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कब्जा मुक्त होगी सेना की तीन बीघा 10 बिसवा जमीन
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Mon, 06 Mar 2017 10:11 PM IST
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सेना की जमीन
- फोटो : अमर उजाला
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कुष्ठ आश्रम के पास सेना के पड़ाव और रेलवे की भूमि चिन्हित करने के लिए की गई नाप के बाद एक और खुलासा हुआ है कि ज्ञानलोक पार्क के सामने भी 3.10 बीघा जमीन सेना की थी। उक्त भूमि तहसील प्रशासन के अधिकारी और लेखपाल पहले खुदबुर्द करा चुके हैं।
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हालांकि, अब जिला प्रशासन संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। जिसमें कुछ सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि, सेना के पड़ाव और रेलवे की भूमि चिन्हित करने के लिए
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पिछले तीन दिन से एसडीएम पुष्पराज सिंह की देखरेख में कुष्ठ आश्रम के आसपास की भूमि पर पैमाइश चल रही है। इस नाप में अभी तक वर्तमान में कब्जे वाली भूमि की जांच तो पूरी नहीं हो पाई है,
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लेकिन करीब चार वर्ष पूर्व इससे कुछ दूर आबादी के बीच फ्रीगंज रोड स्थित सेना की तीन बीघा 10 बिसवा भूमि जिसकी वर्तमान कीमत करीब 11 करोड़ रुपये है, पर कब्जे का खुलासा हो गया है।
अभिलेखों की जांच के बाद यह बात सामने आई है कि तहसील प्रशासन के तत्कालीन अधिकारियों ने इस भूमि पर कब्जा कराया था। कब्जा करने वालों ने बाकायदा इस भूमि पर प्लाट काट रखे हैं। यह मामला तब भी काफी सुर्खियों में रहा था।
शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने मामले को दबा दिया। अब मामला खुलने पर इसमें कुछ तत्कालीन अधिकारी व सफेदपोशों के नाम सामने आ रहे हैं। जिनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
एसडीएम पुष्पराज सिंह ने बताया कि फ्रीगंज रोड स्थित राजस्व नंबर 2224 में तीन बीघा 10 बिसवा भूमि आज भी सेना के पड़ाव के नाम से दर्ज है। जिसमें प्लाट का बैनामा कर दाखिल खारिज तक कर दिया गया है। इस भूमि को कब्जा मुक्त कराकर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करोड़ों की इस भूमि को लेकर शहर के सभी लोगों को जानकारी थी कि जो कुछ हो रहा सब अवैध है। इसके लिए लोगों ने समय समय पर शिकायतें भी की, लेकिन तत्कालीन अधिकारियों पर चढ़ावा इतना मोटा चढ़ाया गया था कि उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
स्थानीय निवासी विजय पाल सिंह और रामपाल सिंह ने तो डीएम से लेकर सीएम और पीएम तक मामले की शिकायत करते रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने कभी कोई ध्यान नहीं दिया।