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डंपिंग ग्राउंड मामला : गालंद में नहीं बनने देंगे डंपिंग ग्र्राउंड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jun 2023 10:43 PM IST
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Dumping ground will not be allowed to be built in Galand
संवाद न्यूज एजेंसी
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पिलखुवा। डंपिंग ग्राउंड के विरोध में रविवार को गालंद में हुई महापंचायत में ग्रामीणों ने किसी भी हालत में यहां डंपिंग ग्राउंड न बनने देने की घोषणा की। किसानों ने कहा कि मामले के विरोध में ग्रामीणों का धरना तब तक चलेगा, जब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो जाता। महापंचायत में आसपास के गावों के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। जिसकी अध्यक्षता हुकम सिंह और संचालन धर्मपाल सिंह द्वारा किया गया।
जनकल्याण किसान वेलफेयर समिति के आह्वान पर आयोजित महापंचायत में किसान मजदूर संगठन के प्रदेश राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित राणा, शिवकुमार तोमर, नितेंद्र, समिति के अध्यक्ष राजीव तोमर, मनोज तोमर, पवन कुमार, ब्रजमोहन तोमर ने किसानों के साथ हुंकार भरी। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि गाजियाबाद नगर निगम जबरन यहां डंपिंग ग्राउंड बनाकर दर्जनों गावों के युवाओं का भविष्य खराब करना चाहता है। इस डंपिंग ग्राउंड को किसी भी कीमत पर नहीं बनने दिया जाएगा। इससे संक्रामण बीमारी फैलने का खतरा बन जाएगा। यहां पर कई शैक्षिणक संस्था होने के साथ आबादी बसी है। इसके बनने से बदबू होगी और रहना दूभर हो जाएगा खासतौर पर वृद्ध एवं सांस के मरीजों को अधिक दिक्कत होगी, युवाओं की कोई शादी नहीं करेगा। इसके यहा बनने भूजल दूषित होगा।
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चाहे जान चली जाए, लेकिन नहीं बनने देंगे डंपिंग ग्राउंड-
किसानों ने घोषणा की कि मामला उच्च न्यायालय में विचारधीन होने के बावजूद भी निगम जबरन बनाना चाहता है। कोर्ट ने शपथ पत्र दाखिल करने के बावजूद निगम अभी तक दाखिल नहीं कर सका है। चाहे इसके लिए ग्रामीणों को अपनी जान की आहुति ही भले देनी पड़े, लेकिन इसका निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
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निगम डंपिग ग्राउंड के स्थान पर अन्य कोई फैक्टरी या शैक्षणिक संस्था बनाये, ग्रामीण उसका स्वागत और सहयोग करेंगे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी पंचायत स्थल और रास्ते में तैनात रही। पंचायत में संजय कोरी, अतुल तोमर, मनवीर सिंह, श्रीप्रकाश, राजू, हरिओम, सुरेश तोमर, आशु तोमर, योगेंद्र, प्रदीप राणा, आचल, सूरज, कृष्णपाल, संजीव, श्रीपाल, शीशपाल, प्रेमपाल, योगेश तोमर समेत अन्य सैकड़ों ग्रामीण एवं किसान नेता उपस्थित रहे।
सीओ वरूण मिश्रा ने कहा कि ग्रामीणों दस दिन से धरनारत है, रविवार को उनके द्वारा शांति पूर्वक तरीका से पंचायत का आयोजन किया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत पंचायत स्थल पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।


यह है मामला
जीडीए ने करीब डेढ दशक पूर्व मसूरी गंगनहर किनारे गालंद एवं पिपलेड़ा गांव जंगल में करीब ४५ एकड़ भूमि खरीदी थी, जिस पर गाजियाबाद नगर निगम कूड़ा निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाना चाहता है। प्लांट लगाने का कार्य नीदरलैंड की जीएस इंटरनेशनल कंपनी द्वारा किया जाना है। जिसका गालंद, पिपलेड़ा, खेड़ा, छिजारसी, लाखन, मसूरी, धौलाना समेत कई ग्रावों के ग्रामीणों डंपिंग ग्राउंड बताकर विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते निगम चिन्हित भूमि की अभी तक चाहरदीवारी तक नहीं कराया पाया है। विधानसभा चुनाव से पहले ग्रामीणों लंबे समय तक धरनारत रहे थे। गाजियाबाद और हापुड़ के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी कई बार ग्रामीणों से इस बाबत वार्ता कर कर चुके, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। चुनाव के दौरान मामला दिल्ली से लेकर लखनऊ तक गूंजने के उपरांत इसके निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी।
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