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फौजी नहीं लुटेरा निकला, दो साथी हिरासत में
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Sun, 27 Nov 2016 12:45 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर बाईपास रोड पर संदिग्ध हालात में गोली लगने से घायल कथित फौजी के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच में वह फौजी नहीं पाया गया है। खुद को फौजी बताकर वह पुलिस को गुमराह कर रहा था।
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सूत्रों के अनुसार, पुलिस उसके दो साथियों को कार व पिस्टल समेत हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शनिवार को पूरे दिन हाफिजपुर थाने में नोएडा, मेरठ, अमरोहा सहित कई जिले के पुलिस अफसरों का जमावड़ा लगा रहा।
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बताया गया है कि बृहस्पतिवार रात कथित फौजी ने अपने तीन साथियों के साथ अमरोहा में हाईवे पर लूटपाट की थी। इतना ही नहीं पुलिस अफसरों को आरोपियों के आतंकी कनेक्शन की भी आशंका है।
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बुलंदशहर बाईपास रोड पर शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में पटियाला के प्रोफेसर कालोनी निवासी रंजीत सिंह गोली लगने से घायल हालत में मिला था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस पूछताछ में खुद को फौजी बताते हुए वह लगातार बयान बदल रहा था। इससे अधिकारियों को उस पर शक हुआ। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार रंजीत सिंह के दो साथियों को कार और पिस्टल के साथ पकड़ा गया।
शनिवार को रंजीत सिंह व उसके साथियों से पूछताछ के लिए अमरोहा, नोएडा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों के अधिकारी हाफिजपुर थाने पहुंचे। नोएडा एसटीएफ की टीम ने भी उनसे पूछताछ की।
पूछताछ में कई अहम घटनाओं के बारे में जानकारी पुलिस को मिली है। बताया गया है कि बृहस्पतिवार रात कथित फौजी ने अपने तीन साथियों के साथ हाइवे पर भी लूटपाट की थी। इसमें उसने अमरोहा में पेट्रोल पंप व ट्रक चालक से नगदी लूट ली थी।
इसके बाद हाइवे पर ही कार में शराब पीकर फायरिंग भी की गई। साथ ही कार में बैठे हुए पिस्टल के साथ छेड़छाड़ करते हुए गोली फंस गई। इस बीच गोली उसकी जांघ में लग गई। वहीं, पुलिस कुछ और आरोपियों की भी तलाश में जुटी है।
पुलिस की जांच में वह फौजी नहीं निकला है। रंजीत ने अपनी पोस्टिंग मेरठ बताई थी, जबकि वहां इस नाम के किसी सैनिक की पोस्टिंग नहीं है। ऐसे में स्थानीय पुलिस सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से उसके बारे में पड़ताल कर रही है।
पुलिस शातिर अपराधों में लिप्त होने के साथ ही इनके आतंकी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। प्राथमिक जांच में रंजीत सिंह के फौजी नहीं होने की जानकारी मिली है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
भगौड़ा तो नहीं है फौजी
पुलिस सूत्रों के अनुसार फौजी भगौड़ा भी हो सकता है या फिर वह अवकाश के दौरान आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर लौट जाता हो। साथ ही फौजी से पूछताछ को लेकर गुप्तचर एजेंसिया भी सतर्क हो गई हैं।