{"_id":"5c670edfbdec224b6e13a939","slug":"181550257887-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवती को अगवा कर, दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
युवती को अगवा कर, दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
युवती को अगवा कर दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा
हापुड़। युवती को अगवा कर, दुष्कर्म के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) चंद्रपाल सिंह ने दोषी को 10 साल की सजा व 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि 28 नवंबर 2013 में एक युवक ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी बहन अपनी भाभी के साथ दवा लेने बाजार आई थी। इस दौरान वह बाजार में अपनी भाभी से बिछड़ गई, जो काफी देर बाद भी घर नहीं पहुंची। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर युवती को बरामद कर लिया था।
युवती ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए अपने बयान में बताया कि बाजार में नगर के मोहल्ला हर्ष विहार निवासी युवक पिंटू ने उससे कहा कि उसका भाई बीमार है और वह मेरठ के अस्पताल में भर्ती है। पिंटू ने एक युवक के साथ उसे बाइक पर बैठा लिया और मेरठ की ओर चल दिया। रास्ते में सुनसान जगह पर पिंटू ने तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
उसके बाद पिंटू ने उसे कई दिन तक अपने पास बंधक बनाकर रखा था। मामले की सुनवाई न्यायालय में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) चंद्रपाल सिंह ने दोनों पक्षों की ओर से दिए सबूत और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद आरोपित पिंटू को दोषी करार दिया।
न्यायाधीश ने आईपीसी की धारा 366 में सात वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं आईपीसी की धारा 376 में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। पांच हजार का अर्थदंड न देने पर छह माह और 10 हजार रुपये का अर्थदंड न देने पर एक साल की सजा बढ़ाने के आदेश दिए हैं।
हापुड़। युवती को अगवा कर, दुष्कर्म के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) चंद्रपाल सिंह ने दोषी को 10 साल की सजा व 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि 28 नवंबर 2013 में एक युवक ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी बहन अपनी भाभी के साथ दवा लेने बाजार आई थी। इस दौरान वह बाजार में अपनी भाभी से बिछड़ गई, जो काफी देर बाद भी घर नहीं पहुंची। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर युवती को बरामद कर लिया था।
विज्ञापन
युवती ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए अपने बयान में बताया कि बाजार में नगर के मोहल्ला हर्ष विहार निवासी युवक पिंटू ने उससे कहा कि उसका भाई बीमार है और वह मेरठ के अस्पताल में भर्ती है। पिंटू ने एक युवक के साथ उसे बाइक पर बैठा लिया और मेरठ की ओर चल दिया। रास्ते में सुनसान जगह पर पिंटू ने तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
उसके बाद पिंटू ने उसे कई दिन तक अपने पास बंधक बनाकर रखा था। मामले की सुनवाई न्यायालय में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) चंद्रपाल सिंह ने दोनों पक्षों की ओर से दिए सबूत और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद आरोपित पिंटू को दोषी करार दिया।
न्यायाधीश ने आईपीसी की धारा 366 में सात वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं आईपीसी की धारा 376 में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। पांच हजार का अर्थदंड न देने पर छह माह और 10 हजार रुपये का अर्थदंड न देने पर एक साल की सजा बढ़ाने के आदेश दिए हैं।