{"_id":"5cdc5bc4bdec220756711f2a","slug":"11557945284-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले पति को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पत्नी की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास
- जनपद न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 40 हजार का लगाया अर्थदंड
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र में अवैध संबंधों में बाधक बनने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को जनपद न्यायाधीश ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि एक आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यह निर्णय जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह ने दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीपुरा निवासी जय सिंह ने 8 जुलाई 2014 में बहन समुद्री की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि बहन समुद्री का विवाह फरवरी 2014 में नगर के मोहल्ला हरद्वारी नगर निवासी मनोज पुत्र सुरजन के साथ किया था। शादी के कुछ दिनों बाद ही समुद्री को मनोज के किसी अन्य महिला से अवैध संबंधों का शक हुआ।
वह पति मनोज से अवैध संबंधों का विरोध करती थी। जिसे रास्ते से हटाने के लिए 7 जुलाई 2014 की रात मनोज ने संतराम के साथ मिलकर समुद्री की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। गुमराह करने के लिए मनोज ने बदमाशों द्वारा लूट की घटना बताते हुए झूठी कहानी रच डाली।
विज्ञापन
पुलिस ने विवेचना पूरी कर मनोज व संतराम के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में पेश की। मामला जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में विचाराधीन था। जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह ने गवाह और सबूतों के आधार पर मनोज को समुद्री की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है। वहीं संतराम को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करार दिया है।
- जनपद न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 40 हजार का लगाया अर्थदंड
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र में अवैध संबंधों में बाधक बनने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को जनपद न्यायाधीश ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि एक आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यह निर्णय जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह ने दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीपुरा निवासी जय सिंह ने 8 जुलाई 2014 में बहन समुद्री की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि बहन समुद्री का विवाह फरवरी 2014 में नगर के मोहल्ला हरद्वारी नगर निवासी मनोज पुत्र सुरजन के साथ किया था। शादी के कुछ दिनों बाद ही समुद्री को मनोज के किसी अन्य महिला से अवैध संबंधों का शक हुआ।
विज्ञापन
वह पति मनोज से अवैध संबंधों का विरोध करती थी। जिसे रास्ते से हटाने के लिए 7 जुलाई 2014 की रात मनोज ने संतराम के साथ मिलकर समुद्री की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। गुमराह करने के लिए मनोज ने बदमाशों द्वारा लूट की घटना बताते हुए झूठी कहानी रच डाली।
विज्ञापन
पुलिस ने विवेचना पूरी कर मनोज व संतराम के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में पेश की। मामला जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में विचाराधीन था। जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह ने गवाह और सबूतों के आधार पर मनोज को समुद्री की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है। वहीं संतराम को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करार दिया है।