{"_id":"650c74d70d42a16226096926","slug":"bill-of-electricity-hapur-news-c-135-1-hpr1001-3184-2023-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: बिजली बिलों में फर्जीवाड़ा, पोर्टल और ऑनलाइन राशि में पांच गुना का अंतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: बिजली बिलों में फर्जीवाड़ा, पोर्टल और ऑनलाइन राशि में पांच गुना का अंतर
Thu, 21 Sep 2023 10:22 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:22 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। ऊर्जा निगम से जारी बिलों में फर्जीवाड़ा हो रहा है। कैश काउंटर के पोर्टल और साइट से निकलने वाले बिलों में काफी अंतर है। साल दर साल यूनिट का हिसाब लगाए तो बिल गलत बन रहे हैं। ऐसे ही कुछ मामलों में उपभोक्ता भटक रहे हैं। लेकिन उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा। विद्युत नियामक आयोग में भी यह शिकायत पहुंची है।
केस नंबर एक-- -
ददायरा के रहने वाले धर्मपाल शर्मा ने बताया कि अगस्त तक उसने करीब 2200 यूनिट की खपत की, इसके एवज में उससे करीब 22 हजार की वसूली की गई। जबकि देहात में प्रति यूनिट सिर्फ 3.5 रुपये शुल्क है। उसके बिलों में भी फर्जीवाड़ा हुआ है, मीटर रीडर और कैश काउंटर पर सितंबर महीने में दिखाया बिल 1511 रुपये था। जबकि ऑनलाइन बिल निकलवाने पर यह सिर्फ 364 रुपये था। दोनों के बीच बड़ा अंतर है, हर उपभोक्ता के साथ ही इस तरह की ठगी हो रही है।
केस नंबर दो--
गोहरा निवासी किसान लच्छू सिंह ने बताया कि उसके नलकूप के दो बिल खोल दिए गए हैं। जिसमें एक बिल 5.55 लाख और दूसरा बिल 5.49 लाख का आ रहा है। ढाई साल का यह बिल बनाया गया है। एक ही कनेक्शन पर ये दोनों बिल दिए जा रहे हैं। कार्यालयों के लगातार चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन बिल ठीक नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
केस नंबर तीन--
कैली निवासी शकील ने बताया कि उसका बिल हर महीने करीब 800 रुपये आता था। लेकिन एक ही साथ बिल 30 हजार रुपये का दे दिया। बिल ठीक कराने में पसीने छूट गए। अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं। कई अन्य उपभोक्ताओं के बिलों में भी त्रुटि है।
केस नंबर चार--
चमरी निवासी राजकुमार ने बताया कि ऊर्जा निगम की ओर से उसे बिजली चोरी का नोटिस मिला। जबकि उसके यहां कोई कार्रवाई हुई ही नहीं। नोटिस के एवज में चेकिंग का वीडियो मांगा, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। दबाव बनाकर उससे 52 हजार रुपये जमा करा लिए। इस मामले में पीड़ित ने सीएम को पत्र भेजा है।
मामलों का लेंगे संज्ञान
बिलों में त्रुटियां संबंधी मामलों का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। बिलिंग कंपनी को पहले भी पत्र भेजा गया है।-- यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।
विज्ञापन
केस नंबर एक
ददायरा के रहने वाले धर्मपाल शर्मा ने बताया कि अगस्त तक उसने करीब 2200 यूनिट की खपत की, इसके एवज में उससे करीब 22 हजार की वसूली की गई। जबकि देहात में प्रति यूनिट सिर्फ 3.5 रुपये शुल्क है। उसके बिलों में भी फर्जीवाड़ा हुआ है, मीटर रीडर और कैश काउंटर पर सितंबर महीने में दिखाया बिल 1511 रुपये था। जबकि ऑनलाइन बिल निकलवाने पर यह सिर्फ 364 रुपये था। दोनों के बीच बड़ा अंतर है, हर उपभोक्ता के साथ ही इस तरह की ठगी हो रही है।
विज्ञापन
केस नंबर दो
गोहरा निवासी किसान लच्छू सिंह ने बताया कि उसके नलकूप के दो बिल खोल दिए गए हैं। जिसमें एक बिल 5.55 लाख और दूसरा बिल 5.49 लाख का आ रहा है। ढाई साल का यह बिल बनाया गया है। एक ही कनेक्शन पर ये दोनों बिल दिए जा रहे हैं। कार्यालयों के लगातार चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन बिल ठीक नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
केस नंबर तीन
कैली निवासी शकील ने बताया कि उसका बिल हर महीने करीब 800 रुपये आता था। लेकिन एक ही साथ बिल 30 हजार रुपये का दे दिया। बिल ठीक कराने में पसीने छूट गए। अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं। कई अन्य उपभोक्ताओं के बिलों में भी त्रुटि है।
केस नंबर चार
चमरी निवासी राजकुमार ने बताया कि ऊर्जा निगम की ओर से उसे बिजली चोरी का नोटिस मिला। जबकि उसके यहां कोई कार्रवाई हुई ही नहीं। नोटिस के एवज में चेकिंग का वीडियो मांगा, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। दबाव बनाकर उससे 52 हजार रुपये जमा करा लिए। इस मामले में पीड़ित ने सीएम को पत्र भेजा है।
मामलों का लेंगे संज्ञान
बिलों में त्रुटियां संबंधी मामलों का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। बिलिंग कंपनी को पहले भी पत्र भेजा गया है।