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तेजाब फेंककर मां-बेटी की हत्या करने वाले को उम्रकैद
अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:50 AM IST
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2011 में नगला बड गांव में एक महिला और उसकी मासूम बेटी पर तेजाब फेंककर हत्या करने वाले अभियुक्त को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी।
उस पर 2.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वारदात तीन भाइयों ने की थी। एक अभियुक्त की मुकदमे के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे को कोर्ट ने बरी कर दिया। जुर्माने की 70 प्रतिशत धनराशि मृतक महिला के पति को मिलेगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि 14 दिसंबर 2011 को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के नगला बड गांव निवासी सदाकत की पत्नी अफसाना दो वर्षीय बेटी समरीन के साथ घर पर सो रही थी।
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आरोप था कि रात करीब तीन बजे गांव के ही सुलेमान, गुलफाम और उस्मान पुत्र मजीद उसके घर में घुस आए और अफसाना, समरीन पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब हटाने की कोशिश में सदाकत की चाची आफरून भी झुलस गई।
घटना के दो दिन बाद अफसाना की मौत हो गई। एक माह बाद मासूम समरीन ने भी दम तोड़ दिया। सदाकत ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि सात दिसंबर 2011 को गुलफाम ने उससे 20 हजार रुपये उधार मांगे थे।
रुपये देने से उसने इंकार कर दिया था। घटना के वक्त गुलफाम, सुलेमान और उस्मान उसे निशाना बनाने आए थे। इस वारदात में सदाकत ने तीनों को नामजद किया था। मुकदमे के दौरान सुलेमान की मौत हो गई थी।
सोमवार को सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने गुलफाम को दोषी पाया। जबकि उस्मान को बरी कर दिया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी गुलफाम को उम्रकैद और 2.50 लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी। आरोपी जेल से ही फैसला सुनने के लिए आया था।
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उस पर 2.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वारदात तीन भाइयों ने की थी। एक अभियुक्त की मुकदमे के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे को कोर्ट ने बरी कर दिया। जुर्माने की 70 प्रतिशत धनराशि मृतक महिला के पति को मिलेगी।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि 14 दिसंबर 2011 को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के नगला बड गांव निवासी सदाकत की पत्नी अफसाना दो वर्षीय बेटी समरीन के साथ घर पर सो रही थी।
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आरोप था कि रात करीब तीन बजे गांव के ही सुलेमान, गुलफाम और उस्मान पुत्र मजीद उसके घर में घुस आए और अफसाना, समरीन पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब हटाने की कोशिश में सदाकत की चाची आफरून भी झुलस गई।
घटना के दो दिन बाद अफसाना की मौत हो गई। एक माह बाद मासूम समरीन ने भी दम तोड़ दिया। सदाकत ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि सात दिसंबर 2011 को गुलफाम ने उससे 20 हजार रुपये उधार मांगे थे।
रुपये देने से उसने इंकार कर दिया था। घटना के वक्त गुलफाम, सुलेमान और उस्मान उसे निशाना बनाने आए थे। इस वारदात में सदाकत ने तीनों को नामजद किया था। मुकदमे के दौरान सुलेमान की मौत हो गई थी।
सोमवार को सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने गुलफाम को दोषी पाया। जबकि उस्मान को बरी कर दिया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी गुलफाम को उम्रकैद और 2.50 लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी। आरोपी जेल से ही फैसला सुनने के लिए आया था।