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मेला क्षेत्र में खड़ी फसल कटे तो बनें रास्ते
Hapur
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:33 AM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। उत्तरी भारत के मिनी कुंभ के रूप में विख्यात गढ़ खादर के कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला शुरू होने में सिर्फ पांच दिन शेष हैं लेकिन अभी तक मेला क्षेत्र में गन्ने की फसल खड़ी है। एक तरफ चीनी मिल के पेराई सत्र की शुरुआत न हो पाने से किसान कटाई नहीं कर रहे हैं वहीं मेला क्षेत्र खाली न हो पाने से प्रशासन की अधिकांश तैयारियां अटकी हुई हैं। ऐसे में एसडीएम ने मेला स्थल का दौरा कर फसलों का शीघ्र कटान न होने पर कड़ी कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने लेखपालों समेत राजस्व टीम को मेला क्षेत्र के जंगल में खड़ी फसलों की अतिशीघ्र कर्टाई कराने का जिम्मा सौंपा है।
फसल की कटाई अपेक्षित ढंग में न होने से संपर्क मार्गों समेत मेला स्थल को आपस में जोड़ने वाले रास्तों पर अस्थाई सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस मुद्दे पर जिला पंचायत की शिकायतों के मद्देनजर सोमवार को मेलाधिकारी शमशाद हुसैन ने मेला स्थल का दौरा किया। फसलों का कटान न होने पर कड़ी नाराजगी जताई और किसानों को अल्टीमेटम दिया कि गन्ने की कटाई में देरी करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। मेलाधिकारी ने बताया कि फसलों के कटान में तेजी लाने के मकसद से लेखपालों समेत राजस्व टीम को मौके पर मौजूद रहकर फसल कटवाने का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि जिला पंचायत विभाग को गंगा किनारे कटान वाली भूमि को समतल कराकर अविलंब अस्थाई स्नानघाट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
फसल की कटाई अपेक्षित ढंग में न होने से संपर्क मार्गों समेत मेला स्थल को आपस में जोड़ने वाले रास्तों पर अस्थाई सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस मुद्दे पर जिला पंचायत की शिकायतों के मद्देनजर सोमवार को मेलाधिकारी शमशाद हुसैन ने मेला स्थल का दौरा किया। फसलों का कटान न होने पर कड़ी नाराजगी जताई और किसानों को अल्टीमेटम दिया कि गन्ने की कटाई में देरी करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। मेलाधिकारी ने बताया कि फसलों के कटान में तेजी लाने के मकसद से लेखपालों समेत राजस्व टीम को मौके पर मौजूद रहकर फसल कटवाने का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि जिला पंचायत विभाग को गंगा किनारे कटान वाली भूमि को समतल कराकर अविलंब अस्थाई स्नानघाट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
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