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Hapur News: नौनिहालों की शिक्षा पर संकट, खस्ताहाल स्कूलों ने छीन ली छत
Wed, 30 Jul 2025 10:27 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 30 Jul 2025 10:27 PM IST
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हापुड़। बेसिक शिक्षा विभाग भले ही विद्यालयों की मरम्मत पर करोड़ों खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर तस्वीर अच्छी नहीं है। जिले के प्राथमिक, कंपोजिट और जूनियर स्कूलों के भवन जर्जर हो गए हैं। छत से झड़ते प्लास्टर, टपकते पानी के बीच छात्रों की पढ़ाई हो रही है। हाल की घटनाओं से घबराए शिक्षक अब बच्चों को खुले में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। उनके कार्यालय भी सुरक्षित नहीं हैं।
हर साल शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों का सर्वे कराया जाता है। इसमें जर्जर स्कूलों के भवनों की निलामी, मरम्मत की रिपोर्ट तैयार होती हैं। सर्वे के बावजूद अभी भी ऐसे बहुत से स्कूल हैं, जिनके भवन जर्जर हैं।आए दिन मलबा नीचे गिरता रहता है। प्रधानाध्यापक विभाग को सूचित करा चुके हैं, लेकिन राहत नहीं मिल सकी है।
सीन नंबर एक, गणेश प्राथमिक विद्यालय
तगासराय स्थित गणेश प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर अवस्था में हैं। पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ही कक्ष है। दूसरे कक्ष में पानी टपक रहा था, इसके कारण छात्रों को खुले में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। इस विद्यालय में शिक्षकों के कार्यालय की छत का प्लास्टर भी जर्जर हालत में था। प्रधानाध्यापिका पूनम रानी ने बताया कि इस संबंध में पत्र लिखा जा चुका है। एक कक्ष को ध्वस्त करने की नीलामी हो चुकी है। बच्चों की अधिकता और बीटीसी के प्रशिक्षुओं के पढ़ाने के कारण बच्चों को कुछ देर के लिए बाहर बैठाया था।
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सीन नंबर दो, पीएम श्री कंपोजिट स्कूल, फूलगढ़ी-
फूलगढ़ी स्थित पीएम श्री कंपोजिट स्कूल की हालत खराब थी। शौचालय गिरने की हालत में था, बच्चे डरे सहमे इसमें जाने को मजबूर दिखाई दिए। कक्ष के अंदर दीवार और छत की हालत भी ठीक नहीं थी। जान को जोखिम में डालकर यहां बच्चे पढ़ाई करने आ रहे थे।
कोट -
तकनीकी टीम के सर्वे में स्कूलों के जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने की नीलामी की जा चुकी है। ऐसे 11 स्कूलों के भवन चिन्हित हुए हैं। प्रधानाध्यापकों से मरम्मत कराने के लिए स्कूलों की सूची मांगी गई है। - रितु तोमर, बीएसए।
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हर साल शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों का सर्वे कराया जाता है। इसमें जर्जर स्कूलों के भवनों की निलामी, मरम्मत की रिपोर्ट तैयार होती हैं। सर्वे के बावजूद अभी भी ऐसे बहुत से स्कूल हैं, जिनके भवन जर्जर हैं।आए दिन मलबा नीचे गिरता रहता है। प्रधानाध्यापक विभाग को सूचित करा चुके हैं, लेकिन राहत नहीं मिल सकी है।
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सीन नंबर एक, गणेश प्राथमिक विद्यालय
तगासराय स्थित गणेश प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर अवस्था में हैं। पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ही कक्ष है। दूसरे कक्ष में पानी टपक रहा था, इसके कारण छात्रों को खुले में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। इस विद्यालय में शिक्षकों के कार्यालय की छत का प्लास्टर भी जर्जर हालत में था। प्रधानाध्यापिका पूनम रानी ने बताया कि इस संबंध में पत्र लिखा जा चुका है। एक कक्ष को ध्वस्त करने की नीलामी हो चुकी है। बच्चों की अधिकता और बीटीसी के प्रशिक्षुओं के पढ़ाने के कारण बच्चों को कुछ देर के लिए बाहर बैठाया था।
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सीन नंबर दो, पीएम श्री कंपोजिट स्कूल, फूलगढ़ी-
फूलगढ़ी स्थित पीएम श्री कंपोजिट स्कूल की हालत खराब थी। शौचालय गिरने की हालत में था, बच्चे डरे सहमे इसमें जाने को मजबूर दिखाई दिए। कक्ष के अंदर दीवार और छत की हालत भी ठीक नहीं थी। जान को जोखिम में डालकर यहां बच्चे पढ़ाई करने आ रहे थे।
कोट -
तकनीकी टीम के सर्वे में स्कूलों के जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने की नीलामी की जा चुकी है। ऐसे 11 स्कूलों के भवन चिन्हित हुए हैं। प्रधानाध्यापकों से मरम्मत कराने के लिए स्कूलों की सूची मांगी गई है। - रितु तोमर, बीएसए।