फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Drug patients were in line.

दवा के लिए घंटों लाइन में लगे रहे मरीज

Wed, 10 Aug 2016 08:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Wed, 10 Aug 2016 08:02 PM IST
विज्ञापन
Drug patients were in line.
राज्य कर्मचारियों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के पहले दिन स्वास्थ्य सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। फार्मासिस्टों के हड़ताल में शामिल होने के कारण मरीजों को दवाओं के लिए घंटों परेशान होना पड़ा। वहीं कृषि विभाग सहित अन्य 36 विभागों में भी आमजन को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

विज्ञापन


कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में बुधवार को मरीजों की भीड़ लगी रही। फार्मासिस्टों के हड़ताल पर होने के कारण मरीजों को करीब 11 बजे तक दवाएं नहीं मिल सकीं। बुखार और डायरिया जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को घंटों लाइन में लगकर दवा के लिए इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन


हड़ताल की सूचना के बाद भी अस्पताल में कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी। इसकी वजह से मरीजों को काफी परेशानी हुई। इसके अलावा कृषि विभाग सहित अन्य कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा रहा। किसान अपने काम कराने के लिए इधर उधर भटकते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभिन्न मांगों का निस्तारण न होने के विरोध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर हैं। बुधवार को हड़ताल के पहले दिन राज्य कर्मियों नगर पालिका पार्क में सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया।

इसमें कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कोषागार विभाग, ग्राम्य विकास, सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग, उद्यान विभाग, डिप्लोमा इंजीनियर, वाणिज, संग्रह अमीन संघ, लेखपाल संघ, नलकूप संघ, वन विभाग सहित 36 विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया।

परिषद के जिलाध्यक्ष विजय पाल सिंह ने कहा कि सरकार आश्वासन के बावजूद राज्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि सरकार के सौतेले व्यवहार को अब कतई बर्दाश्त नहीं जाएगा।

परिषद के मंत्री धर्मेंद्र कुमार जाखड़ ने राज्य कर्मचारियों से सहयोग की अपील की। कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर इलाज कराने पहुंची फूलवती ने बताया कि बीते दो घंटे तक वह दवाओं के लिए बैठी हैं। फार्मेसिस्टों के हड़ताल पर होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिल पा रही है।

गीता ने बताया कि वह काफी बीमार हैं। चिकित्सक ने स्वास्थ्य जांच के बाद दवाएं लिख दी हैं लेकिन दवा काउंटर पर कर्मचारी तैनात न होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।


रामरती ने कहा कि फार्मेसिस्टों के हड़ताल पर चले जाने से उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं। सरकार और कर्मचारियों के बीच आम जनता को पिसना पड़ रहा है।

लक्ष्मी का कहना था कि वह काफी बीमार चल रही हैं। ठीक से खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा है। ऐसे में दो घंटे से दवाओं के इंतजार में खड़ी हैं। इससे उनकी तबीयत और बिगड़ गई है।

दवाएं वितरित करने के लिए जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी। हड़ताल से अस्पताल का कामकाज प्रभावित नहीं होगा। एके सिंह, सीएमओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed