{"_id":"112-40574","slug":"Hapur-40574-112","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल चोरी के विवाद में हुई थी विक्की की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल चोरी के विवाद में हुई थी विक्की की हत्या
Hapur
Updated Sun, 12 Oct 2014 05:33 AM IST
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हापुड़। न्यू राजीव विहार इलाके में हुई विक्की हत्याकांड मामले पुलिस ने शनिवार को एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि विक्की का मोबाइल चोरी होने पर हुए विवाद में उसके साथियों ने ईट से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। हालांकि हत्याकांड का मुख्य आरोपी अब पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी तलाश के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक राम नयन यादव ने बताया कि 4 अक्तूबर को न्यू राजीव विहार से रक्तरंजित शव बरामद किया गया था। शव की शिनाख्त मुरादाबाद के हरथला झांझनपुर निवासी अनिल अग्रवाल ने अपने लापता बेटे कार्तिक अग्रवाल के रूप में की थी। लेकिन इस मामले में रोचक मोड़ उस समय आया, जब टीचर्स कालोनी निवासी संतोष पत्नी सतीश ने शव के कपड़ों को देखकर उसकी पहचान विकास उर्फ विक्की के रूप में की। उसने बताया था कि उसका बेटा 3 अक्तूबर की शाम से लापता है। शव की तलाशी लेने पर उसकी जेब से दो चाबी मिली थीं, जिसकी जांच करने पर वह ट्रंक और टूल बॉक्स की निकली।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार रात पुलिस टीम मोदीनगर तिराहे पर तलाशी कर रही थी। तभी सूचना मिली कि विक्की हत्याकांड के तीन आरोपी तिराहे पर भागने की फिराक में खड़े है। पुलिस ने घेराबंदी करते तीन युवकों को दबोच लिया जबकि एक आरोपी पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान एक नाबालिग दूसरा पंकज और महेश निवासी आदर्शनगर कालोनी के रूप में की गई है। जबकि गांव छपकौली थाना बाबूगढ़ निवासी नन्हे पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि 30 सितंबर को पंकज ने विक्की का मोबाइल फोन ट्रंक में छिपा दिया था। जिसकी जानकारी विक्की ने महेश और फरार आरोपी नन्हे को दी। जिस पर 3 अक्तूबर को पांच लोगों के बीच आपस में गाली-गलौच हुई। इसी बात से खुन्नस खाकर नन्हे ने उसके सिर और चेहरे पर ईंट से प्रहार कर हत्या कर दी। जबकि महेश ने उसके हाथ पकड़े थे। उन्होंने बताया कि हत्याकांड का खुलासा होने के बाद मुख्य आरोपी नन्हे की तलाश में तीन टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है।
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कार्तिक या विक्की? अब होगी पहचान
मुरादाबाद। हापुड़ के न्यू राजीव नगर में मिली लाश कार्तिक की थी या विक्की की, अब इसकी वैज्ञानिक रूप से पहचान हो जाएगी। शनिवार को दोनों के परिजनों ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर अपने ब्लड सैंपल दिए। अस्पताल के डाक्टर राजेंद्र सिंह सैनी ने नमूने एकत्र करके फोरेंसिक टीम को सौंपे। मंगलवार तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। बीती 22 सितंबर की सुबह महाराजा अग्रसेन स्कूल जाते समय हरथला झांझनपुर निवासी अनिल अग्रवाल का बेटा कार्तिक (16) रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। 25 को श्रीगंगानगर से एक व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि कार्तिक के शैक्षिक प्रमाणपत्र वहां एक मालगाड़ी के वैगन से मिले हैं। इसके बाद परिजनों ने मुख्य सचिव से गुहार लगाई थी। लेकिन पुलिस ने कार्तिक की तलाश शुरू नहीं की। बाद में परिजनों ने ही कार्तिक की साइकिल रेलवे स्टेशन के स्टैंड से बरामद की। लेकिन दशहरा से अगली सुबह अचानक हापुड़ के न्यू राजीव विहार में एक किशोर का शव मिला। तब कार्तिक के परिजनों ने हापुड़ जाकर बेटे के रूप में शव की शिनाख्त की और मुरादाबाद लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। मामले की जांच चल ही रही थी कि हापुड़ की टीचर्स कालोनी में रहने वाली महिला संतोष ने भी थाने जाकर शव के कपड़ों की शिनाख्त अपने बेटे विकास उर्फ विक्की के रूप में की। तब अफसरों में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने डीएनए टेस्ट के लिए पिछले दिनों शव के कपड़े और राख से दांत व अस्थि को एकत्र किया था। शनिवार को पुलिस ने कार्तिक की मां शीतल, पिता अनिल अग्रवाल और शाम को विक्की की मां संतोष को बुलाकर उनके ब्लड सैंपल लिए।
जिस ट्रैक से गई ट्रेन, उस पर चलेगी पुलिस
मुरादाबाद। जिस ट्रैक से कोयले की मालगाड़ी राजस्थान के श्रीगंगानगर तक गई थी, अब उस ट्रैक पर पुलिस टीम चलेगी। कार्तिक को जिंदा मानकर मुरादाबाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। एसएसपी के निर्देश पर कार्तिक की बरामदगी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। माना जा रहा है कि कार्तिक मालगाड़ी में सवार होकर ही स्टेशन से गया। लापता होने के तीन दिन बाद 25 सितंबर को कार्तिक के पिता के पास श्रीगंगानगर से किसी व्यक्ति का फोन आया था।
फोन करने वाले ने बताया कि कुछ दस्तावेज मालगाड़ी के वैगन पर पालिथिन में बंधे मिले हैं। जो कार्तिक के हैं। इसके बाद थाने से दो सिपाहियों को श्रीगंगानगर के पावर प्लांट भेजा गया। जहां दस्तावेज बरामद हुए। उधर, हापुड़ में शव की पहचान विक्की के रूप में होने के बाद मुरादाबाद पुलिस ने कार्तिक की तलाश शुरू की।
सीओ सिविल लाइंस महेश कुमार ने बताया कि जिस मालगाड़ी में कार्तिक के शैक्षिक प्रमाणपत्र मिले। वह कोयले से भरी थी और मुरादाबाद होते हुए श्रीगंगानगर तक गई थी। मुमकिन है कि इसी ट्रेन से कार्तिक निकला और किसी कारणवश उसके प्रमाणपत्र छूट गए। पुलिस की दो टीमें भेजी गई हैं। जो रेलवे ट्रैक और उसके आसपास पड़ने वाले गांवों में जाकर संपर्क करेंगी।
शव के ब्लड सैंपल और राख से मिले अवशेष पहले ही सुरक्षित रख लिए गए थे। दोनों के परिवारवालों के ब्लड सैंपल भी ले लिए गए हैं। रविवार को उसे लखनऊ लैब भेजा जाएगा। डायरेक्टर से बात हो गई है। अरुण कुमार शर्मा, विधि वैज्ञानिक
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अपर पुलिस अधीक्षक राम नयन यादव ने बताया कि 4 अक्तूबर को न्यू राजीव विहार से रक्तरंजित शव बरामद किया गया था। शव की शिनाख्त मुरादाबाद के हरथला झांझनपुर निवासी अनिल अग्रवाल ने अपने लापता बेटे कार्तिक अग्रवाल के रूप में की थी। लेकिन इस मामले में रोचक मोड़ उस समय आया, जब टीचर्स कालोनी निवासी संतोष पत्नी सतीश ने शव के कपड़ों को देखकर उसकी पहचान विकास उर्फ विक्की के रूप में की। उसने बताया था कि उसका बेटा 3 अक्तूबर की शाम से लापता है। शव की तलाशी लेने पर उसकी जेब से दो चाबी मिली थीं, जिसकी जांच करने पर वह ट्रंक और टूल बॉक्स की निकली।
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अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार रात पुलिस टीम मोदीनगर तिराहे पर तलाशी कर रही थी। तभी सूचना मिली कि विक्की हत्याकांड के तीन आरोपी तिराहे पर भागने की फिराक में खड़े है। पुलिस ने घेराबंदी करते तीन युवकों को दबोच लिया जबकि एक आरोपी पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान एक नाबालिग दूसरा पंकज और महेश निवासी आदर्शनगर कालोनी के रूप में की गई है। जबकि गांव छपकौली थाना बाबूगढ़ निवासी नन्हे पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि 30 सितंबर को पंकज ने विक्की का मोबाइल फोन ट्रंक में छिपा दिया था। जिसकी जानकारी विक्की ने महेश और फरार आरोपी नन्हे को दी। जिस पर 3 अक्तूबर को पांच लोगों के बीच आपस में गाली-गलौच हुई। इसी बात से खुन्नस खाकर नन्हे ने उसके सिर और चेहरे पर ईंट से प्रहार कर हत्या कर दी। जबकि महेश ने उसके हाथ पकड़े थे। उन्होंने बताया कि हत्याकांड का खुलासा होने के बाद मुख्य आरोपी नन्हे की तलाश में तीन टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है।
