Hapur : 150 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुल्डोजर, क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक, नए निर्माण पर भी ब्रेक
150 करोड़ की सरकारी भूमि की बंदर बांट का संज्ञान शासन ने लिया है। इस प्रकरण में कई तत्कालीन बड़े अधिकारी और सफेदपोश नेता भी रडार पर आ गए हैं। 38 सालों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिसके जरिए घोटाला करने वालों की पूरी कुंडली तैयार होगी।
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हापुड़ के धौलाना ग्राम सभा की सरकारी भूमि पर जिला प्रशासन का बुल्डोजर चला, चारदीवारी तहस नहस कर ग्राम सभा का बोर्ड लगवाया गया। साथ ही क्रय विक्रय और नए निर्माणों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। डीएम के आदेश पर एसडीएम ने यह कार्रवाई करायी। पुलिस ने दर्ज मुकदमों के आधार पर आरोपियों की तलाश में दबिश देनी शुरू कर दी है।
150 करोड़ की सरकारी भूमि की बंदर बांट का संज्ञान शासन ने लिया है। इस प्रकरण में कई तत्कालीन बड़े अधिकारी और सफेदपोश नेता भी रडार पर आ गए हैं। 38 सालों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिसके जरिए घोटाला करने वालों की पूरी कुंडली तैयार होगी। बहरहाल, बृहस्पतिवार को डीएम के आदेश पर एसडीएम धौलाना विवेक यादव टीम को लेकर चिंहित भूमि पर पहुंचे।
इस भूमि कचाहर दीवारी भू माफियाओं द्वारा करायी गई थी। जिसे पांच बुल्डोजर के जरिए तहस नहस कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स भी मौजूद रहा, जमीन को कब्जामुक्त कराकर, वहां धौलाना ग्राम सभा का बोर्ड लगा दिया गया है। उधर, इस भूमि से जुड़े किसी भी तरह के क्रय विक्रय और नए निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है।
यह था पूरा मामला
धौलाना तहसील क्षेत्र में वर्ष 1984 में 123 लोगों को पट्टे आवंटित किए गए थे। करोड़ों की जमीन पर इसी साल से भू माफियाओं ने नजर गड़ानी शुरू कर दी। शुरूआत में तहसील के किसी अधिकारी का संरक्षण नहीं मिलने पर पट्टे यथास्थिति पड़े रहे, लेकिन फिर धौलाना तहसील के तत्कालीन कुछ अधिकारी भू माफियायों से मिलकर खेल कराने लगे। वर्ष 1997 में इन पट्टों को भूमिधर घोषित करा लिया गया, जिसमें पट्टों के क्रय विक्रय का अधिकार मिला। लेकिन मूल पत्रावली को बदलकर, तहसील में फर्जी अभिलेखों की अमल दरामद करा दी गई।
वर्ष 1998 में एसडीएम ने भूमि के भूमिधर होने को विधि विरुद्ध माना और इसे निरस्त करा दिया। मजे की बात यह है कि वर्ष 2019 में भू माफिया इस आदेश को ही निरस्त करा लाए। जिसका अभिलेखों में भी अमल कराया गया। कुल मिलाकर चार बार भू माफियाओं और कुछ अधिकारियों ने सांठगांठ कर सरकारी भूमि की खरीद फरोख्त करा दी। मामला खुलने पर सितंबर महीने से ही गोपनीय नोटिस जारी हुए।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
धर्मवीर सिंह पुत्र हरकेश, सुनील कुमार पुत्र साधुराम, इकजोत सिंह चौहान पुत्र गुरमीत सिंह चौहान, बाबूराम पुत्र मोहम्मद उमर, मनोज कुमार पुत्र रणवीर सिंह, राहुल पुत्र रणवीर सिंह, धर्मवती पत्नी, रणवीर सिंह, राज बहादुर पुत्र जयपाल सिंह, रहीसुद्दीन पुत्र बुंदु, कुशलपाल पुत्र मेघराज, असगर पुत्र बुंदु, तुषार गुप्ता पुत्र आशुतोष गुप्ता, प्रदीप कुमार पुत्र श्यामलाल, कुलदीप पुत्र हरभजन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया
धौलाना ग्राम सभा की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा दिया गया है। इस भूमि के क्रय विक्रय पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, ग्राम सभा का नोटिस बोर्ड भी लगा दिया गया है। इस मामले में संलिप्त लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
- मेधा रूपम, डीएम