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Hapur News: मानदेय न मिलने पर प्रशिक्षु चिकित्सकों ने दिया धरना
Thu, 18 Apr 2024 11:11 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 18 Apr 2024 11:11 PM IST
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पिलखुवा। पबला रोड स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रशिक्षु चिकित्सक अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन पर सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय न देने का आरोप लगाया है। प्रशिक्षु चिकित्सकों ने निर्धारित मानदेय, रात 9 बजे के बाद बाहर आने-जाने की मांग उठाई है।
प्रशिक्षु चिकित्सकों का कहना है कि वह 2019 बैच के छात्र हैं। वर्तमान में उनकी इंटर्नशिप चल रही है। उनका कहना है कि कॉलेज से इंटर्नशिप के लिए कोई आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है। प्रदेश सरकार द्वारा बताए गए अनुसार वजीफा भी नहीं मिला है। सरकार द्वारा प्रशिक्षु चिकित्सकों को 12 हजार रुपये प्रति माह के स्थान पर आठ हजार का मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय, शनिवार को आधे और रविवार को पूरे दिन की छुट्टी दिए जाने की मांग की। संस्थान के उपनिदेशक मुकुल शर्मा का कहना है कि सरकार द्वारा निर्धारित 12 हजार रुपये का मानदेय सरकारी कॉलेजों के लिए है, निजी के लिए निर्धारित मानदेय नहीं है। प्रशिक्षु चिकित्सकों को वार्ता करने के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वह तैयार नहीं है। संस्थान के अपने भी नियम कायदे है, सुरक्षा के दृष्टिगत रात 9 बजे के बाद बाहर आने-जाने पर प्रतिबंध है।
मुख्य गेट पर उप निदेशक की कार रोकी
प्रशिक्षु चिकित्सकों ने उप निदेशक मनोज सिसोदिया की कार को कॉलेज एवं अस्पताल के मुख्य गेट पर रोक लिया। उप निदेशक ने समझाने का प्रयास किया और प्रबंधन से वार्ता कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। लेकिन प्रशिक्षु चिकित्सक अपनी मांगे पर अड़े रहे। उन्होंने प्रबंधन से वार्ता करने से भी इन्कार कर दिया। जिसके बाद उपनिदेशक गाड़ी को गेट पर छोड़कर पैदल कार्यालय गए।
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प्रशिक्षु चिकित्सकों का कहना है कि वह 2019 बैच के छात्र हैं। वर्तमान में उनकी इंटर्नशिप चल रही है। उनका कहना है कि कॉलेज से इंटर्नशिप के लिए कोई आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है। प्रदेश सरकार द्वारा बताए गए अनुसार वजीफा भी नहीं मिला है। सरकार द्वारा प्रशिक्षु चिकित्सकों को 12 हजार रुपये प्रति माह के स्थान पर आठ हजार का मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय, शनिवार को आधे और रविवार को पूरे दिन की छुट्टी दिए जाने की मांग की। संस्थान के उपनिदेशक मुकुल शर्मा का कहना है कि सरकार द्वारा निर्धारित 12 हजार रुपये का मानदेय सरकारी कॉलेजों के लिए है, निजी के लिए निर्धारित मानदेय नहीं है। प्रशिक्षु चिकित्सकों को वार्ता करने के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वह तैयार नहीं है। संस्थान के अपने भी नियम कायदे है, सुरक्षा के दृष्टिगत रात 9 बजे के बाद बाहर आने-जाने पर प्रतिबंध है।
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मुख्य गेट पर उप निदेशक की कार रोकी
प्रशिक्षु चिकित्सकों ने उप निदेशक मनोज सिसोदिया की कार को कॉलेज एवं अस्पताल के मुख्य गेट पर रोक लिया। उप निदेशक ने समझाने का प्रयास किया और प्रबंधन से वार्ता कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। लेकिन प्रशिक्षु चिकित्सक अपनी मांगे पर अड़े रहे। उन्होंने प्रबंधन से वार्ता करने से भी इन्कार कर दिया। जिसके बाद उपनिदेशक गाड़ी को गेट पर छोड़कर पैदल कार्यालय गए।
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