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कार्तिक या विक्की? अब होगी पहचान
मुरादाबाद। हापुड़ के न्यू राजीव नगर में मिली लाश कार्तिक की थी या विक्की की, अब इसकी वैज्ञानिक रूप से पहचान हो जाएगी। शनिवार को दोनों के परिजनों ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर अपने ब्लड सैंपल दिए। अस्पताल के डाक्टर राजेंद्र सिंह सैनी ने नमूने एकत्र करके फोरेंसिक टीम को सौंपे। मंगलवार तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। बीती 22 सितंबर की सुबह महाराजा अग्रसेन स्कूल जाते समय हरथला झांझनपुर निवासी अनिल अग्रवाल का बेटा कार्तिक (16) रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। 25 को श्रीगंगानगर से एक व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि कार्तिक के शैक्षिक प्रमाणपत्र वहां एक मालगाड़ी के वैगन से मिले हैं। इसके बाद परिजनों ने मुख्य सचिव से गुहार लगाई थी। लेकिन पुलिस ने कार्तिक की तलाश शुरू नहीं की। बाद में परिजनों ने ही कार्तिक की साइकिल रेलवे स्टेशन के स्टैंड से बरामद की। लेकिन दशहरा से अगली सुबह अचानक हापुड़ के न्यू राजीव विहार में एक किशोर का शव मिला। तब कार्तिक के परिजनों ने हापुड़ जाकर बेटे के रूप में शव की शिनाख्त की और मुरादाबाद लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। मामले की जांच चल ही रही थी कि हापुड़ की टीचर्स कालोनी में रहने वाली महिला संतोष ने भी थाने जाकर शव के कपड़ों की शिनाख्त अपने बेटे विकास उर्फ विक्की के रूप में की। तब अफसरों में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने डीएनए टेस्ट के लिए पिछले दिनों शव के कपड़े और राख से दांत व अस्थि को एकत्र किया था। शनिवार को पुलिस ने कार्तिक की मां शीतल, पिता अनिल अग्रवाल और शाम को विक्की की मां संतोष को बुलाकर उनके ब्लड सैंपल लिए।
जिस ट्रैक से गई ट्रेन, उस पर चलेगी पुलिस
मुरादाबाद। जिस ट्रैक से कोयले की मालगाड़ी राजस्थान के श्रीगंगानगर तक गई थी, अब उस ट्रैक पर पुलिस टीम चलेगी। कार्तिक को जिंदा मानकर मुरादाबाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। एसएसपी के निर्देश पर कार्तिक की बरामदगी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। माना जा रहा है कि कार्तिक मालगाड़ी में सवार होकर ही स्टेशन से गया। लापता होने के तीन दिन बाद 25 सितंबर को कार्तिक के पिता के पास श्रीगंगानगर से किसी व्यक्ति का फोन आया था।
फोन करने वाले ने बताया कि कुछ दस्तावेज मालगाड़ी के वैगन पर पालिथिन में बंधे मिले हैं। जो कार्तिक के हैं। इसके बाद थाने से दो सिपाहियों को श्रीगंगानगर के पावर प्लांट भेजा गया। जहां दस्तावेज बरामद हुए। उधर, हापुड़ में शव की पहचान विक्की के रूप में होने के बाद मुरादाबाद पुलिस ने कार्तिक की तलाश शुरू की।
सीओ सिविल लाइंस महेश कुमार ने बताया कि जिस मालगाड़ी में कार्तिक के शैक्षिक प्रमाणपत्र मिले। वह कोयले से भरी थी और मुरादाबाद होते हुए श्रीगंगानगर तक गई थी। मुमकिन है कि इसी ट्रेन से कार्तिक निकला और किसी कारणवश उसके प्रमाणपत्र छूट गए। पुलिस की दो टीमें भेजी गई हैं। जो रेलवे ट्रैक और उसके आसपास पड़ने वाले गांवों में जाकर संपर्क करेंगी।
शव के ब्लड सैंपल और राख से मिले अवशेष पहले ही सुरक्षित रख लिए गए थे। दोनों के परिवारवालों के ब्लड सैंपल भी ले लिए गए हैं। रविवार को उसे लखनऊ लैब भेजा जाएगा। डायरेक्टर से बात हो गई है। अरुण कुमार शर्मा, विधि वैज्ञानिक