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गंगा खादर में कच्ची शराब का गोरखधंधा अवैध आमदनी का जरिया
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:41 PM IST
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अवैध उगाही का जरिया बनी ‘खादर की मस्ती’
- गंगा खादर में घर-घर में चल रहा कच्ची शराब बनाने का गोरखधंधा
- ग्रामीणों का आरोप: आबकारी समेत पुलिस कर्मी आए दिन करते हैं अवैध वसूली
भूतेश्वर प्रसाद शर्मा
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा खादर से जुड़े गांवों में कच्ची शराब यानी कि ‘खादर की मस्ती’ बनाने का गोरखधंधा अधिकारियों-कर्मचारियों की अवैध आमदनी का बड़ा जरिया बना हुआ है। आबकारी अधिकारी और पुलिस कर्मी आए दिन ग्रामीणों की इस कमजोर नब्ज का फायदा उठाते हुए जमकर वसूली करते हैं। गोरखधंधे और अवैध वसूली के इस खेल में हर साल बड़ी संख्या में लोग घटिया शराब पीने के कारण जान गंवाते हैं।
गंगा खादर क्षेत्र से जुड़े करीब तीन दर्जन गांवों में कच्ची शराब बनाने का गोरखधंधा कुटीर उद्योग के रूप में जड़ जमा चुका है। खादर की मस्ती के रूप में विख्यात यह कच्ची शराब आसपास के जनपदों तक सप्लाई हो रही है। सरकारी राजस्व को आए साल करोड़ों का चूना लगा रही कच्ची शराब की धरपकड़ के लिए आबकारी महकमे समेत पुलिस स्तर से निरंतर छापामार अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन अधिकांश कार्रवाई में कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां तो पकड़ ली जाती हैं, लेकिन शराब बनाकर उसे बेचने का गोरखधंधा करने वाले लोग पकड़ में नहीं आते हैं। इससे आबकारी महकमे समेत पुलिस पर अपनी जेब गरम कर कच्ची शराब बनाने वालों को किसी भी कार्रवाई के बिना छोड़ने के आरोप अक्सर लगते रहते हैं। गंगा खादर क्षेत्र के गांव रेतों वाली से जुड़ी कल्याण वाली मंढैया के किसान लेखराज की मौत होने से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि कच्ची शराब का गोरखधंधा करने वाले उन्हीं लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है, जो अवैध रकम नहीं दे पाते हैं। ग्रामीणों की मानें तो कच्ची शराब में नशे की तीव्रता बढ़ाने के लिए यूरिया, यीस्ट पाउडर, नौशादर समेत सेहत के लिए बेहद घातक माने जाने वाले कई हानिकारक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके चलते लीवर में गंभीर संक्रमण होने से आए साल दर्जनों लोगों की मौत हो जाती है।
विधायक ने दिया आर्थिक मदद का भरोसा
क्षेत्रीय विधायक कमल सिंह मलिक और एसडीएम ज्योति राय रात करीब नौ बजे कोतवाली पहुंचे। विधायक ने लेखराज के परिजनों समेत ग्रामीणों को भरोसा दिया कि शासन स्तर से मृतक आश्रित परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। वहीं एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
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कोट
गंगा खादर क्षेत्र से जुड़े कच्ची शराब बनाने के गोरखधंधे की धरपकड़ को लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके चलते एक माह के भीतर महिलाओं समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर सैकड़ों लीटर तैयार कच्ची शराब और हजारों लीटर लहन समेत कई भट्ठियां भी पकड़ी गई हैं।
- डीएसपी संतोष मिश्रा और आबकारी निरीक्षक सीमा कुमारी
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- गंगा खादर में घर-घर में चल रहा कच्ची शराब बनाने का गोरखधंधा
- ग्रामीणों का आरोप: आबकारी समेत पुलिस कर्मी आए दिन करते हैं अवैध वसूली
भूतेश्वर प्रसाद शर्मा
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा खादर से जुड़े गांवों में कच्ची शराब यानी कि ‘खादर की मस्ती’ बनाने का गोरखधंधा अधिकारियों-कर्मचारियों की अवैध आमदनी का बड़ा जरिया बना हुआ है। आबकारी अधिकारी और पुलिस कर्मी आए दिन ग्रामीणों की इस कमजोर नब्ज का फायदा उठाते हुए जमकर वसूली करते हैं। गोरखधंधे और अवैध वसूली के इस खेल में हर साल बड़ी संख्या में लोग घटिया शराब पीने के कारण जान गंवाते हैं।
गंगा खादर क्षेत्र से जुड़े करीब तीन दर्जन गांवों में कच्ची शराब बनाने का गोरखधंधा कुटीर उद्योग के रूप में जड़ जमा चुका है। खादर की मस्ती के रूप में विख्यात यह कच्ची शराब आसपास के जनपदों तक सप्लाई हो रही है। सरकारी राजस्व को आए साल करोड़ों का चूना लगा रही कच्ची शराब की धरपकड़ के लिए आबकारी महकमे समेत पुलिस स्तर से निरंतर छापामार अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन अधिकांश कार्रवाई में कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां तो पकड़ ली जाती हैं, लेकिन शराब बनाकर उसे बेचने का गोरखधंधा करने वाले लोग पकड़ में नहीं आते हैं। इससे आबकारी महकमे समेत पुलिस पर अपनी जेब गरम कर कच्ची शराब बनाने वालों को किसी भी कार्रवाई के बिना छोड़ने के आरोप अक्सर लगते रहते हैं। गंगा खादर क्षेत्र के गांव रेतों वाली से जुड़ी कल्याण वाली मंढैया के किसान लेखराज की मौत होने से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि कच्ची शराब का गोरखधंधा करने वाले उन्हीं लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है, जो अवैध रकम नहीं दे पाते हैं। ग्रामीणों की मानें तो कच्ची शराब में नशे की तीव्रता बढ़ाने के लिए यूरिया, यीस्ट पाउडर, नौशादर समेत सेहत के लिए बेहद घातक माने जाने वाले कई हानिकारक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके चलते लीवर में गंभीर संक्रमण होने से आए साल दर्जनों लोगों की मौत हो जाती है।
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विधायक ने दिया आर्थिक मदद का भरोसा
क्षेत्रीय विधायक कमल सिंह मलिक और एसडीएम ज्योति राय रात करीब नौ बजे कोतवाली पहुंचे। विधायक ने लेखराज के परिजनों समेत ग्रामीणों को भरोसा दिया कि शासन स्तर से मृतक आश्रित परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। वहीं एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
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कोट
गंगा खादर क्षेत्र से जुड़े कच्ची शराब बनाने के गोरखधंधे की धरपकड़ को लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके चलते एक माह के भीतर महिलाओं समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर सैकड़ों लीटर तैयार कच्ची शराब और हजारों लीटर लहन समेत कई भट्ठियां भी पकड़ी गई हैं।
- डीएसपी संतोष मिश्रा और आबकारी निरीक्षक सीमा कुमारी