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Hapur News: भाकियू कार्यकर्ताओं ने सिंभावली थाने का किया घेराव
Sat, 27 Sep 2025 06:31 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 27 Sep 2025 06:31 PM IST
सार
सिंभावली में किसान बलवीर सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में भाकियू कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर धरना दिया। पुलिस ने एक सप्ताह में जांच पूरी करने का आश्वासन दिया है। कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई न होने पर रोड जाम की चेतावनी दी।
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विस्तार
सिंभावली। गांव हाईकोर्ट हिम्मतपुर के किसान की मौत का सही ढंग से खुलासा न होने के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सिंभावली थाने का घेराव कर हंगामा किया। पुलिस द्वारा आश्वासन देने पर कार्यकर्ताओं ने जल्द खुलासा न होने पर जाम लगाने की चेतावनी दी।
भाकियू अराजनैतिक के दर्जनों कार्यकर्ता शुक्रवार को नारेबाजी करते हुए सिंभावली थाने पहुंचे। जिलाध्यक्ष पवन हूण के नेतृत्व में थाने का घेराव करते हुए धरना प्रारंभ कर दिया। जगत सिंह ने कहा कि गांव हाईकोर्ट हिम्मतपुर के किसान बलवीर सिंह 12 सितंबर की सुबह खेत में खाद डालने गए थे। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने जंगल में जाकर तलाश की तो वे अपने खेत में मृत पड़े हुए मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लले भेज दिया था। पुलिस ने रिपोर्ट में मौत का कारण बिजली का करंट लगने की बात कहते हुए कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। जितेंद्र नागर ने कहा कि जिस स्थान पर किसान का शव पड़ा हुआ था, वहां आसपास में पांच सौ मीटर तक बिजली का कोई भी खंभा अथवा लाइन नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिया गया सारा हवाला मनगढ़ंत है। जिलाध्यक्ष पवन हूण गुर्जर ने कहा कि किसान की मौत संदिग्ध दशा में हुई है, इसलिए पुलिस का कर्तव्य बनता है कि सही कारण का खुलासा करते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए। इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने एक सप्ताह में किसान की मौत का सही कारण स्पष्ट करने का भरोसा दिया। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। जिलाध्यक्ष पवन हूण गुर्जर ने बताया कि इंस्पेक्टर ने चार अक्तूबर तक का आश्वासन दिया है। अगर इस अवधि में पुलिस दिवंगत किसान की मौत का सही कारण स्पष्ट करते हुए दोषियों पर कार्रवाई नहीं करती है तो पांच अक्तूबर को सिंभावली रोड जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान वीरेंद्र सिंह, देवेंद्र मास्टर, धर्मेंद्र, रामकुमार आर्य, पवन फौजी, राजीव हूण, भूले सिंह, बचन सिंह आदि मौजूद रहे।
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भाकियू अराजनैतिक के दर्जनों कार्यकर्ता शुक्रवार को नारेबाजी करते हुए सिंभावली थाने पहुंचे। जिलाध्यक्ष पवन हूण के नेतृत्व में थाने का घेराव करते हुए धरना प्रारंभ कर दिया। जगत सिंह ने कहा कि गांव हाईकोर्ट हिम्मतपुर के किसान बलवीर सिंह 12 सितंबर की सुबह खेत में खाद डालने गए थे। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने जंगल में जाकर तलाश की तो वे अपने खेत में मृत पड़े हुए मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लले भेज दिया था। पुलिस ने रिपोर्ट में मौत का कारण बिजली का करंट लगने की बात कहते हुए कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। जितेंद्र नागर ने कहा कि जिस स्थान पर किसान का शव पड़ा हुआ था, वहां आसपास में पांच सौ मीटर तक बिजली का कोई भी खंभा अथवा लाइन नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिया गया सारा हवाला मनगढ़ंत है। जिलाध्यक्ष पवन हूण गुर्जर ने कहा कि किसान की मौत संदिग्ध दशा में हुई है, इसलिए पुलिस का कर्तव्य बनता है कि सही कारण का खुलासा करते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए। इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने एक सप्ताह में किसान की मौत का सही कारण स्पष्ट करने का भरोसा दिया। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। जिलाध्यक्ष पवन हूण गुर्जर ने बताया कि इंस्पेक्टर ने चार अक्तूबर तक का आश्वासन दिया है। अगर इस अवधि में पुलिस दिवंगत किसान की मौत का सही कारण स्पष्ट करते हुए दोषियों पर कार्रवाई नहीं करती है तो पांच अक्तूबर को सिंभावली रोड जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान वीरेंद्र सिंह, देवेंद्र मास्टर, धर्मेंद्र, रामकुमार आर्य, पवन फौजी, राजीव हूण, भूले सिंह, बचन सिंह आदि मौजूद रहे।
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