{"_id":"5d029664bdec226d86724145","slug":"156045065019-hapur-news169","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेटलतीफ आने वाले चिकित्सकों पर गिरेगी गाज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
लेटलतीफ आने वाले चिकित्सकों पर गिरेगी गाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
हापुड़। जिले के सरकारी अस्पतालों में बाहर के जिलों में रहकर निजी प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर अब गाज गिरेगी। ऐसे चिकित्सकों की निगरानी के लिए सीएमओ ने उप मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित कर दिया है, साथ ही शपथ पत्र लेने के भी निर्देश दिए हैं।
जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों पर आए दिन मरीज आरोप लगाते हैं कि वह समय से कार्यालयों में उपस्थित नहीं होते। जिसके चलते उन्हें उपचार लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बृहस्पतिवार को एडीएम के निरीक्षण में भी मरीजों ने यह आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता पर सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ की निगरानी में टीम का गठन कर, बाहर जिलों में रहकर यहां प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों को चिंहित करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
सीएमओ डा.राजवीर सिंह का कहना है कि अस्पताल में लेटलतीफ आने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों को अस्पताल आवास में ही रहना होगा।
विज्ञापन
हापुड़। जिले के सरकारी अस्पतालों में बाहर के जिलों में रहकर निजी प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर अब गाज गिरेगी। ऐसे चिकित्सकों की निगरानी के लिए सीएमओ ने उप मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित कर दिया है, साथ ही शपथ पत्र लेने के भी निर्देश दिए हैं।
जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों पर आए दिन मरीज आरोप लगाते हैं कि वह समय से कार्यालयों में उपस्थित नहीं होते। जिसके चलते उन्हें उपचार लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को एडीएम के निरीक्षण में भी मरीजों ने यह आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता पर सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ की निगरानी में टीम का गठन कर, बाहर जिलों में रहकर यहां प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों को चिंहित करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
सीएमओ डा.राजवीर सिंह का कहना है कि अस्पताल में लेटलतीफ आने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों को अस्पताल आवास में ही रहना होगा।