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स्टिंग में फंसा बिजली निगम का संविदा कर्मी, हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Tue, 18 Apr 2017 09:13 PM IST
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संविदा कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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अतरपुरा बिजलीघर स्थित एसडीओ कार्यालय परिसर में एक संविदा कर्मचारी रंगे हाथ सात हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। इसका स्टिंग होने के बाद उद्यमियों ने निगम कार्यालय में जमकर हंगामा किया। हालात मारपीट तक पहुंच गई।
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हालांकि, कर्मी ने कान पकड़ कर माफी मांगी और रिश्वत के रुपये वापस कर दिए। आरोपी कर्मचारी की निगम अफसरों ने सेवा समाप्त कर दी हैं। जिले में निगम में तैनात कर्मचारी रिश्वतखोरी का कोई मौका छोड़ नहीं रहे हैं।
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हालात इतने खराब हैं कि उपभोक्ता यदि कनेक्शन लेना चाहे तो उसे हजारों रुपये रिश्वत देनी पड़ती है। मंगलवार को त्यागीनगर निवासी अशोक कुमार घरेलू कनेक्शन का भार 2 किलोवाट से 4 किलोवाट कराने के लिए एसडीओ कार्यालय पहुंचे थे।
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वहां तैनात एक निगम कर्मी ने उपभोक्ता को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया और उसे दूसरे कार्यालय में ले गया। काम कराने के नाम पर उसने उपभोक्ता से सात हजार रुपये की मांग की।
आर्थिक रूप से परेशान पीड़ित उपभोक्ता ने इसकी जानकारी हापुड़ स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों को दी। शिकायत पर लोकेश सिंहल, अमन गुप्ता उपभोक्ता के साथ निगम कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने उपभोक्ता के हाथों उक्त कर्मी को डिमांड अनुसार सात हजार रुपये दिला दिए। इसका स्टिंग भी कर लिया गया। पहले से ही कार्यालय के बाहर खड़े दर्जनों उद्यमी भी अंदर आ गए और उन्होंने कर्मी को खूब लताड़ लगाई।
कुछ देर तक कर्मचारी सफाई देने में लगा रहा, लेकिन हंगामा बढ़ता देख उसने पैसे पास पड़ी मेज पर फेंक दिए। डीएम से शिकायत करने की चेतावनी पर कर्मी कान पकड़कर उद्यमियों से माफी मांगने लगा। हालांकि बाद में रिश्वत में लिए पैसे लौटाने पर उद्यमी शांत हो गए।
अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उपभोक्ताओं से रिश्वत लेने का मामला बेहद गंभीर है। आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।