टेंडर में भी अनियमितताएं बरतने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से इनकी तिथि बढ़ाई गई और अपने चहेतों को टेंडर दे दिया गया। वहीं जांच के दौरान भी अधिकारियों ने टेंडर की फाइल दबाने का प्रयास किया। ईओ को एडीएम ने तलब किया था लेकिन वह टेंडर की फाइल लेकर गायब हो गए। मामले में विधायक विजयपाल आढ़ती ने भी शासन में शिकायत की थी। जिसके बाद से ईओ पर आरोप लग रहे थे।
मंडलायुक्त तक पहुंचा मामला, जांच के लिए गठित कमेटी-
मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे ने तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई है। अपर मंडलायुक्त, एडीएम हापुड़ और कोषाधिकारी को जांच कमेटी में शामिल किया गया है। तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। संबंधित अधिकारियों के मोबाइल आदेश के बाद बंद हो गए।
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आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों और नलकूप संचालन के टेंडर को लेकर पिछले कुछ दिनों से नगर पालिका के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लग रहे थे। इस मामले की शिकायत डीएम प्रेरणा शर्मा से की गई थी। डीएम ने मामले की जांच एडीएम संदीप सिंह को सौंपी थी। आरोप था कि टेंडर में नियम और शर्तों की अनदेखी करते हुए टेंडर छोड़े गए हैं। मामले में शिकायत के बाद दोनों टेंडरों की जांच एडीएम संदीप कुमार कर रहे हैं। जलकल के टेंडर में भी अनियमितताएं बरतने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से इनकी तिथि बढ़ाई गई और अपने चहेतों को टेंडर दे दिया गया। वहीं जांच के दौरान भी अधिकारियों ने टेंडर की फाइल दबाने का प्रयास किया। ईओ को एडीएम ने तलब किया था लेकिन वह टेंडर की फाइल लेकर गायब हो गए। मामले में विधायक विजयपाल आढ़ती ने भी शासन में शिकायत की थी। जिसके बाद से ईओ पर आरोप लग रहे थे।
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मंडलायुक्त तक पहुंचा मामला, जांच के लिए गठित कमेटी-
मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे ने तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई है। अपर मंडलायुक्त, एडीएम हापुड़ और कोषाधिकारी को जांच कमेटी में शामिल किया गया है। तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। संबंधित अधिकारियों के मोबाइल आदेश के बाद बंद हो गए।
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