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खूनी रंजिश की थी खबर फिर भी लापरवाह रही खाकी
Hapur
Updated Sun, 10 Aug 2014 05:30 AM IST
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पिलखुवा। अनवरपुर गांव में दो पक्षों के बीच चल रही खूनी रंजिश की जानकारी पुलिस को है, इसके बाद भी खाकी की लापरवाही कई सवाल खड़े कर रही है। भाकियू नेता के भाई प्रमोद की हत्या के बाद भी पुलिस ने सबक नहीं लिया। गांव में तनाव के बावजूद पुलिस की तैनाती न होना लापरवाही की बानगी है। जबकि हत्या आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। ऐसे में फिर वारदात को लेकर दहशत है। भाकियू ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। इससे भी हंगामे के आसार बन रहे हैं।
शुक्रवार को अनवरपुर गांव में दिनदहाड़े सात लोगों ने भाकियू के जिला संयोजक मनोज तोमर के भाई प्रमोद तोमर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। माना जा रहा है कि हत्या कुनबे से चल रही रंजिश के कारण हुई है। खास बात यह है कि प्रमोद की हत्या जांच में पुलिस पर सियासी दबाव का आरोप है। पुलिस आरोपों को किनारे करने के बजाय फिर लापरवाही करती नजर आ रही है। प्रमोद के हत्यारोपी अभी तक पकड़ से दूर हैं। इसके बावजूद गांव में पीड़ित परिवार की सुरक्षा के मद्ेदनजर सिपाही तक तैनात नहीं हैं। आरोपियों का घर भी इसी गांव में है। ऐसे में तनाव होते हुए भी खाकी कार्रवाई न के बराबर है। मृतक प्रमोद के भाई भाकियू के जिला संयोजक मनोज तोमर बताते हैं कि हमलावर फरार होते वक्त उसे और उसके परिवार को खत्म करने की धमकी देकर गए थे। इसकी सूचना शुक्रवार को ही घटना स्थल पर कोतवाली पुलिस एवं आला अधिकारियों को दे दी गई थी।
तूल पकड़ रहा मामला
भाकियू के राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह ने डीएम एवं एसपी देहात से बातचीत कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का वक्त दिया है। मामले की खबर मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान, बागपत के सत्यपाल सिंह एवं गाजियाबाद के सांसद वीके सिंह तक पहुंच गई है। इसके चलते सड़क से संसद तक मामला गूंजने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। शनिवार को सांत्वना देने पहुंचने वालों में भाजपा नेता वाईपी सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर सिंह, शिवकुमार तोमर, सुरेश चौहान, रामपाल चौहान, हरेंद्र चौहान, विनोद तोमर, रिंकू राघव, भोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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वारदात को गंभीरता से लिया जा रहा है। हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। एक दरोगा और दो सिपाहियों की तैनाती गांव में है।
-विशाल यादव, सीओ हापुड़
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शुक्रवार को अनवरपुर गांव में दिनदहाड़े सात लोगों ने भाकियू के जिला संयोजक मनोज तोमर के भाई प्रमोद तोमर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। माना जा रहा है कि हत्या कुनबे से चल रही रंजिश के कारण हुई है। खास बात यह है कि प्रमोद की हत्या जांच में पुलिस पर सियासी दबाव का आरोप है। पुलिस आरोपों को किनारे करने के बजाय फिर लापरवाही करती नजर आ रही है। प्रमोद के हत्यारोपी अभी तक पकड़ से दूर हैं। इसके बावजूद गांव में पीड़ित परिवार की सुरक्षा के मद्ेदनजर सिपाही तक तैनात नहीं हैं। आरोपियों का घर भी इसी गांव में है। ऐसे में तनाव होते हुए भी खाकी कार्रवाई न के बराबर है। मृतक प्रमोद के भाई भाकियू के जिला संयोजक मनोज तोमर बताते हैं कि हमलावर फरार होते वक्त उसे और उसके परिवार को खत्म करने की धमकी देकर गए थे। इसकी सूचना शुक्रवार को ही घटना स्थल पर कोतवाली पुलिस एवं आला अधिकारियों को दे दी गई थी।
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तूल पकड़ रहा मामला
भाकियू के राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह ने डीएम एवं एसपी देहात से बातचीत कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का वक्त दिया है। मामले की खबर मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान, बागपत के सत्यपाल सिंह एवं गाजियाबाद के सांसद वीके सिंह तक पहुंच गई है। इसके चलते सड़क से संसद तक मामला गूंजने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। शनिवार को सांत्वना देने पहुंचने वालों में भाजपा नेता वाईपी सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर सिंह, शिवकुमार तोमर, सुरेश चौहान, रामपाल चौहान, हरेंद्र चौहान, विनोद तोमर, रिंकू राघव, भोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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वारदात को गंभीरता से लिया जा रहा है। हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। एक दरोगा और दो सिपाहियों की तैनाती गांव में है।
-विशाल यादव, सीओ हापुड़