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सर्राफा बाजार दूसरे दिन भी बंद, 50 लाख का झटका
अमर उजाला, हापुड़
Updated Thu, 03 Mar 2016 08:56 PM IST
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ज्वेलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में दूसरे दिन भी सर्राफा व्यवसायी हड़ताल पर रहेञ इस बंदी से दो दिन में करीब 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। अभी शुक्रवार को भी बाजार बंद रहेगा।
बृहस्पतिवार को सर्राफा बाजार में सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य सर्राफा बाजार में एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव जैन और सचिव शरद अग्रवाल ने कहा कि एक प्रतिशत एक्साइज लगाने से व्यापार ठप हो जाएगा। पहले से ही सर्राफा व्यवसायी तरह तरह के टैक्सों से परेशान हैं।
कागजी काम बढ़ जाएगा और सीए के यहां हिसाब-किताब रखने के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे। उनका कहना है कि एक्साइज ड्यूटी लगने से सर्राफा व्यापार चौपट हो जाएगा और खरीददारों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
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वहां पर सन्नी जैन, विजय शर्मा, पवन शर्मा, राकेश खद्दर, आनंद सर्राफ, डीके सर्राफ, सुनील, राकेश, संजय सर्राफ, संदीप गोयल, अजय मंगल, चिन्टू शर्मा, गौरव आदि रहे।
स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयकुमार वर्मा ने बताया कि 1963 में गोल्ड कंट्रोल लगा था जिसमें एक्साइज ड्यूटी लगी थी। इसका सर्राफा व्यापारियों ने जोरदार विरोध कर 100 दिनों तक बाजार बंद रखा था।
गोल्ड कंट्रोल के विरोध में भूख हड़ताल भी की गई थी, जिसमें हापुड़ के एक सर्राफ की मौत भी हो गई थी। 2012 में भी एक्साइज ड्यूटी के विरोध में करीब 22 दिन तक बाजार बंद रहा था। इसके लगने से एक और विभाग सर्राफा व्यापारियों से जुड़ जाएगा।
सर्राफा बाजार की तीन दिन की हड़ताल के कारण ग्राहकों को दिक्कत हो रही है। खासकर शादी में जाने वालों को दिक्कत हो रही है अपना आर्डर लेने के लिए वह दुकादारों के घरों पर संपर्क करने में लगे हैं।
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बृहस्पतिवार को सर्राफा बाजार में सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य सर्राफा बाजार में एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव जैन और सचिव शरद अग्रवाल ने कहा कि एक प्रतिशत एक्साइज लगाने से व्यापार ठप हो जाएगा। पहले से ही सर्राफा व्यवसायी तरह तरह के टैक्सों से परेशान हैं।
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कागजी काम बढ़ जाएगा और सीए के यहां हिसाब-किताब रखने के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे। उनका कहना है कि एक्साइज ड्यूटी लगने से सर्राफा व्यापार चौपट हो जाएगा और खरीददारों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
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वहां पर सन्नी जैन, विजय शर्मा, पवन शर्मा, राकेश खद्दर, आनंद सर्राफ, डीके सर्राफ, सुनील, राकेश, संजय सर्राफ, संदीप गोयल, अजय मंगल, चिन्टू शर्मा, गौरव आदि रहे।
स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयकुमार वर्मा ने बताया कि 1963 में गोल्ड कंट्रोल लगा था जिसमें एक्साइज ड्यूटी लगी थी। इसका सर्राफा व्यापारियों ने जोरदार विरोध कर 100 दिनों तक बाजार बंद रखा था।
गोल्ड कंट्रोल के विरोध में भूख हड़ताल भी की गई थी, जिसमें हापुड़ के एक सर्राफ की मौत भी हो गई थी। 2012 में भी एक्साइज ड्यूटी के विरोध में करीब 22 दिन तक बाजार बंद रहा था। इसके लगने से एक और विभाग सर्राफा व्यापारियों से जुड़ जाएगा।
सर्राफा बाजार की तीन दिन की हड़ताल के कारण ग्राहकों को दिक्कत हो रही है। खासकर शादी में जाने वालों को दिक्कत हो रही है अपना आर्डर लेने के लिए वह दुकादारों के घरों पर संपर्क करने में लगे हैं।