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पहले दिन फेल हुआ कब्जा मुक्त कराने का अभियान
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 14 Jun 2017 07:27 PM IST
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भूमि
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी भूमि पर कब्जे हटाये जाने के प्रशासन के दावे पहले ही दिन फेल हो गए। गांव जसरूपनगर में सरकारी भूमि पर कब्जा हटवाने गई प्रशासनिक टीम भू माफियाओं के आगे नतमस्तक होकर खानापूर्ति कर लौट आई।
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ग्राम प्रधान डीएम से मामले की लिखित शिकायत करने की बात कही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर जिला प्रशासन ने सरकारी भूमियों से अवैध कब्जे हटाने के लिए भूमि चिन्ह्ति किया है। इसमें जिले में 258 स्थानों को चिन्ह्ति किया गया है।
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इनमें धौलाना के 151, हापुड़ के 60 और गढ़ के 47 स्थान शामिल हैं। बुधवार को प्रशासनिक टीम गांव जसरूप नगर में अवैध कब्जा हटाने पहुंची। यहां सरकारी एलएमसी, नाले और कबिस्तान की भूमि पर कब्जा कर उस पर कुछ लोगों ने प्लाटिंग कर रखी है।
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कब्जा हटवाने गई टीम ने ग्राम प्रधान से ही जेसीबी मंगवाई। लेकिन कब्जा हटवाने का दिखवा कर टीम यहां से लौट गई। अवैध भूमि पर कब्जा अभी भी जस का तस है।
इसे लेकर जसरूपनगर के प्रधान वीरपाल सिंह में खासा रोष है। उनका कहना है कि प्रशासनिक टीम पूरी तरह से भू माफियाओं के आगे नतमस्तक हो चुकी है। वे मामले की शिकायत डीएम से करेंगे।
इस संबंध में डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि सरकारी भूमि से भू माफियाओं को हटाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अगर इस कार्य में कहीं किसी प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।