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Hapur News: सीएचसी और जिला अस्पताल में हड्डी रोग का इलाज बंद
Sat, 30 Dec 2023 10:28 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 30 Dec 2023 10:28 PM IST
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हापुड़। जिले की पांच सीएचसी और जिला अस्पताल में हड्डी रोग का इलाज बंद हो गया है। अब सिर्फ गढ़ सीएचसी में ही हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं, बाकी सभी अस्पताल फिजिशियन, एमबीबीएस के सहारे चल रहे हैं। सर्दी में ऐसे मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है, मजबूरी में प्राइवेट का सहारा लेना पड़ रहा है।
हापुड़ सीएचसी और जिला अस्पताल में सबसे अधिक ओपीडी है, क्योंकि ये दोनों अस्पताल ही शहर के नजदीक हैं। जिला अस्पताल की अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.रुपाली गुप्ता हाल ही में नोएडा में निजी प्रैक्टिस करती पकड़ी गई थी। उसके बाद से वह अस्पताल नहीं आ रही हैं। सीएचसी हापुड़ में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.ब्रह्मदयाल सिंह का ट्रांसफर गढ़ सीएचसी कर दिया गया था। उनकी कई शिकायतें मिलने पर यह कार्रवाई हुई थी। आलम यह है कि पिलखुवा, धौलाना, हापुड़, सिंभावली के जितने सरकारी अस्पताल हैं किसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। एमबीबीएस चिकित्सक ही मरीजों को देखते हैं, ज्यादा समस्या होने पर या तो मरीजों को गढ़ जाना पड़ता है या फिर निजी अस्पताल। सप्ताह में एक दिन दिव्यांग बोर्ड भी लगता है, इस दिन हड्डी रोग विशेषज्ञ इसमें व्यस्त रहते हैं। कुल मिलाकर सर्दी में हड्डी संबंधी मरीज बढ़ गए हैं, लेकिन इलाज नहीं मिल पा रहा है।
-इनमें नहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ-
हापुड़ सीएचसी, धौलाना सीएचसी, पिलखुवा सीएचसी, सिखैड़ा सीएचसी, जिला अस्पताल, सपनावत सीएचसी।
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हड्डी रोगी करें ये उपाय-
* घुटनों की गर्म पानी से सिकाई करें।
* गठिया मरीज जोड़ों में ज्यादा दर्द होने पर गर्म पट्टी लपेट सकते हैं।
* कुर्सी पर बैठकर 10-12 मिनट पैरों को ऊपर नीचे करें।
* बिस्तर पर लेटे हैं तो पैरों के नीचे तकिया लगाकर बार बार दबाएं।
* बिस्तर से उठकर दो से पांच मिनट हाथ पैरों को गर्म करें।
* गठिया-बुजुर्ग मरीज इन दिनों सीढि़यों पर चढ़ने से बचें।
शासन को लिखा है पत्र-
हड्डी रोग विशेषज्ञों के लिए शासन में पत्र लिखा है, जल्द ही अन्य अस्पतालों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था हो जाएगी।-- -डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
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हापुड़ सीएचसी और जिला अस्पताल में सबसे अधिक ओपीडी है, क्योंकि ये दोनों अस्पताल ही शहर के नजदीक हैं। जिला अस्पताल की अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.रुपाली गुप्ता हाल ही में नोएडा में निजी प्रैक्टिस करती पकड़ी गई थी। उसके बाद से वह अस्पताल नहीं आ रही हैं। सीएचसी हापुड़ में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.ब्रह्मदयाल सिंह का ट्रांसफर गढ़ सीएचसी कर दिया गया था। उनकी कई शिकायतें मिलने पर यह कार्रवाई हुई थी। आलम यह है कि पिलखुवा, धौलाना, हापुड़, सिंभावली के जितने सरकारी अस्पताल हैं किसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। एमबीबीएस चिकित्सक ही मरीजों को देखते हैं, ज्यादा समस्या होने पर या तो मरीजों को गढ़ जाना पड़ता है या फिर निजी अस्पताल। सप्ताह में एक दिन दिव्यांग बोर्ड भी लगता है, इस दिन हड्डी रोग विशेषज्ञ इसमें व्यस्त रहते हैं। कुल मिलाकर सर्दी में हड्डी संबंधी मरीज बढ़ गए हैं, लेकिन इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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-इनमें नहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ-
हापुड़ सीएचसी, धौलाना सीएचसी, पिलखुवा सीएचसी, सिखैड़ा सीएचसी, जिला अस्पताल, सपनावत सीएचसी।
हड्डी रोगी करें ये उपाय-
* घुटनों की गर्म पानी से सिकाई करें।
* गठिया मरीज जोड़ों में ज्यादा दर्द होने पर गर्म पट्टी लपेट सकते हैं।
* कुर्सी पर बैठकर 10-12 मिनट पैरों को ऊपर नीचे करें।
* बिस्तर पर लेटे हैं तो पैरों के नीचे तकिया लगाकर बार बार दबाएं।
* बिस्तर से उठकर दो से पांच मिनट हाथ पैरों को गर्म करें।
* गठिया-बुजुर्ग मरीज इन दिनों सीढि़यों पर चढ़ने से बचें।
शासन को लिखा है पत्र-
हड्डी रोग विशेषज्ञों के लिए शासन में पत्र लिखा है, जल्द ही अन्य अस्पतालों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था हो जाएगी।
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