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गंगा प्रदूषण रोकने को औद्योगिक इकाईयों पर कसा शिकंजा
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- फोटो : amar ujala
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गंगा प्रदूषण रोकने को औद्योगिक इकाईयों पर कसा शिकंजा
हापुड़। प्रयागराज में दस जनवरी से शुरू हो चुके माघ मेले के दौरान दूषित पानी किसी भी हालत में गंगा में न जाए इसके लिए जिला प्रशासन व औद्योगिक इकाईयों पर शिकंजा कस दिया है। सिंभावली शुगर मिल की डिस्टलरी बंद होने के साथ साथ जिले में चिन्हित 21 औद्योगिक इकाईयों की लगातार निगरानी की जा रही है। माघ मेला 13 फरवरी तक चलेगा।
प्रयागराज में दस जनवरी से 13 फरवरी तक माघ मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा में स्नान करके पुण्य प्राप्त करते हैं। इसके अलावा 27 जनवरी से मुख्यमंत्री की गंगा यात्रा शुरू हो रही है। जो प्रथम चरण में कानपुर तक जाएगी। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने गंगा में प्रदूषण न फैलाये जाने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा गठित टीमों ने जिले में 21 औद्योगिक इकाईयों को चिन्हित किया है, जिनसे निकला पानी गंगा में जाता है। सिंभावली स्थित डिस्टलरी को इसी के चलते बंद करा दिया है। इसके अलावा गठित टीमें हर सप्ताह सभी इकाईयों का निरीक्षण कर रही हैं। ताकि किसी भी स्थिति में दूषित पानी गंगा में न जाए।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के इस संबंध में पहले ही आदेश हैं, लेकिन माघ मेले को लेकर भी निगरानी के शासन से आदेश प्राप्त हुए हैं। जिनके अनुपालन में टीमें कुल चिन्हित 21 औद्योगिक इकाईयों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
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हापुड़। प्रयागराज में दस जनवरी से शुरू हो चुके माघ मेले के दौरान दूषित पानी किसी भी हालत में गंगा में न जाए इसके लिए जिला प्रशासन व औद्योगिक इकाईयों पर शिकंजा कस दिया है। सिंभावली शुगर मिल की डिस्टलरी बंद होने के साथ साथ जिले में चिन्हित 21 औद्योगिक इकाईयों की लगातार निगरानी की जा रही है। माघ मेला 13 फरवरी तक चलेगा।
प्रयागराज में दस जनवरी से 13 फरवरी तक माघ मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा में स्नान करके पुण्य प्राप्त करते हैं। इसके अलावा 27 जनवरी से मुख्यमंत्री की गंगा यात्रा शुरू हो रही है। जो प्रथम चरण में कानपुर तक जाएगी। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने गंगा में प्रदूषण न फैलाये जाने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा गठित टीमों ने जिले में 21 औद्योगिक इकाईयों को चिन्हित किया है, जिनसे निकला पानी गंगा में जाता है। सिंभावली स्थित डिस्टलरी को इसी के चलते बंद करा दिया है। इसके अलावा गठित टीमें हर सप्ताह सभी इकाईयों का निरीक्षण कर रही हैं। ताकि किसी भी स्थिति में दूषित पानी गंगा में न जाए।
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प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के इस संबंध में पहले ही आदेश हैं, लेकिन माघ मेले को लेकर भी निगरानी के शासन से आदेश प्राप्त हुए हैं। जिनके अनुपालन में टीमें कुल चिन्हित 21 औद्योगिक इकाईयों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
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